अब सवाल था कि आधार की अनिवार्यता क्या वास्तव में है या सिर्फ इसी लैब ने ये नियम बना दिया है, या बाकी प्राइवेट लैब भी आधार ही मांग रही हैं? हमने पड़ताल शुरू की. अपोलो डायग्नोस्टिक्स ने क्या कहा? सबसे पहले हमने विकास मार्ग, दिल्ली स्थित Apollo की सेंट्रल लैब से बात की. लैब के सीनियर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव गौरव शर्मा ने बताया,
‘कोविड के सैम्पल कलेक्शन करने और जांच करने के लिए आधार कार्ड मैंडेटरी है. आधार कार्ड पर पेशेंट का करेंट एड्रेस रहता है. दूसरा हमें पेशेंट का स्पेसिमेन रेफ़ेरेल फॉर्म (SRF) भरते वक़्त आधार नंबर की ज़रूरत होती है, जिसके बाद पेशेंट की SRF ID जेनरेट होती है. जिसे हम ICMR के पोर्टल पर अपडेट करते हैं. अगर आप होम कलेक्शन करने आए हमारे एग्जीक्यूटिव से अपने सामने बैठाकर भी SRF ID जेनरेट करवाएं तो आप देख सकते हैं कि वो SRF फॉर्म में आपका आधार नंबर डालेगा. आधार इसलिए भी ज़रूरी है ताकि पता चल सके कि किसी इलाके में कितने पॉजिटिव केस हैं.’इस पर हमारा सवाल था कि एड्रेस प्रूफ के लिए तो ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और बाकी कई ID प्रूफ भी हैं तो सिर्फ आधार कार्ड की अनिवार्यता क्यों है? जवाब में गौरव शर्मा ने बताया,
‘हमे आधार कार्ड की अनिवार्यता के लिए जिले के CMO की तरफ़ से निर्देश हैं, उसी के आधार पर हम आधार कार्ड मांगते हैं और अगर कोई पेशेंट आधार कार्ड देने से मना करता है तो हम टेस्ट परफॉर्म नहीं करते.’हालांकि Apollo Diagnostics की वेबसाइट पर मौजूद एक पुराने आर्टिकल में साफ़ लिखा है
कि कोविड के टेस्ट के लिए कोई भी सरकारी ID दिखाना जरूरी है. यानी सिर्फ़ आधार की अनिवार्यता नहीं है. हमने जब गौरव शर्मा को अपोलो डायग्नोस्टिक्स के इस आर्टिकल का हवाला दिया तो उन्होंने कहा कि हमें वो आर्टिकल भेज दीजिए. हमने उन्हें उन्हीं का आर्टिकल भेज दिया. इसके बाद गौरव शर्मा ने कहा कि वो अपने सीनियर मैनेजमेंट से बात करेंगे और पॉलिसी में जो भी बदलाव करना होता है वो किया जाएगा. मैनेजमेंट से बात कराने के लिए कहने पर गौरव शर्मा ने मना कर दिया. और अपने इस बयान पर कायम रहे कि हम बिना आधार कोई टेस्ट नहीं कर सकते.

अपोलो 24-7 अपोलो हॉस्पिटल की डायग्नोस्टिक्स चेन है (फोटो सोर्स- Twitter/Apollo247)
दूसरी प्राइवेट लैब्स क्या कहती हैं? आधार की अनिवार्यता के लिए जब हमने एक और बड़ी लैब SRL Diagnostics के वसंत विहार, दिल्ली स्थित लैब में संपर्क किया तो हमारी बात विकास कुमार से हुई जो ऑफिस की फ्रंट डेस्क संभालते हैं. विकास ने हमें बताया,
'कोविड के सैम्पल कलेक्शन के लिए आधार मैंडेटरी नहीं है, एड्रेस प्रूफ जरूरी है, जिसके लिए हम आधार कार्ड के अलावा पासपोर्ट भी लेते हैं. SRF फॉर्म भरने के लिए आधार के अलावा पासपोर्ट भी काम करता है. ड्राइविंग लाइसेंस हम नहीं लेते हैं.’इसी लैब के इंचार्ज नाजिम अनवर कहते हैं,
'अगर किसी बच्चे का कोविड टेस्ट होना है और उसका आधार कार्ड नहीं है तो हम ID Proof के तौर पर बर्थ सर्टिफिकेट लेते हैं. इसके अलावा कोई भी सरकारी ID प्रूफ है तो भी टेस्ट करेंगे.'

SRL डायग्नोस्टिक्स (फोटो सोर्स - facebook)
एक और बड़ी लैब Dr. Lal Pathlabs से हुई बातचीत में भी यही कहा गया कि आधार कार्ड मैंडेटरी नहीं है. लेकिन बात करने वाले व्यक्ति ने अपनी लीगल टीम के रजत कालरा का नंबर दिया और कहा कि आधिकारिक बयान वही देंगे. उनसे संपर्क किया गया तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला. रजत ने कहा कि कुछ देर बाद सटीक जवाब दे पाएंगे, और उसके बाद कई बार कोशिश की गई, लेकिन उनका फ़ोन नहीं उठा.

