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पीएम मोदी का रुस दौरा किन मायनों में खास है?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने एक्स पर लिखा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को दुनिया के सबसे ख़ूनी अपराधी को गले लगाते देखना निराशाजनक है. ये शांति की कोशिशों के लिए भी बहुत बड़ा झटका है."

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रुस दौरे पर पीएम मोदी (फोटो-एक्स)

 बात पीएम मोदी के रूस दौरे की. शुरुआत दो बयानों से करते हैं.
पहला बयान अमेरिका से आया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्य मिलर की तरफ़ से. बोले, पीएम मोदी को रूस के साथ यूक्रेन की संप्रभुता का मसला उठाना चाहिए. दूसरा बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की का है. उन्होंने 09 जुलाई को एक्स पर लिखा, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को दुनिया के सबसे ख़ूनी अपराधी को गले लगाते देखना निराशाजनक है. ये शांति की कोशिशों के लिए भी बहुत बड़ा झटका है.
 

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Volodymyr Zelenskyy Post
यूक्रेन के राष्ट्रपति की एक्स पोस्ट (फोटो-एक्स)

ज़ेलेन्स्की ने किसी का नाम तो नहीं लिया. मगर उनका सीधा इशारा पीएम मोदी और पुतिन की मुलाक़ात की तरफ़ था. पीएम मोदी पांच बरस के बाद रूस पहुंचे हैं. 08 जुलाई को उनका विमान मॉस्को के वानुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा. स्वागत-सत्कार के बाद वो भारतीय समुदाय के लोगों से मिले. 

PM Modi Meeting Indian Community in Russia
रुस में भारतीयों से मिलते पीएम मोदी (फोटो- नरेंद्र मोदी, एक्स)


इसके बाद पीएम मोदी का काफ़िला पुतिन के दाचा पहुंचा. दाचा एक तरह का फ़ार्म हाउस होता है. इसका इस्तेमाल छुट्टियों के लिए किया जाता है. पुतिन बहुत कम नेताओं को दाचा में होस्ट करते हैं. इससे उनकी और पीएम मोदी की नजदीकी का अंदाज़ा मिलता है.

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Modi Putin
दाचा में राष्ट्रपति पुतिन से मिलते पीएम मोदी  (फोटो- नरेंद्र मोदी, एक्स)


दाचा में क्या-क्या हुआ?
पुतिन ने मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की बधाई दी. दोनों नेताओं ने इंटरप्रेटर के ज़रिए बात की. पुतिन ने पीएम मोदी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन भी किया था. इस दौरान मुख्य रूप से 2 बातों पर चर्चा हुई,
1. यूक्रेन वॉर.
भारत ने यूक्रेन जंग के लिए रूस की खुली आलोचना से परहेज़ किया है. भारत ने बातचीत के ज़रिए इस विवाद को सुलझाने की बात कही है. यही भारत का आधिकारिक स्टैंड भी है.
 

MEA Media Brief
विदेश मंत्रालय की वेबसाइट


इसके अलावा, UN में रूस के ख़िलाफ़ कई प्रस्ताव लाए गए हैं. भारत ने इनमें से ज़्यादातर का समर्थन नहीं किया है. हालांकि, पीएम मोदी ने पब्लिकली पुतिन से युद्ध रोकने की अपील की थी. उनकी वो लाइन भी बहुत फेमस हुई थी. जिसमें उन्होंने कहा था ‘ये दौर युद्ध का नहीं है.’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पीएम मोदी ने वही बात रात्रिभोज के दौरान भी दोहराई.

- दूसरा बड़ा मुद्दा रूस में फंसे भारतीयों का था.
डिनर के दौरान पीएम मोदी ने रूसी सेना में फंसे भारतीयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. जून 2024 में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रूस-यूक्रेन जंग में चार भारतीयों की मौत हो चुकी है. इन लोगों को रूसी सेना में हेल्पर के तौर पर जॉइन कराया गया था. बाद में उन्हें जंग लड़ने के लिए मजबूर किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मोदी-पुतिन मीटिंग के बाद रूस ने फ़ौज में शामिल सभी भारतीयों को वापस भेजने का फ़ैसला किया है. रूसी सेना में अभी भी 30 से 40 भारतीय काम कर रहे हैं.

दौरे का दूसरा दिन

- पीएम मोदी ने सुबह में ‘टॉम्ब ऑफ़ एन अननोन सोल्ज़र’ पर जाकर श्रद्धांजलि दी. ये समाधि दूसरे विश्वयुद्ध में मारे गए सोवियत सैनिकों को समर्पित है.
- इसके बाद पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया. वहां बोले, रूस सुनते ही...हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है... भारत के सुख-दुख का साथी...भारत का भरोसेमंद दोस्त.
- पीएम मोदी ने रूस के दो शहरों, कज़ान और येकातेरिनबर्ग में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने की भी घोषणा की.

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येकातेरिनबर्ग रूस का चौथा सबसे बड़ा शहर है. 2018 में इसी शहर में फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के मैच हुए थे. जबकि कज़ान रूस के मुख्य आर्थिक केंद्र के रूप में उभरा है. इसी शहर में रूस की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज़ हैं. उनमें कई भारतीय छात्र पढ़ते हैं. अक्टूबर 2024 में ब्रिक्स की मीटिंग कज़ान में ही होने वाली है. 09 जुलाई की दोपहर क्रेमलिन में भारत-रूस के बीच सालाना बैठक शुरू हुई. ये सालाना समिट का 22वां संस्करण है. शुरुआत 2000 के बरस में हुई थी. यूक्रेन जंग के चलते इसमें व्यवधान आ गया था. मीटिंग की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, इस मीटिंग पर पूरी दुनिया की नज़र है. मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले बरसों में भारत-रूस संबंध और प्रगाढ़ होंगे. पीएम मोदी ने ईंधन की सप्लाई के लिए रूस को शुक्रिया कहा. मीटिंग में यूक्रेन जंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. पीएम मोदी ने यूक्रेन हॉस्पिटल अटैक में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई. बोले, जंग या संघर्ष या आतंकी हमले में किसी मासूम बच्चे की मौत बहुत दुखद है. 08 जुलाई को एक रूसी हमले में यूक्रेन में बच्चों का सबसे बड़ा अस्पताल तबाह हो गया था. इसके बाद ज़ेलेन्स्की ने पीएम मोदी के रूस दौरे को निराशाजनक बताया था.

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