एक किरदार है, जिसे आने वाले कुछ दिन का समय चाहिए. एक दूसरा किरदार है, जिसे अपना बीता हुआ समय वापस चाहिए. एक के लिए समय की शक्ल है- मोहलत. दूसरे के लिए समय की शक्ल है- रेत. रेत, जो फिसल गई. समय की अलग-अलग तस्वीरों से रूबरू कराते इन दोनों किरदारों पर बात करेंगे. जहां पहला किरदार है- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया. और दूसरा किरदार है दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक एक्स प्रफेसर. साथ में बात करेंगे देश के सबसे बड़े सूबे की, वहां के कुछ नए माननीयों की.
दी लल्लनटॉप शो: लोकसभा चुनाव से पहले चंदा देने वालों का नाम क्यों नहीं बता रहा SBI?
सुप्रीम कोर्ट ने ये जानकारी 6 मार्च तक देने के लिए कहा था लेकिन एसबीआई ने 30 जून तक का समय मांगा है.
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