1 अक्टूबर 2012 को श्री लंका में खेला गया टी-20 मैच. लड़कियों के वर्ल्ड कप का ग्यारहवां मैच. पाकिस्तान अपनी बैटिंग में मात्र 98 रन ही बना पाया. पूरी टीम में सिर्फ तीन प्लेयर्स ने दो डिजिट में स्कोर बनाया. सना मीर और नैन अबीदी. सना ने 26 और अबीदी ने 25 रन बनाये. इन दोनों ने बैटिंग की शुरुआत में अच्छा बेस तो ज़रूर बनाया लेकिन इनिंग्स को बड़ा नहीं कर पायीं. इन दोनों के आउट होने पर बाकी की सभी प्लेयर्स का आना-जाना लगा रहा. उसके बाद तो बस अस्माविया इकबाल ही थीं हो 10 रन बना सकीं. इंडिया की तरफ से रासनारा परवीन ने सबसे अच्छी बॉलिंग की. 4 ओवर में 3 विकेट लिए. रन दिए 15. मीर को भी इन्होंने ही आउट किया था.

Sana Mir in action
खैर, इंडिया इस उम्मीद में उतरी थी कि बहुत आराम से जीत जायेंगे. शुरुआत बहुत ही ख़राब रही लेकिन बॉलर से ऑल राउंडर बन चुकी झूलन गोस्वामी ने सारी ज़िम्मेदारी अपने साढ़े छः फुट ऊंचे कन्धों पर उठाई. एक 24 गेंद में 21 रन बना चुकी झूलन आउट हो गयीं. बिस्माह मसरूफ ने उन्हें कैच करवाया. उस वक़्त 16 रन चाहिए थे 10 गेंदों में. और आख़िरी ओवर आने पर 14 रन चाहिए. थे.
निरंजना ने पहली गेंद पे बाउंड्री मारी. लेकिन मामला जब आखिरी गेंद पर आया तो एक और चउव्वे की ज़रुरत थी. नागार्जन निरंजन ने कोशिश तो पूरी की मगर 2 ही रन बना सकीं. टाई के लिए ज़रूरी तीसरे रन को दौड़ने में वो रन आउट हो गयीं. पाकिस्तान सिर्फ एक रन से जीत गया.
लो स्कोरिंग थ्रिलर मैच और आखिर में पाकिस्तान पहली बार इंडिया से वर्ल्ड कप में जीत गया.
















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