2006 में बुढ़ाना गेट थाने के अंदर बिपाशा बसु सीसी करती मरी जा रही थीं. उसी वक्त हमें इल्म हुआ था कि सबसे नमकीन होता है- इश्क का नमक. लेकिन अब इश्क अब जंग के भंवर में बूड़ गया है और नमक हम छिड़क रहे हैं पाकिस्तान से रिश्तों पर.
पाकिस्तानियों को भगाने वालों, सेंधा नमक चाटना भी छोड़ दो!
फवाद खान जा रहे हैं तो वो सेंधा नमक भी लेते जाएं, जिसे चाटकर हमारे व्रतधारी अपना व्रत, स्वाद और बीपी एक साथ बचाए हुए हैं.

लेकिन जब बात उनका सब कुछ हमारे यहां बैन करने पर आ ही गई है, तो इसे व्यक्तियों तक क्या सीमित रखना. फवाद खान जा रहे हैं तो वो सेंधा नमक भी लेते जाएं, जिसे चाटकर हमारे व्रतधारी अपना व्रत, स्वाद और बीपी एक साथ बचाए हुए हैं. आहो जी. पाकिस्तान सिर्फ आतंकवादी और हथियार ही भारत नहीं भेजता, सेंधा नमक भी भेजता है. वही नमक जो नवरात्रे में हम कल्हारे आलू और तली मूंगफली पर छिड़कते हैं. उसी मोहब्बत से, जिससे अपने देश पर जान छिड़कते हैं.

नमक इश्क का गाने में बिपाशा
नौ दिन के नवरात्र में बहुत सारे हिंदू व्रत रखते हैं. व्रत में सफेद नमक नहीं खाया जा सकता, इसलिए उनमें से अधिकांश 'देश का नमक' नहीं खाते. वे खरीदते हैं सेंधा नमक, जिसका नाम बनारस के फूहड़ सम्मेलन में बड़ी संजीदगी से लिया जाता है. भारत में इस नमक का सबसे बड़ा सोर्स हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में है, जिसका मालिकाना हक हिंदुस्तान सॉल्ट्स लिमिटेड के पास है. लेकिन, वहां जो नमक बनता है, वो क्वालिटी के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं होता. और ना ही, पूरे देश को पूरा पड़ता है. इसलिए हम सेंधा नमक मंगाते हैं पाकिस्तान से, ताकि हमारी श्रद्धा और धर्म बचा रहे.

खेवरा की खान
पाकिस्तान से क्यों आता है?
पाकिस्तान के खेवड़ा में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नमक की खान है, जहां सबसे उम्दा सेंधा नमक निकलता है. पाकिस्तान भारत समेत दुनिया के कई देशों में ये नमक एक्सपोर्ट करता है.
2009-10 में पाकिस्तान ने भारत को 27,864 मीट्रिक टन नमक एक्सपोर्ट किया था, जबकि साल 2014-15 में भारत ने 2,710 मीट्रिक टन नमक खरीदा था. पिछले 6 साल में हम वहां से 87,050 मीट्रिक टन नमक मंगा चुके हैं.

खेवरा की खान में बनी मस्जिद
पाकिस्तान के पास इतना सेंधा नमक कैसे आता है
320 बीसी में जब सिकंदर का घोड़ा भारत की तरफ मुड़ा था, तब उसके सैनिकों ने खेवरा वाली खान ढूंढी थी. जब मुगल आए तो उन्होंने इसका बिन्निस शुरू कर दिया. 1872 के बाद इस पर अंग्रेजों का कब्जा हो गया. इस समय यहां से हर साल 3.25 लाख टन सेंधा नमक निकाला जाता है, जिसमें से 2.5 लाख टन बेच दिया जाता है. भारत बड़ी मात्रा में खरीदता है.
व्रत रखने वाले कहां पर कर रहे हैं
इंडियन आर्मी के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बहुत सारे लोग पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स को उनके मुल्क वापस भेजने की डिमांड कर रहे हैं. इनमें से बहुत सारे सलमान खान के फैन भी रहे. कहते थे कि एक बार कमिटमेंट कर दी तो खुद की भी नहीं सुनते, लेकिन जब सलमान ने आर्टिस्ट्स और टेररिस्ट्स में फर्क बता दिया तो अपने भी दुश्मन भी हो गए. समझ में नहीं आया कि 'शिव शिव शिव' कहें या 'लाहौल विला कुव्वत'.
यार, बड़े भाई, चाचा-चाची, अंकल-आंटी. अपने गुस्से को समझिए, वो पाकिस्तान के हुक्मरान के लिए है. कहो कि वो उनकी एजेंसी से है, उनकी सेना से है. लेकिन वहां के बंदों से क्या नफरत पालना! जानते हैं ना कि हम अपने दोस्त चुन सकते हैं, पड़ोसी नहीं. आखिर में, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व में ही दोनों देशों का भला है. इसलिए खूब खाओ उनका नमक. हुलस कर सुनो नुसरत को, आबिदा ताई को, फरीदा आपा को. करने दो फवाद खान को काम. अडानी जी वहां भी बिजनेस लगा रहे हैं. और शोएब अख्तर की कमेंट्री के मज़े लो. गेंद सीमा रेखा के बाहिर जा रही है. शांति के संदेश को भी सीमाओं के निरपेक्ष बहने दो.
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