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मुंह पर गोबर लगाने से इस खूबसूरत औरत से बन जाओगे!

पढ़िए क्लियोपैट्रा के बारे में, जिसने एक सांप से अपने स्तन पर कटवाकर मौत को गले लगाया था.

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फोटो - thelallantop
गुजरात गो सेवा और गोचर विकास बोर्ड ने कहा है कि चेहरे पर गाय का गोबर और गोमूत्र लगाने से क्लियोपैट्रा जैसा निखार आएगा. कौन थी क्लियोपैट्रा और वो अपनी खूबसूरती के लिए क्या करती थी, पढ़िए.


'उसकी खूबसूरती दैवीय थी. उसे देखना सुख और रोमांच से भर देता था.'
ये बात कही थी रोम के इतिहासकार कैसिअस डियो ने, क्लियोपैट्रा के मरने के 200 साल बाद.
जब वो 14 साल की थी, उसके पिता राजा टोलेमी की मौत हो गई. क्लियोपैट्रा और उसके छोटे भाई पर इजिप्ट पर राज करने का भार आ गया. पर क्लियोपैट्रा वो औरत नहीं थी, जो ये नहीं करना चाहती. इजिप्ट पर राज करना उसका सपना था. रिवाजों के मुताबिक उसके छोटे भाई से उसकी शादी करा दी गई. लेकिन क्लियोपैट्रा राजपाट को बांटने के मूड में नहीं थी. उसने डिक्लेअर कर दिया कि वो इजिप्ट पर अकेले राज करेगी. क्लियोपैट्रा इजिप्ट की इकलौती रानी बन गई. उसके नाम के सिक्के चलने लगे. लेकिन ये राह इतनी आसान नहीं होने वाली थी.
लोग आदी नहीं थे एक औरत को राज करते हुए देखने के. जो ग्रीक लोग क्लियोपैट्रा के पिता का साथ देते थे, अब उसके बेटे का साथ देने लगे. क्लियोपैट्रा से उसका राज छीन लिया गया. अपने बेटे के साथ उसे इजिप्ट छोड़ बाहर भागना पड़ा. क्लियोपैट्रा का भाई टोलेमी अब इजिप्ट पर राज कर रहा था.
उस समय जूलियस सीजर रोम का राजा था. इकलौता नहीं, रोम पर एक तिकड़ी का राज था. जूलियस सीजर के साथ पॉम्पे राज करता था. सीजर और पॉम्पे के संबंध अच्छे नहीं थे. रोम के अंदर दोनों में लड़ाई चल रही थी. टोलेमी को लगा अगर वो सीजर को खुश कर देगा तो मजा आ जाएगा. उसने पॉम्पे का सर कटवा कर सीजर के क़दमों में धर दिया. सीजर भैया आग बबूला. असल में पॉम्पे सीजर का दामाद भी था. वो पॉम्पे को हराना तो चाहता था, मारना नहीं चाहता था.
क्लियोपैट्रा ने मौका देखा और बाजी मार ली.
रोम में क्लियोपैट्रा की एंट्री का सीन:
https://www.youtube.com/watch?v=4-dspv6LJHM
एक मिथक ये भी है कि उस दिन सीजर अपने सिंहासन पर बैठा था. क्लियोपैट्रा एक गद्दे में लिपटकर आई. और सैनिकों ने गद्दा सीजर के सामने खोल दिया. गोल घूमती हुई क्लियोपैट्रा सीजर के क़दमों पर रुकी. बला की खूबसूरत लड़की, भरी जवानी में, देखे तो आंखों से मार दे, सीजर के क़दमों में पड़ी थी. उस दिन से अपनी मौत तक सीजर ने क्लियोपैट्रा से प्रेम किया. जब सीजर को उसके दुश्मनों ने साजिश कर मार डाला, सीजर का ख़ास एंटनी राजा बना. क्लियोपैट्रा और एंटनी करीब आ गए. और एक दूसरे के प्रेम में पड़ गए.
1963 में जब क्लियोपैट्रा पर फिल्म बनी, एलिज़ाबेथ टेलर ने उसका किरदार किया. एलिज़बेथ के तीखे नैन-नक्श देख लगता था क्लियोपैट्रा ज़मीन पर उतर आई है. आने वाले कई सालों तक क्लियोपैट्रा के नाम पर लोगों की कल्पनाओं में एलिज़ाबेथ टेलर ही बस गई. आज तक बसी हुई है. देखिए '63 की क्लियोपैट्रा का ट्रेलर.
https://www.youtube.com/watch?v=3DdE5sQ4N9k
कहते हैं क्लियोपैट्रा गधी के दूध में शहद और बादाम का तेल मिलाकर नहाती थी. बालों में गुनगुने तेलों का मिक्सचर लगाती थी और चेहरे पर सोने का मास्क लगाकर सोती थी. लेकिन गोमूत्र का जिक्र कभी नहीं आया. मिथक के तौर पर भी नहीं.
 
