तारीख़. जिसमें हम सुनाते हैं उस तारीख़ से जुड़ी हुई भारत की ऐतिहासिक कहानियां. आज 4 जनवरी है और आज का संबंध है मेहर चंद महाजन से. 15 अगस्त की रात नेहरू घोषणा करते हैं. भारत आज़ाद हो चुका था. पड़ोसी देश पाकिस्तान इससे एक दिन पहले ही अपनी आजादी की घोषणा कर चुका था. वायसरॉय माउंटबेटन यहां भी थे और वहां भी. यूं तो माउंटबेटन, जिन्ना और नेहरू से मुस्कुराकर बात कर रहे. लेकिन माउंटबेटन के मन में बार बार दिल्ली में वायसराय ऑफ़िस के एक लॉकर का ख़्याल आ रहा था. वैसे तो लॉकर में बंद होने से ही चीज़ की अहमियत बढ़ जाती है. लेकिन इस लॉकर में बंद चीज़ से ये फैसला तक होना था कि वो लॉकर कहां जाएगा, भारत में या पाकिस्तान में? देखिए वीडियो
तारीख: ये न होते तो पाकिस्तान में होता गुरदासपुर!
माउंटबेटन के मन में इस लॉकर का ख्याल आ रहा था.
Advertisement
Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)












