एक ऐसे नेता की कहानी है, जिसने लड़ झगड़कर अपना झंडा बुलंद किया. सोनिया गांधी से खफा हुआ तो कांग्रेस छोड़ दी और अपनी पार्टी बना ली. जब गुस्सा फूटा तो अपने विरोधियों की राजनीतिक जमीन तक को हिला दिया. आरोप लगे कि उसने दाऊद इब्राहीम को आत्मसमर्पण करने से रोक दिया. फिर उसने महीनों इंतजार किया, फिर अपनी सफाई लिखी. और प्रधानमंत्री को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया. आज की पढ़ी गई किताब है, शरद पवार की ऑटोबायोग्राफी “अपनी शर्तों पर, जमीनी हकीकत से सत्ता के गलियारों तक”. देखें वीडियो.
किताबी बातें: शरद पवार की राजनीति के दिलचस्प किस्से, दांव-पेच, हार-जीत और इल्जाम
जब गुस्सा फूटा तो अपने विरोधियों की राजनीतिक जमीन तक को हिला दिया.
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