गोल्ड प्लेटेड हनुमान चालीसा यंत्र का ऐड
तीन चार साल पहले मार्केट में एक कमाल की चीज आई थी. ये इंसानी जिंदगी में आने वाली सारी मुश्किलें एक झटके में खत्म कर देता था. तकरीबन 5 हजार की कीमत वाली इस चीज का नाम था "गोल्ड प्लेटेड हनुमान चालीसा यंत्र." लोगों के अंधविश्वास और बजरंगबली के नाम का इस्तेमाल करके इसको धकापेल बेचा गया. इससे किसी की मुश्किल खत्म हुई हो या नहीं, उस दौर में कुछ एक्टर्स की मुश्किलें जरूर कम की थीं. आलोकनाथ से लेकर रोनित राय, शिवाजी साटम, मुकेश खन्ना और ढेर सारे लोग इसका ऐड करते थे. इसके पोस्टर में मनोज कुमार की तस्वीर थी और वो ऐड भी करते दिखे थे. उनका सबसे फेमस गाना "जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने तब दुनिया को गिनती आई" से शुरू होता है. यानी उसमें मैथ और साइंस की बात की गई थी. वो आगे जाकर अंधविश्वास वाले आइटम का प्रचार करेंगे ऐसा मालूम नहीं था.
शाहरुख खान को धर लपेटा
मनोज कुमार बहुत गुस्सहिल आदमी हैं. साल 2008 में शाहरुख खान की फिल्म ओम शांति ओम आई थी. दीपिका पादुकोण की ये पहली फिल्म थी. इस फिल्म में शाहरुख खान ने चेहरे पर मनोज कुमार की स्टाइल में हाथ रखा हुआ था. मनोज को ये मजाक पसंद नहीं आया. शाहरुख खान के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया. पूरे 100 करोड़ की डिमांड कर डाली. केस चलता रहा. 2013 में केस वापस ले लिया.
क्लर्क कम डॉक्टर वाला रोल
ये भारतीय फिल्मों के इतिहास का सबसे आइकनिक सीन है. इसको टक्कर देने के लिए बाद में साउथ इंडियन फिल्मकारों ने बड़ी कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाए. 1989 में क्लर्क फिल्म आई थी. मनोज कुमार उसमें एक ईमानदार क्लर्क बने हुए थे. जो कि गरीबी के कारण थोड़े समय के लिए करप्ट और फिर ईमानदार बन जाते हैं. अशोक कुमार उनके बापू बने थे. बीमार थे तो डॉक्टर नहीं आया. उसको पैसा चाहिए था. तब देखिए कैसे मनोज कुमार ने उनको ठीक किया.ये भी पढ़ें: अज़ान पर फतवा सुचित्रा या सोनू की जगह किसी मौलाना ने दिया होता तो क्या करते?
इस सुपरहिट गाने को अपनी आवाज देकर मीका सिंह ने बेमौत मार दिया





















