‘एक देश, एक चुनाव’ (One Nation One Election). इसके पीछे कई तरह के तर्क हैं. सरकार का तर्क है कि इससे चुनाव की लागत और व्यवधान कम होंगे. जबकि विपक्ष भारत के लोकतंत्र पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता जताता है. ऐसे में, 'आसान भाषा में' (Aasan Bhasha Mein) के इस एपिसोड में इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे. 28 साल के चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा. देखिए वीडियो.
आसान भाषा में: क्या राष्ट्रीय एजेंडे, राज्य के मुद्दों पर हावी हो जायेंगे? वन नेशन वन इलेक्शन से किसको फायदा?
संसद में पेश किए गए "एक राष्ट्र, एक चुनाव" के प्रस्ताव के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां आ सकती हैं? अगर ये लागू हो जाए, तो भारत में हर 5 साल में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं, दोनों के लिए एक साथ चुनाव होंगे.
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