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क्या हुआ कि यशराज फिल्म्स पर धोखाधड़ी का इतना बड़ा मामला दर्ज हो गया

कलाकारों के 100 करोड़ हड़पने का आरोप है.

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यशराज फिल्म्स के ऊपर आरोप है कि 2012 से लेकर अभी तक उसने कलाकारों के 100 करोड़ रुपए जो रॉयल्टी में मिलते हैं, वो हड़प लिए हैं. ये आरोप IPRS नाम की संस्था ने लगाये हैं. (तस्वीर: बायीं ओर यशराज फिल्म्स का लोगो- ट्विटर/ दायीं ओर आदित्य चोपड़ा)
यशराज फिल्म्स. YRF. बॉलीवुड फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो ये नाम तो ज़रूर ही सुना होगा. ये प्रोडक्शन हाउस अब एक बड़ी मुसीबत में फंस गया है. इस पर अपने कलाकारों की रॉयल्टी हड़पने का आरोप है. करीब 100 करोड़ की. रॉयल्टी उस रकम को कहते हैं जो आपको आपके काम या संगीत के लिए मिलती है. जैसे किताबों के बिकने पर कुछ पैसे रॉयल्टी के रूप में उसके लेखक को मिलते हैं. गानों को लेकर भी कुछ ऐसा ही सीन है.
इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (IPRS). ये एक संस्था है जो संगीत से जुड़े कलाकारों के हक़ के लिए काम करती है. उनकी रॉयल्टी के लि लड़ती है. मतलब उन कलाकारों के लिए जो गाने लिखने, उन्हें कम्पोज़ करने और उन्हें पब्लिश करने से जुड़े हुए हैं. गायकों की रॉयल्टी इकठ्ठा करने के लिए अलग संस्था है, जो ISRA (इंडियन सॉन्ग राइटर्स एसोसिएशन) के नाम से जानी जाती है.
कलाकारों से फर्जी कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाने का आरोप
तो IPRS ने मुंबई पुलिस में शिकायत की है. जिसके मुताबिक, यश राज फिल्म्स ने अपने आर्टिस्ट्स से जबरदस्ती फर्जी कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाए और इसकी रॉयल्टी भी वसूल कर रही है. इसी शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस के EOW विभाग ने YRF के खिलाफ केस दर्ज किया है. इस FIR में YRF के चेयरमैन आदित्य चोपड़ा और उनके छोटे भाई उदय चोपड़ा का नाम है.
यहां बता दें कि ये उन चंद प्रोडक्शन हाउसेज में से हैं जो फिल्म के बनने से लेकर उसके टीवी राइट्स से लेकर उसके म्यूजिक तक सभी चीज़ें मैनेज करते हैं.
Aditya Cho 700 आदित्य चोपड़ा यशराज फिल्म्स के चेयरमैन हैं. उनका और उदय चोपड़ा का नाम भी FIR में दर्ज है. (तस्वीर: ट्विटर)

कलाकारों को कैसे और कहां-कहां से मिलती है उनके काम की रॉयल्टी?
मान लीजिए, आपने गाना लिखा. अब उसे किसी बड़े म्यूजिक प्रोडक्शन हाउस ने एक म्यूजिक कंपोज़र से वो गाना बनवाया, कम्पोज़र ने किसी बड़े सिंगर से वो गाना गवाया. और फिर उस गाने को पब्लिश कर दिया. पॉपुलर हो गया वो गाना. अब वो कहीं रेडियो पर बजेगा, या किसी पब्लिक फंक्शन में, तो उसकी 50 फीसद रॉयल्टी आपको और उस गाने के कम्पोज़र को मिलेगी. बाकी का पचास फीसद उस प्रोडक्शन हाउस को जाएगा. जिसने इस गाने को बनवाने, रिकॉर्ड करने में पैसा लगाया.
वैसे तो कलाकार खुद ही अपने हिस्से की रॉयल्टी क्लेम कर सकते हैं. लेकिन IPRS के ज़रिए उन्हें एक संस्था का साथ मिल जाता है जिससे उन्हें आसानी होती है. कानूनी मदद वगैरह आसानी से अवेलेबल हो जाती है. जैसा स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन जैसी संस्थाओं में होता है. IPRS अपने साथ जुड़े हुए कलाकारों के गानों की डीटेल रखते हैं. गानों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट्स और ऐप्स से भी IPRS गानों की रॉयल्टी लेती है. और उसे कलाकारों को दिलवाती है.
2017 में IPRS ने अपने आप को कॉपीराइट सोसाइटी के रूप में रजिस्टर किया. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, इनके एक ऑफिशियल ने बताया कि 2017-18 में IPRS ने 45 करोड़ रुपए रॉयल्टी के रूप में इकठ्ठा किए, और 18-19 में 166 करोड़ रुपए.
Iprs 700 IPRS जब से कॉपीराइट सोसाइटी बनी है, तब से इसने कलाकारों की तरफ से रॉयल्टी इकठ्ठा करनी शुरू कर दी है. (तस्वीर: IPRS)

 
हक मांगा तो जवाब नहीं मिला, दो साल बाद FIR
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, IPRS ने यशराज फिल्म्स को 2017 में इन्होंने चिट्ठी लिखी थी. कहा था कंपोजर्स और गीतकारों को उनके हक़ का पैसा मिलना चाहिए. लेकिन कथित तौर पर जब कोई जवाब नहीं आया, तो दो महीने पहले IPRS ने शिकायत दर्ज करा दी. अब मुंबई पुलिस के इकॉनोमिक ऑफेंसेज विंग ने यशराज फिल्म्स, उसके चेयरमैन आदित्य चोपड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर उदय चोपड़ा और दूसरों पर धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की है. इस मामले पर यशराज फिल्म्स का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.


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