Dr. Lal Pathlabs (फोटो सोर्स- आज तक)
ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय क्या कहता है? अपोलो की लैब से हुई बातचीत में हमें इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के निर्देशों का हवाला दिया गया था. ICMR ने 31 दिसंबर 2021 को लैब्स की एक लिस्ट जारी की है
जिसमें अलग-अलग राज्यों की कुल 1364 सरकारी और 1453 प्राइवेट लैब्स की डिटेल दी गई है. जिन्हें कोविड की जांच करने की अनुमति दी गई है. ICMR की वेबसाइट पर देखा तो वो SRF फॉर्म भी मिला
जिसे लैब और कलेक्शन सेंटर द्वारा भरकर ICMR के पोर्टल पर
अपलोड किया जाता है.
SRF फॉर्म में मरीज की कई डिटेल्स भरी जानी थीं. जैसा किसी भी सामान्य फॉर्म में होता है. लेकिन इस फॉर्म की लगभग सभी फ़ील्ड्स पर एस्टेरिस्क मार्क था, यानी वो डिटेल्स भरे जाना ज़रूरी है. लेकिन ID प्रूफ के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट दोनों का ऑप्शन था, और इन दोनों पर मैंडेटरी वाला एस्टेरिस्क मार्क भी नहीं था. इस लिहाज से आधार कार्ड या पासपोर्ट दोनों ही कोविड का RT-PCR टेस्ट कराने के लिए अनिवार्य दस्तावेज नहीं कहे जा सकते.
स्थिति साफ़ हो सके, इसके लिए हमने ICMR के RMPCC यानी रिसर्च मैनेजमेंट, पॉलिसी, प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन सेल के हेड डॉक्टर रजनीकांत से बात की. उन्होंने कहा- मेरी जानकारी में SRF फॉर्म के लिए आधार कार्ड मैंडेटरी नहीं है.
डॉक्टर रजनीकांत ने ज्यादा जानकारी के लिए ICMR के ही डॉक्टर नीरज अग्रवाल का नंबर दिया, जो कि प्राइवेट लैब्स की लिस्टिंग आदि संबंधित मामले देखते हैं. उन्होंने कहा- हम इस विषय में जानकारी नहीं दे पाएंगे, हमारा काम सिर्फ सिर्फ लैब के पैनलेशन का है. यानी लैब की लिस्टिंग और उनका एडमिनिस्ट्रेशन. नीरज ने कहा आप मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर (MoHFW) से बात कर लें.

ICMR लोगो (फोटो सोर्स- आज तक)
तो हमने MoHFW के डिप्टी सेक्रेटरी सुनील कुमार से भी बात कर ली. उन्होंने बताया कि ये जानकारी पब्लिक हेल्थ डिवीज़न दे सकेगा. इस पर हमने MoHFW के पब्लिक हेल्थ डिवीज़न के डायरेक्टर गोविन्द जायसवाल से बात करने की कोशिश की. लेकिन लगातार कहा गया कि वो मीटिंग में हैं. हमने मिनिस्ट्री के दूसरे नंबर्स पर बात की, कहा गया कि डिजास्टर मैनेजमेंट सेल से बात कर लीजिए. तमाम अलग-अलग सेल्स और डिवीज़न में कॉल की गई लेकिन सटीक जवाब किसी से नहीं मिल सका. हर विभाग से एक नए विभाग की तरफ़ इशारा कर दिया गया. ये भी कहा गया कि ICMR ही सटीक जानकारी दे पाएगा.
इस बार हमने दोबारा ICMR की तरफ़ रुख किया. और ICMR के एडिशनल डायरेक्टर जनरल डॉक्टर समिरन पांडा से बात की. उन्होंने सारी शंकाओं का स्पष्ट जवाब दे दिया. कहा,
'ICMR के पोर्टल पर टेस्ट कराने वाले मरीजों का SRF फॉर्म अपलोड करने के लिए आधार कार्ड मैंडेटरी नहीं है. पासपोर्ट या कोई भी दूसरी सरकारी ID पर्याप्त है. वो भी नहीं है तो मरीज़ का कोविड टेस्ट करने के लिए मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.'

डॉक्टर समिरन पांडा (फोटो सोर्स -आज तक)
हमने आगे पूछा कि अगर कोई प्राइवेट लैब बिना आधार कार्ड टेस्ट करने से मना करती है तो क्या किया जा सकता है. इस पर पांडा ने जवाब दिया, 'ये लीगल एक्शन का मुद्दा है, ICMR मेडिकल रिसर्च बॉडी है. अगर किसी मरीज को कोई लैब आधार कार्ड न होने के चलते टेस्ट करने से मना करती है तो वो अपने राज्य में स्थानीय स्तर पर शिकायत कर सकता है, स्वास्थ्य विभाग या कानूनी संस्थाओं से भी शिकायत कर सकता है और मदद ले सकता है.'












