ये सीन 31 जनवरी 2024 को अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सेनेट की विशेष सुनवाई में दिखा. जहां पर मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने ऐसे लोगों से माफ़ी मांगी, जिनके बच्चे ऑनलाइन बुलींग और हैरेसमेंट के शिकार हुए. दरअसल, अमेरिकी सांसदों ने कहा था कि दिग्गज टेक कंपनियां बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहीं हैं. इसके चलते ये प्लेटफ़ॉर्म्स मानसिक और यौन शोषण का अड्डा बन चुके हैं.
दुनियादारी: क्या अमेरिका Social Media पर बैन लगाएगा, संसद में बवाल?
टेक कंपनियों पर किस तरह के आरोप हैं?
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इसलिए, सेनेट ज्युडिशियरी कमिटी ने कंपनियों के मालिकों को बुलावा भेजा. ताकि वे आएं और चिंताओं पर जवाब दें. इस सुनवाई में पीड़ित बच्चों के घरवालों को भी बुलाया गया था.
आज के शो में हम जानेंगे,
- 31 जनवरी की सुनवाई में क्या हुआ?
- टेक कंपनियों पर किस तरह के आरोप हैं?
- और, इस सुनवाई का आम लोगों पर क्या असर हो सकता है?
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