यूनिफॉर्म का पहला मकसद है एक कैरेक्टर डेवेलप करना. एक आइडेंटिटी बनाना. और सैनिक के मन में इस बात की छाप छोड़ना कि वो एक समूह का हिस्सा है. और इस समूह का अपना कल्चर है, हिस्ट्री है. समूह या कहें, तो सेना प्रमुख है, इंडीविजुअल बीलीफ या आइडेंटिटी बाद में आती है.
सेना में हर मौके के लिए अलग-अलग यूनिफॉर्म क्यों?
यूनिफॉर्म से इतर धार्मिक चिन्ह, डिओड्रेंट या मेकअप का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. महिलाओं के लिए सिन्दूर, मंगलसूत्र और आभूषणों पर भी क्लियर इंस्ट्रक्शन दोहराए गए हैं.
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