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जेल में शशिकला की ऐश का पर्दाफाश कर, अफसरों की बखिया उधेड़ने वाली अफसर का ट्रांसफ़र

लोगों के मुताबिक़ नेताओं ने उनसे ईमानदारी की कीमत वसूली है.

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फोटो - thelallantop
कहते हैं कि पुलिस वाले तो सरकार के प्यादे होते हैं. नेता उन्हें अपनी छोटी उंगली पर नचा सकते हैं इसलिए सभी पुलिस वाले समय-समय पर मंत्रियों को तोहफे भेजते हैं कि कुछ भी हो, हमारा ट्रान्सफर खराब जगह न हो. ऐसा तो हमने केवल बॉलीवुड में देखा है कि पुलिस वाला नेता जी की अनदेखी कर दे या उनसे लड़ पड़े. लेकिन कोई है जिसे बीते दिनों ये काम करते देखा गया. मगर इसपर बहुत कम लोगों का ध्यान गया. IPS डी रूपा. पूरा नाम रूपा डी मुद्गिल. बीजेपी के सांसद प्रताप सिम्हा ने एक आर्टिकल को ट्विटर पर चिपकाते हुए लिखा कि ऐसे कई अफसर हैं जिन्होंने अपनी मनचाही जगह पर ट्रान्सफर न मिलने पर अपना राज्य ही बदल लिया. ये बात हिकारत से कही गई थी. प्रताप सिम्हा ने चार IPS अफसरों का नाम भी लिखा था. बता दें कि इन चारों में कहीं भी रूपा का नाम नहीं था. d roopa 6 रूपा ने ये पोस्ट देखा और उन्हें ये भाया नहीं. तो केंद्र में सत्ता में बैठी पार्टी के सांसद से लोहा ले लिया. उन्होंने अपने साथियों के सम्मान के लिए लड़ते हुए लिखा: ब्यूरोक्रेसी को राजनीति से मुक्त रहने दीजिए जनाब. अफसरों को राजनीति में मत घसीटिए. क्योंकि आने वाले समय में इससे सिस्टम और समाज, दोनों को ही कोई फायदा नहीं होगा. इसके आगे रूपा ने लिखा:
'कोई भी जगह पोस्टिंग के लिए अच्छी या बुरी नहीं होती. काम, काम होता है.'
कोई अफसर किसी सांसद का इतने प्रत्यक्ष रूप से विरोध करे, ऐसा हमें कितनी बार देखने को मिलता है? रूपा न्यूज़ से गायब ही हो रही थीं. लेकिन इस बार उन्होंने एक खुलासा कर फिर लोगों में गर्मी ला दी. उन्होंने अपने सीनियर, यानी DGP के सत्यनारायण राव पर ये आरोप लगाया कि वो उनके काम में बाधा डाल रहे हैं. उन्होंने खुलासा किया कि वो बीती 10 जुलाई को उस जेल में गई थीं जहां शशिकला को रखा गया है. शशिकला को उनके बंदीघर से अटैच एक किचन दिया गया है जिसमें उन्हें ख़ास खाना दिया जाता है. ये भी बताया कि ये किचन बनवाने के लिए जेल वालों ने 2 करोड़ रुपये लिए थे. इसके अलावा उन्होंने कई अवैध गतिविधियां होते देखीं. उनके मुताबिक़ उन्होंने 25 कैदियों का ड्रग टेस्ट किया जिसमें 18 को ड्रग पॉजिटिव पाया गया. फेक पेपर स्टैंप केस में दोषी पाए गए अब्दुल करीम तेगी, जिसको भर्ती के वक़्त व्हीलचेयर चलाने के लिए एक व्यक्ति दिया गया था, वो असल में जेल में लेटा 4 लोगों से मालिश करवा रहा था. ये सब DGP के ऑफिस में CCTV की बदौलत देखा जा सकता है. मगर फिर भी इसपर कोई एक्शन नहीं लिया गया. ऐसा रूपा ने दावा किया. अब अपने इस काम के लिए रूपा को उनके सीनियर ने शो कॉज नोटिस भेज दिया. रूपा के मुताबिक़ ये DGP का उनके काम में व्यवधान है, और कुछ नहीं. तमाम विवादों के बाद आज एक नोटिस आया, जिसमें 4 अन्य अफसरों समेत डी रूपा के ट्रांसफर के निर्देश थे. उन्हें परिवहन विभाग में शिफ्ट कर दिया गया है. जाहिर सी बात है, कर्नाटक के सरकारी दफ्तरों और नौकरशाह इमारतों के अंदर हलचल है. जहां पिछले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का कहना है कि ये कर्नाटक में अराजकता को बढ़ाने की ओर एक कदम है, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का कहना है कि ये एक सरकारी प्रोसेस है और इसके बारे में सफाई देना वो जरूरी नहीं समझते. Bengaluru DIG (Prisons) D.Roopa transferred to traffic department. (File Pic) pic.twitter.com/FQrOOkUKun

