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जिनकी आंखें नहीं हैं उनके टैलेंट को पहचान दीजिए, सहानुभूति की भीख नहीं

मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज के स्टूडेंट्स की ये अनोखी पहल विजुअली चैलेंज्ड लोगों के प्रति आपकी धारणा को बदल देगी.

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VC Party समाज में विजुअली चैलेंज्ड लोगों के प्रति आम धारणा को बदलना चाहती है. (फोटो- यूट्यूब)
एक युवा म्युजिशियन है. मुंबई शहर का रहने वाला. प्रोफेशनल है. हारमोनियम बजाता है. देश भर में नामी बैंड्स के साथ शो करता है. एक दिन वो किसी शो से वापस आ रहा था. अचानक से उसके हाथ में किसी ने पैसे थमा दिए. वो चौंक गया. सामने वाला व्यक्ति बिना मांगे पैसे दे रहा था. साथ में सहानुभूति भी. क्यों ? क्योंकि म्युजिशियन विजुअली चैलेंज्ड था. विजुअली चैलेंज्ड यानी दृष्टिहीन. ऐसे लोग जो देख पाने में असमर्थ हैं. इस बिन मांगी सहानुभूति से उस म्युजिशियन के स्वाभिमान को ठेस पहुंची. जबकि उसे इसकी कोई जरूरत नहीं थी.
मिलिए VC Pary से मुंबई में ही एक कॉलेज है सेंटे जेवियर्स. यहां के विजुअली चैलेंज्ड स्टूडेंट्स ने पांच साल पहले एक ईमेल ग्रुप बनाया vcparty6. इस ग्रुप को बनाने का उद्देश्य आपस में नोट्स शेयर करना था. फरवरी 2019 में इस ग्रुप को विस्तार दिया गया. इसे ईमेल ग्रुप से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया. नाम रखा गया VC Party. अब यह एक ऐसा इनिशिएटिव है जो विजुअली चैलेंज्ड लोगों के टैलेंट्स को दुनिया के सामने लाता है. ये एक ऐसी पहल है, जो विजुअली चैलेंज्ड स्टूडेंट्स की जिंदगी में रंग भरने की कोशिश करेगा. ये मुहिम सेंट जेवियर्स के ही स्टूडेंट जयेश पांचाल, शाहुल भुजबल और तल्हा अंसारी की है. जबकि ग्रुप के बोर्ड में 15 और मेंबर्स भी हैं. जो स्टूडेंट्स के टैलेंट को दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें से ही एक हैं अजय कुमार शुक्ला. टिस्स यानी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में स्टूडेंट हैं. अजय ग्रुप के लिए वीडियो कॉन्टेन्ट बना रहे हैं. देखिए उन्हीं का बनाया ये वीडियो:

नहीं चाहिए बेवजह की सहानुभूति आपने अपने आसपास, समाज में या फिल्मों में कई बार विजुअली चैलेंज्ड लोगों को देखा होगा. हर बार एक चीज आपको कॉमन दिखी होगी. बेचारगी. हम उन्हें हमेशा असहायों की तरह दिखाते हैं. उनके प्रति संवेदना और सहानुभूति की भावना रखते हैं. लेकिन क्या वे ऐसा चाहते हैं? तो जवाब होगा शायद नहीं. तल्हा अंसारी कहते हैं, ''आप हमारी सहायता करते हैं, अच्छी बात है. हमें सड़क पार कराने में मदद करते हैं, ठीक है. लेकिन हमें स्पेशल ट्रीटमेंट मत दीजिए. हमें इसकी कोई जरूरत नहीं है." ऊपर जो घटना हमने बताई है वो तल्हा के किसी दोस्ती के साथ घटी थी. जिसे उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया था.
तल्हा अंसारी  इस इनिशिएटिव को पूरे देश में फैलाना चाहते हैं.        (फोटो- फेसबुक)
तल्हा अंसारी इस इनिशिएटिव को पूरे देश में फैलाना चाहते हैं.                              (फोटो- फेसबुक)

सोशल मीडिया पर की अपील ग्रुप अब सोशल मीडिया पर है. यहां वे लोगों से जुड़ने की अपील कर रहे हैं. साथ आने को कह रहे हैं. ताकि उनकी इस मुहिम को पूरे देश को जोड़ा जा सके. फाउंडिंग मेंबर तल्हा अंसारी अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं,
''हम अपनी बेचारा की छवि बदलना चाहते हैं. कई बार हमसे दुकानदार पैसे नहीं लेते. कहते हैं आपसे पैसे कौन लेगा. हम इस नरेटिव को बदलना चाहते हैं. हम उस इमेज को बदलना चाहते हैं जो समाज में हमारी बनाई गई है. इसलिए हमारा अनुरोध है कि फेसबुक, ट्विटर पर आप ऐसी फोटोज शेयर करें जो हमारे टैलेंट और क्षमता को दुनिया के सामने रख सकें. हमें बेचारा न साबित करें. इस मुहिम में हमारा साथ दीजिए.''



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