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वीडियो में जबरन तिरंगा उतारते और संविधान की प्रस्तावना फाड़ते ये कौन लोग हैं?

उदयपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है.

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इस वायरल वीडियो में जो गाड़ी दिखाई दे रही है वो 'जन चेतना' नाम की यात्रा पर निकली थी जिसे उदयपुर के पास किसी गांव के आगे रोक दिया गया, तिरंगा उतारकर संविधान की प्रस्तावना फाड़ दी गई

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो उदयपुर का है. वीडियो में एक गाड़ी है, जिस पर लिखा है, ‘संविधान की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे-हम करेंगे’. 'No NRC' जैसे और भी नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं. वीडियो इसलिए चर्चा में आया, क्योंकि इस गाड़ी को गांव के कुछ लड़के रोक रहे हैं. बाक़ायदा ‘खुल्ली चेतावनी’ दे रहे हैं. ‘लट्ठ’ बजाने की धमकी दे रहे हैं.

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वीडियो हिमांशु पंड्या की फ़ेसबुक वॉल पर सबसे पहले पोस्ट किया गया. इस पोस्ट के साथ हिमांशु ने लिखा–

यह वीडियो उदयपुर के पास खेरोदा का है. इसमें आपको तिरंगे झंडे को नोचते, संविधान की प्रस्तावना फाड़ते और जीप में बैठे नागरिकों को धमकाते गुंडे देखे जा सकते हैं. उदयपुर के आसपास के इलाकों में NRC-CAA के खिलाफ जनचेतना यात्रा के साथ ये सब हुआ, ये वीडियो भी इन गुंडों द्वारा ही बनाया और अपनी वॉल पर जारी किया गया था.

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घटना 19 जनवरी की है और उसी दिन रिपोर्ट लिखा दी गयी थी पर आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
क्या गुंडों को सरकारी संरक्षण मिला हुआ है ?
हिमांशू का कहना है कि वीडियो भी उन्हीं लोगों ने बनाया जिन्होंने गुंडागर्दी की
हिमांशु का कहना है कि वीडियो भी उन्हीं लोगों ने बनाया, जिन्होंने गुंडागर्दी की

# क्या है वीडियो में

वीडियो शुरू होता है एक गाड़ी को रोक रहे शख्स से. वह कहता है,


ये हिस्ट्रीशीटर गांव है. ये ध्यान रखना. कुल मिलाकर कहीं भी नाम मत ले लेना. ये ध्यान रखना. बंद करो ये सब. अब अगर इधर नज़र भी आ गए, तो समझ लेना. और जो भी आपका ये चलाने वाला हो, उसको बोल दो कि अगर उसमें दम है, तो यहां आए, वरना खुल्ली चेतावनी है कि यहां दोबारा ये गाड़ी दिखनी नहीं चाहिए.

इसके बाद उसी शख्स ने गाड़ी में बैठे चंडालिया और उनके साथी से कहा, 'मैं खुल्ला आपके मुंह पे बोल रहा हूं, आप पाकिस्तानी हो. आप हिंदुओं की औलाद भी नहीं हो.'

इसके बाद भीड़ में से किसी की आवाज़ आती है, 'झंडो खोल दे', माने झंडा खोल दो. उसी झंडे को खोलने की बात हो रही है, जो गाड़ी के आगे लगा हुआ है. गाड़ी के बोनट पर संविधान की प्रस्तावना भी लिखी हुई है. वही संविधान की प्रस्तावना, जिसका पहला शब्द ही 'हम' है. मैं या तुम नहीं. उस प्रस्तावना का एक पोस्टर गाड़ी पर लगा दिखाई दे रहा है. एक शख्स गाड़ी से राष्ट्रध्वज निकाल रहा है. निकालने की कोशिश में राष्ट्रध्वज को नोचा जाता है. संविधान की भूमिका के चीथड़े किए जाते हैं. और फिर इन्हीं लोगों में से एक-दो लोग चिल्लाते हैं- एक और झंडा. असल में गाड़ी पर जो तिरंगा लगा था, उसके नीचे एक और झंडा लपेटकर बांधा हुआ दिखाई दे रहा है. ये देखकर भीड़ में से गालियां दी जाती हैं. इसके बाद कुछ लोग 'लट्ठ दो इनको' भी कहने लगते हैं. इसी शोरगुल के बीच गाड़ी आगे निकल जाती है.


# क्या कहना है डॉक्टर हेमेन्द्र चंडालिया का

इस मामले में The Lallantop की टीम ने डॉक्टर हेमेन्द्र चंडालिया से बात की. हेमेन्द्र अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर हैं. इस वायरल वीडियो में हेमेन्द्र गाड़ी में ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठे दिखाई देते हैं.

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19 जनवरी का ये वीडियो है. उदयपुर के कुछ जन संगठनों ने 19 जनवरी से 26 जनवरी तक के लिए ‘जन चेतना यात्रा’ का आयोजन किया था. दक्षिणी राजस्थान के कुछ जिले हैं उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर. इन जिलों से ये यात्रा निकली है. इस यात्रा में हमने CAA और NRC के विरोध में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की. इस यात्रा से हमने लोगों को बताया कि देश में इस समय संविधान-विरोधी नीतियां चल रही हैं. आपसी भाईचारा और धर्म निरपेक्षता के विरोध में ये नीतियां जा रही हैं.

