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तारीख: गृहमंत्री की बेटी को छुड़ाने के लिए 5 आतंकियों की रिहाई, क्या कोई षड्यंत्र था?

JKLF की तरफ से 20 आतंकियों के नाम सरकार को भेजे गए.

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तारीख. जिसमें हम सुनाते हैं उस तारीख से जुड़ी हुई ऐतिहासिक कहानियां. तारीख थी 8 दिसंबर 1989. यानी आज का ही दिन. वी.पी.सिंह को सत्ता संभाले अभी हफ्ता भी नहीं बीता था. दोपहर करीब 3 बजे देश के पहले मुसलमान गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद गृह मंत्रालय में पहली बार अधिकारियों से रूबरू हो रहे थे. उसी वक्त उनकी बेटी रूबिया सईद अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद ललदद हॉस्पिटल से निकलीं. MBBS का कोर्स पूरा करने के बाद इसी हॉस्पिटल में रूबिया इंटर्नशिप कर रही थीं. उस रोज हॉस्पिटल से निकलकर रूबिया एक ट्रांजिट वैन में सवार होती हैं. वैन का नंबर था- JFK 677. वैन लाल चौक से श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम की तरफ जा रही थी. रूबिया जैसे ही चानपूरा चौक के पास पहुंची, वैन में सवार तीन लोगों ने गनपॉइंट पर वैन को रोक लिया. रूबिया सईद को वैन से नीचे उतारकर सड़क के दूसरी तरफ खड़ी नीले रंग की मारुति कार में बैठा लिया. रूबिया को छुड़ाने के लिए पांच आतंकियों को रिहा किया गया. इसके पीछे कई साजिशों का भी जिक्र होता रहा है. देखें वीडियो.

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