Cleopatra and Caesar (1866). Painting by Jean-Léon Gérôme
Cleopatra and Caesar (1866). Painting by Jean-Léon Gérôme

क्लियोपैट्रा के बारे में जो बात हम भूल जाते हैं, वो ये कि एक खूबसूरत चेहरे से ज्यादा एक खूबसूरत दिमाग थी वो. एक पुरुषवादी समाज में 14 की उम्र से अपनी जगह बनाने के लिए लड़ना. और आखिरी सांस तक शान से जीना.
क्लियोपैट्रा का शरीर भरा हुआ था. नाक लंबी थी. आज बॉलीवुड में होती तो प्रोड्यूसर वजन घटाने को कहते. पुराने सिक्कों में देखें तो सोचेंगे कि ये तो किसी भी आम औरत की तरह है. लेकिन लिखने वालों ने लिखा है कि उसकी आवाज लोगों पर जादू कर देती थी. उसके ज्ञान और जानकारी के आगे बड़े-बड़े पंडित पसर जाते थे. जैसे इत्र की शीशी खोलने पर उसकी खुशबू बिखर जाती है, क्लियोपैट्रा की महज मौजूदगी में ही कुछ ऐसा था कि आस-पास के लोग सम्मोहित होने लगते थे. उसकी जीभ किसी वाद्य यंत्र के तार की तरह थी. बदलकर कोई भी भाषा बोल सकती थी. और हर भाषा उतनी ही मधुर.

Elizabeth Taylor as Cleopatra
Elizabeth Taylor as Cleopatra
सीजर और एंटनी दुनिया के सबसे बड़े राजाओं में रहे हैं. यूं ही किसी की शक्ल पर ऐसे मोहित नहीं हो सकते कि सब कुछ लुटा दें. क्लियोपैट्रा में कुछ ऐसा था, जो उसके शरीर से बढ़कर था. सीजर और एंटनी की ज़िन्दगी में बहुत सी औरतें आई थीं. पर किसी का वैसा जिक्र नहीं आया जैसा क्लियोपैट्रा का आता है. क्लियोपैट्रा ने सिर्फ इन दो राजाओं को ही नहीं, साल दर साल लेखकों और कवियों को अपने मोह से बांधा है.
क्लियोपैट्रा जैसी सुंदर ही उसकी मौत थी. सुंदर और मौत दो ऐसे शब्द हैं, जो शायद एक साथ कभी नहीं आते. लेकिन क्लियोपैट्रा की मौत में एक अलग ही तरह का काव्य दिखता है.
क्लियोपैट्रा और एंटनी साथ में ऑगस्टस सीजर के खिलाफ लड़ रहे थे. एंटनी युद्ध के मैदान में था. तभी एंटनी की सेना की एक टुकड़ी ने उसे धोखा दे दिया. एंटनी को लगा क्लियोपैट्रा ने अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं. क्लियोपैट्रा युद्ध में एंटनी को हारता देख घबरा गई. उसने स्तन पर डसने के लिए ज़हरीला सांप छोड़ दिया. और एंटनी को संदेश भिजवाया अपनी मौत का. एंटनी ने क्लियोपैट्रा की मौत की खबर सुनकर खुद को तलवार भोंक ली. लेकिन उसका खून जम गया, बहा नहीं. इधर क्लियोपैट्रा ने कहा वो एंटनी को देखना चाहती है. एंटनी को जैसे ही ये खबर मिली, वो क्लियोपैट्रा के पास भागा. क्लियोपैट्रा के चेंबर में वो खिड़की से घुसा, रस्सी के सहारे चढ़कर. जख्मी एंटनी अब मरने लगा था. और ऊपर आकर उसने अपनी आखिरी सांस क्लियोपैट्रा की बांहों में ली, शराब पीते हुए. सांप से कटवा चुकी क्लियोपैट्रा भी वहीं मर गई.
The Death of Cleopatra by Reginald Arthur
The Death of Cleopatra by Reginald Arthur

लेकिन जीती रही लोगों की कल्पनाओं में दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत की तरह.


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