इस वाकये पर हेमेन्द्र कहते हैं ‘

हेमेन्द्र चंडालिया ने आगे बताया,


संविधान की धारा 14 में ये साफ़ लिखा है कि धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है. उस धारा का भी उल्लंघन हो रहा है. ये सारे हमारे मुद्दे थे, जिसके लिए हमने यात्रा शुरू की थी. मैं पेशे से अध्यापक हूं, तो मुझे लगा कि मैं भी इस यात्रा में कुछ भागीदारी कर सकता हूं, इसलिए इसमें शामिल हुआ. और जब उदयपुर शहर से 30-40 किलोमीटर आगे हम निकले, तो शहर के बाहरी इलाके में ही कुछ लोगों ने हमारी गाड़ी को घेर लिया. जैसा कि वीडियो में भी दिख रहा है, उन लोगों ने किस तरीके से गुंडागर्दी की. हमसे लगातार गालियों से बात की गई. धमकाया गया. हमारी गाड़ी पर आगे संविधान की प्रस्तावना लगी थी, उसे फाड़कर चीथड़े कर दिए गए. गाड़ी पर आगे लगा राष्ट्रध्वज जबरन नोचकर उतार लिया गया.

डॉक्टर हेमेन्द्र हमसे बात करते हुए भावुक हो गए. कहने लगे, 'मैंने पूरी ज़िंदगी शिक्षा को दे दी. 30 साल से ज़्यादा हो गए यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हुए, और मुझे क्या कहा जा रहा है. ‘देशद्रोही’. इससे घिनौनी बेइज्ज़ती और किसी की क्या हो सकती है. हम बाहर निकले थे ये कहने कि जो हो रहा है, वो संविधान के हक़ में नहीं है. लेकिन हमारे ही लोगों ने घेरकर हमें देशद्रोही करार दे दिया.'

इस हमले का उन्होंने वीडियो बनाया, फिर अपनी हिम्मत की दाद देते हुए पोस्ट किया और वायरल भी किया.


वीडियो में संविधान की प्रस्तावना फाड़ते शख्स का हाथ दिखाई दे रहा है
वीडियो में संविधान की प्रस्तावना फाड़ते देखा जा सकता है

इसके बाद हेमेन्द्र उदयपुर लौट गए. लौटकर उदयपुर पुलिस के एसपी से शिकायत की. कहा कि ये जो हुआ हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. पूछा कि क्या हमें विरोध दर्ज करने का भी अधिकार नहीं. और उस भीड़ ने राष्ट्रीय ध्वज और संविधान का अपमान किया, इसलिए ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने शिकायत सुनी. अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ FIR हुई.

बात यहीं नहीं रुकी. हेमेन्द्र बताते हैं कि उनकी तस्वीर ली गई और सोशल मीडिया पर डाल दी गई. लिखा गया, 'राजस्थान में इस तरह के देशद्रोही हैं. इन्हें जहां भी देखें, सबक़ सिखाएं.'


वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि जो लड़का ये वीडियो बना रहा है उसका चेहरा भी इसी वीडियो में है. उस लड़के ने दो सेकेंड के लिए कैमरे को सेल्फ़ी मोड में भी इस्तेमाल किया था जिससे उसका चेहरा दिखाई दे रहा है
वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि जो लड़का ये वीडियो बना रहा है, उसका चेहरा भी इसी वीडियो में है. उस लड़के ने दो सेकंड के लिए कैमरे को सेल्फ़ी मोड में भी इस्तेमाल किया था, जिससे उसका चेहरा दिखाई दे रहा है

# पुलिस क्या कहती है

हेमेन्द्र और उनके साथी 19 जनवरी को ही पुलिस के पास गए. उदयपुर एसपी से मिले. शिकायत दी. हेमेन्द्र का कहना है कि वीडियो में कई लड़कों का चेहरा साफ़ दिखाई दे रहा है. तक़रीबन सारे लड़के एक ही गांव के हैं. बावजूद इसके, पुलिस कई दिनों तक लड़कों को नहीं पहचान पाई.

The Lallantop की टीम ने केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से बात की. SHO रंजीत सिंह को इस केस की जांच सौंपी गई है. उनका कहना है शिकायत उसी दिन ले ली गई थी. ये लोग किसी को पहचानते नहीं थे, इसलिए अज्ञात के ख़िलाफ़ FIR लिखी गई थी. रंजीत ने कहा,


हमने चार लड़के पहचान लिए हैं. चारों का नाम FIR में दर्ज हुआ है. शांतिभंग की धारा 151 में चारों को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट से चारों लड़कों को ज़मानत मिल गई है. जांच चल रही है. FIR में जो धाराएं लगाई गई हैं, वो हैं IPC की धारा 341, 143, 427 और 506.

गाड़ी से तक़रीबन नोचकर तिरंगा झंडा उतारता शख्स वीडियो में दिखाई दे रहा है
गाड़ी से तक़रीबन नोचकर तिरंगा झंडा उतारता शख्स वीडियो में दिखाई दे रहा है

# अब क्या हो रहा है

27 जनवरी, सोमवार को हेमेन्द्र और उनके साथ के कुछ लोग दोबारा एसपी से मिलने गए हुए हैं. हेमेन्द्र का कहना है कि उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर निशाना बनाने की कोशिश हो रही है. जिस तरह से उनकी तस्वीर वायरल की जा रही है, वो ख़तरनाक है.

The Lallantop टीम ने एसपी उदयपुर से भी बात करनी की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नंबर आउट ऑफ़ नेटवर्क आता रहा. हेमेन्द्र और उनके साथियों की मांग है कि राष्ट्रध्वज और संविधान के अपमान पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए.




वीडियो देखें:

असम पर विवादित बयान देने के बाद शरजील इमाम पर राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ

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