इसी दौरान मुंबई पुलिस ने सुशांत के कई दोस्तों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से पूछताछ की. ख़बरों में बात चली कि सुशांत को इंडस्ट्री के कुछ टॉप के लोग परेशान कर रहे थे. इसी कारण वो डिप्रेशन से जूझ रहे थे. इसी कड़ी में यशराज फिल्म्स के चेयरमैन आदित्य चोपड़ा, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, डायरेक्टर संजय लीला भंसाली, रिया चक्रवर्ती और राजीव मसंद जैसे लोगों से पूछताछ की गई.
YRF की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा के मुताबिक सुशांत और प्रोडक्शन हाउस के बीच कोई मन-मुटाव नहीं था. सुशांत का कॉन्ट्रैक्ट एक सही नोट पर खत्म हुआ था.# ED और Money Laundering का केस
सुशांत के करीबी और फैन्स मुंबई पुलिस की जांच से खुश नहीं थे. जल्दी ही CBI जांच की मांग उठने लगी. ऑनलाइन पिटिशन फाइल होने लगी. रिया चक्रवर्ती ने 16 जुलाई 2020 को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया. गृहमंत्री अमित शाह को टैग करते हुए. सुशांत के केस में CBI जांच की मांग की. इसके बाद 28 जुलाई को सुशांत के पिता ने रिया और उनके परिवार के खिलाफ पटना में FIR दर्ज करवा दी. सुशांत को सुसाइड करने पर मजबूर करने के आरोप में. FIR में कहा गया,
मेरा बेटा मई 2019 तक अपने करियर के पीक पर था. उसी दौरान रिया और उसके परिवार ने सुशांत से नज़दीकी बनाई. रिया के परिवार ने एक साजिश रची, जिसके तहत रिया इंडस्ट्री में खुद को एस्टैब्लिश कर सके. उसकी नज़र सुशांत की दौलत पर थी.
FIR के फ़ौरन बाद रिया सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. पटना पुलिस की जांच पर स्टे लगवाने के लिए. मांग की कि केस को पटना से मुंबई ट्रांसफर कर दिया जाए. इसके बाद सुशांत के पिता केके सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस फाइल कर दिया. परमिशन मांगी कि रिया पर कोई भी ऑर्डर पास करने से पहले वो उनका पक्ष सुने.
सुशांत के पिता ने ये भी आरोप लगाया था कि रिया ने सुशांत के अकाउंट से 15 करोड़ रुपए गायब कर लिए. इसपर कारवाई करते हुए एनफोर्समेंट डायरेक्टेरेट (ED) ने रिया और उनके परिवार के खिलाफ 31 जुलाई को मनी लौंड्रिंग का केस दर्ज कर दिया. रिया ने इसके बाद एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया. सत्यमेव जयते की बात कही.
ED ने रिया, उनके भाई शौविक और उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती से कई बार पूछताछ की. लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे साबित हो पाता कि रिया के परिवार ने सुशांत के अकाउंट से पैसे ट्रांसफर किए हैं. # Sushant Singh Rajput केस में CBI की एंट्री 19 अगस्त 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने ये केस CBI को सौंप दिया. महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया कि जांच में सहयोग करे. CBI ने केस हाथ में लेते ही पूछताछ शुरू कर दी. रिया और उनके परिवार वालों को भी बुलाया गया. इसी दौरान रिया और उनके भाई शौविक की एक चैट सामने आई. जहां किसी ड्रग्स सप्लायर से बात चल रही थी. इसके बाद CBI ने NCB को अलर्ट कर दिया. फिर NCB ने पूरे बॉलीवुड में ड्रग्स नेटवर्क की जांच शुरू कर दी. जो अब तक चल रही है.

रिया को सितंबर में अरेस्ट किया गया था. फोटो - फाइल
8 सितंबर 2020 को रिया को अरेस्ट कर लिया गया. चार्जेस लगे कि वो सुशांत के लिए ड्रग्स अरेंज करती थीं. कोर्ट को सौंपी एप्लीकेशन में NCB ने कहा कि रिया सुशांत के लिए ड्रग्स अरेंज करती थीं और उनके फाइनेंसेज़ का भी खुद ही ध्यान रखती थीं. बता दें कि 4 सितंबर को उनके भाई शौविक को भी अरेस्ट कर लिया गया था.
AIIMS की एक मेडिकल टीम सुशांत की डेथ की जांच कर रही थी. 28 सितंबर को उन्होंने अपनी रिपोर्ट CBI को सौंप दी. पाया कि सुशांत ने सुसाइड ही किया था. जिसके बाद रिया को भी 7 अक्टूबर को बेल मिल गई. कोर्ट ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे साबित हो सके कि रिया किसी ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा हैं. या फिर उन्होंने सुशांत का फायदा उठाने की कोशिश की हो. 2 दिसम्बर को शौविक को भी बेल पर छोड़ दिया गया. # अभी क्या स्टेट्स है? दिसम्बर में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने CBI पर सवाल उठाए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा,
CBI को सुशांत के केस की जांच करते हुए 5 महीनें से भी ज़्यादा हो गए, पर अब तक रिवील नहीं किया कि सुशांत का मर्डर हुआ था या उन्होंने सुसाइड किया था. मैं CBI से रिक्वेस्ट करता हूं कि जांच में जो भी सामने आया है, उसे जल्द ही रिवील करें.हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुशांत के केस में मीडिया कवरेज पर नाराज़गी जताई. इसमें रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाऊ की रिपोर्टिंग को ‘तिरस्कारपूर्ण’ बताया गया. करंट स्टेटस यही है कि अभी जांच चल ही रही है. अब तक की जांच में कुछ भी कंस्ट्रक्टिव सामने नहीं आया है. ये यकीनन एक चौंकाने वाली बात है. इतने हाई-प्रोफाइल केस पर देश की प्राइम एजेंसी पांच महीनों से ज़्यादा वक्त से काम कर रही है. और अब तक कुछ भी बताने में असमर्थ है. जबकि उम्मीद की जा रही थी कि सीबीआई तेज़ी से कन्क्लूजन पर पहुंच कर दिखाएगी. आख़िरकार ये वो केस है, जिसने तमाम देश की मीडिया को महीनों तक बिज़ी रखा था. खैर.






