लेकिन सबसे अकेले लोहा लेने वाली रूपा हैं कौन?

d roopa 2 एक आम औरत, जिनका दिमाग ख़ास है. जब बचपन में कर्नाटक के दावनगेरे शहर में इनका बचपन बीत रहा था, तभी से इन्होंने अपने शानदार दिमाग के नमूने दिखाने शुरू कर दिए. स्कूल के सबसे प्रतिभाशाली बच्चों में से थीं. फिर कॉलेज में आईं तो BA में पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप मारी. हाथ में आया गोल्ड मेडल. जिस तरह की रूपा औरत हैं, उन्हें कभी किसी भी व्यक्ति से अपने गुणों के लिए किसी भी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती. मगर बताने भर के लिए बता दें कि सुंदरता के लिए भी लोग इन्हें याद रखते हैं. जब ये पोस्ट ग्रेजुएशन में थीं, इन्होंने 'मिस दावनगेरे' का खिताब मिला.
आप कहेंगे, ये दौड़ने-भागने जैसे 'मर्दाना' काम 'सुंदर' लड़कियों के नहीं होते. वो तो मुलायम हाथों से आटा गूंथती अच्छी लगती हैं. तो आटा जाएगा तेल लेने, रूपा जैसी कोई औरत आपको चांटा ज़रूर मार देगी. रूपा NCC में रहीं, A, B और C सर्टिफिकेट पाए. जब MA कर रही थीं, इन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में गोवा और कर्नाटक कंटिनजेंट का नेतृत्व किया. और बेस्ट कैडेट का खिताब पाया.
MA के बाद इन्होंने NET का एग्जाम फोड़ा, JRF के साथ. लेकिन IPS की तैयारी करती रहीं. और UPSC में चुने जाने के बाद JRF छोड़ दिया. 43वीं रैंक लाकर इन्होंने IPS चुना. ये बात है साल 2000 की. रूपा शार्प शूटर रहीं और ट्रेनिंग के दौरान कई अवॉर्ड जीते. पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान पांचवीं रैंक थी इनकी. d roopa 4 पिछले साल यानी 2016 में इन्हें राष्ट्रपति से मेडल मिला अपने अच्छे काम के लिए. बता दें कि जब इनकी मध्य प्रदेश में SP के तौर पर पोस्टिंग थी, इन्होंने उस समय की मुख्यमंत्री उमा भारती को धार्मिक दंगों के चलते गिरफ्तार किया था. जब ये बेंगलुरु में DCP के तौर पर पोस्टेड थीं, इन्होंने तमाम पुलिस वालों को VVIP लोगों की सेवा से हटा लिया था. इन लोगों में उस समय के मुख्यमंत्री भी शामिल थे. इसके अलावा कर्नाटक के चीफ मिनिस्टर बीएस येदियुरप्पा के काफिलों में गैर सरकारी ढंग से शामिल होने वाली पुलिस की गाड़ियों को निकलवा लिया था. कुल मिलाकर जिस भी राज्य में रहीं, CM की नाक में दम करके रखा. d roopa 3 एक खुर्राट अफसर और मुंहफट औरत होने के साथ-साथ ये एक ट्रेन्ड भरतनाट्यम डांसर हैं. हिन्दुस्तानी संगीत में भी ट्रेनिंग है इनकी. मतलब औरत के 'औरत' होने के जो भी स्टीरियोटाइप आपने मन में पाले हों, उनपर भरपूर प्रहार चल रहा है इनकी ओर से. इनके पति मुनीश भी IAS अफसर हैं. एक महिला अगर खुर्राट हो, तो हमें जरा सा अचंभा होता है. आदर्श तौर पर नहीं होना चाहिए. क्योंकि पेशा, पेशा होता है. वो औरत करे या मर्द. मगर हम बेटियों को इस तरह बड़ा करते हैं कि हमेशा उन्हें नर्म होना सिखाते हैं. उन्हें ये सिखाते हैं कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए पुरुषों की जरूरत है.
मगर यहां एक औरत तमाम पुरुषों से अकेले लोहा लिए हुए है. सिर्फ पुरुषों से नहीं, बल्कि एक ऐसे सिस्टम से, जिसकी जड़ों में पुरुषवाद भरा हुआ है. वो भी एक ऐसे समाज में जहां औरत का प्रमोशन होता है तो लोग कहते हैं कि बॉस के साथ सोई होगी. हमें ऐसी कई रूपाओं की जरूरत है आज. हमेशा रहेगी.
(सभी तस्वीरें फेसबुक से.)
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