22 मार्च 2017: संसद के पास पांच लोगों को मार दिया गया
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में संसद भवन से थोड़ी दूर पर. स्पीड के साथ दौड़ती हुई एक कार आती है और वेस्टमिंस्टर पुल पर राहगीरों को कुचलती चली जाती है. कार से कुचले जाने से चार लोग दम तोड़ देते हैं. चारों तरफ चीख पुकार. क्योंकि 40 लोग और ज़ख़्मी हो जाते हैं. हमलावर संसद की तरफ दौड़ता है और संसद परिसर में एक पुलिस अफसर को चाकू मार देता है. बाद में स्कॉटलैंड यार्ड भी हमलावर को मार गिराते हैं. हमलावर ने जिसे चाकू मारा उस अफसर की भी मौत हो जाती है.
लंदन में संसद भवन से थोड़ी दूर पर चार लोगों को कार से कुचल दिया गया था.
लंदन पुलिस जिस आतंकी को मारती है उसका नाम खालिद मसूद था. जिसे पहले भी कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी थी. 52 वर्षीय खालिद मसूद का जन्म केंट में हुआ था, लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स में रह रहा था.

लंदन में संसद भवन से थोड़ी दूर पर चार लोगों को कार से कुचल दिया गया था.
इस हमले के बाद पूरे लंदन में अलर्ट जारी कर दिया गया था. ब्रिटिश संसद पर हमले के बाद लंदन और बर्मिंघम में आतंकवाद निरोधी अधिकारियों की छापेमारी में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी.
22 मई 2013: सैनिक को मारा और उसका सिर काटा
ब्रितानी सैनिक ड्रमर ली रिग्बी को मारा गया था. ये तारीख इसलिए ब्रिटेन में होने वाले हमलों में दर्ज हो गई. क्योंकि रिग्बी को बड़ी ही बेदर्दी से वूलिच इलाके की सड़क पर सरेआम क़त्ल किया गया था.
ब्रिटिश सैनिक ली रिग्बी
ली रिग्बी ड्यूटी करके पैदल सड़क पर जा रहे थे. दो ब्रिटिश इस्लामिस्ट लड़के कार से आए और ब्रिटिश जवान ली रिग्बी को कुचल दिया. इसके बाद कार से उतरे. उनके पास चाकू और ब्लेड थे. चाकू और ब्लेड से दोनों ने रिग्बी के गले को काटा. लोगों में उन हमलावरों का इतना खौफ था कि किसी की हिम्मत बचाने की नहीं हुई. दूर से ही इसका वीडियो बनाया. बाद में पुलिस ने उन दोनों को दबोच लिया. पकड़े गए ये दोनों हमलावर 29 साल के माइकेल एडोबोलाजो और 22 साल के माइकेल एडेबचवाले थे.
जब कोर्ट ने अपने फैसले में उन दोनों को हत्यारा बताया तो उन्होंने हत्या के आरोप को गलत बताया. जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हत्यारे एडोबोलाजो ने ये बात स्वीकार की थी कि ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों के खिलाफ पश्चिम देश जो युद्ध कर रहे हैं. ये मर्डर उसी की लड़ाई का हिस्सा है.
22 मई 2008: जब बम फोड़ने वाला ही जख्मी हुआ
ब्रिटेन के एक्सेटर में प्रिंसिसशाय मॉल के जिराफ़ कैफ़े में बम ब्लास्ट हुआ. गनीमत ये रही कि इसमें किसी को नुकसान नहीं पहुंचा. बस वही ज़ख़्मी हुआ जो बम फोड़ने आया था. लेकिन 22 मई को ही ये धमाका हुआ. और एक बार फिर आज 22 मई को धमाका हुआ है. इस वजह से इस धमाके को भी नहीं भुलाया जा सकता.ये भी पढ़िए :
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