टाइट जींस पहनने से 'वासना' बढ़ती है
'दिगंबर मुनि' जी ने कहा कि जींस पहनने से वेजाइना और जींस के बीच घर्षण यानी फ्रिक्शन होता है. उससे लड़कियां एक्साइटेड हो जाती हैं. सेक्स की ख्वाहिश जगती है. और 16 साल जैसी कच्ची उम्र में ही लड़कों की तरफ आकर्षित होती हैं. 'अवैध' संबंध बनाती हैं. चरित्र तो ख़राब होता ही है. मुसीबत में भी फंस जाती हैं.जींस पहनने से सिजेरियन डिलेवरी भी होती है
महाराज के मुताबिक टाइट जींस पहनने से शरीर में जो घर्षण होता है, उससे औरतें इंपोटेंट हो जाती हैं. इसीलिए महिलाओं की डिलेवरी नॉर्मल ना होकर सिजेरियन ही होती है. लड़कियां पहले घाघरा पहना करती थीं. ढीले कपड़े पहना करती थीं. जिससे शरीर में ढीलापन रहता था. लेकिन अब तो औरतें कैसी हो गई हैं बाय गॉड.जल्दी शादी ना होने से बनते हैं 'अवैध' संबंध
महाराज ने कहा कि लड़कियों को जल्दी शादी कर लेनी चाहिए. शादी देर से होती है तो लड़कियां किसी ना किसी लड़के से अटैच हो जाती हैं औऱ फिर उनमें 'अवैध' संबंध बन जाते हैं, जो 'पाप' होता है. लड़कियों की शादी अगर 16 से 18 साल के बीच कर दी जाए तो 'अवैध' संबंधों से बचा जा सकता है.लव जिहाद से तलाक होता है
महाराज ने कहा कि वो पहले लव जिहाद के बारे में नहीं जानते थे. लेकिन फिर उन्हें पता चला कि 'प्रेम-जाल' में लड़कियों को फंसा कर शादी करना लव जिहाद होता है. लड़के भोली लड़कियों को फुसला कर ब्याह लेते हैं. और वेजीटेरियन लड़की को तो नॉन-वेजीटेरियन घर में शादी करनी ही नहीं चाहिए. कर ली तो तलाक होना ही है.3 बच्चे पैदा करो, जैन धर्म को बचाओ
महाराज ने कहा कि जैन समाज 100 साल में साफ़ हो जाएगा धरती से. इसलिए जैन कपल्स को कम से कम 3 बच्चे तो पैदा करने ही चाहिए.लल्लन कहिस
मुनिवर, आपको पूरे महिला समाज की तरफ से शुक्रिया. आपने इतनी अच्छी बातें बताई हैं, जो हमें पता ही नहीं थीं. अब हम सब वासना से बच सकेंगी. जवानी की 'गलतियों' से बच सकेंगी. वैसे जींस पहनने से अगर वेजाइना में घर्षण होता है, तो लिंग में भी तो होता होगा. और जींस पर तो खाप पंचायत ने भी कहा था. कि जींस की वजह से रेप होते हैं. जींस तो पहननी ही बैन करवा देनी चाहिए.और हां, बेवकूफी का कोई धर्म नहीं होता.
























