इनकी बहादुरी और वफादारी के किस्से बहुत पुराने हैं. लगभग 300 साल पुराने! कहा जाता है कि खुद छत्रपति शिवाजी महाराज भी इन्हें बहुत पसंद करते थे. इस पसंद की मुख्य वजह ये भी थी कि इन्होंने उनके बेटे, संभाजी महाराज की जान बचाई थी. आप सोच रहे होंगे कि भई ऐसे कौन से महान जीव की बात हो रही है?
ये कुत्ते कितने के मिलते हैं, जिन्हें PM मोदी की सुरक्षा में लगाया जा सकता है?
मराठा हाउंड्स नस्ल के कुत्तों को PM की सुरक्षा में लगाया जा सकता है. ये अपनी बहादुरी, फुर्ती और वफादारी के लिए जाने जाते हैं.


दरअसल, बात हो रही है मराठा हाउंड्स (Maratha Hounds) की! ये कुत्तों की एक प्रजाति है. और जो अभी आपने जाना, वो भी सही है. यही मराठा हाउंड्स अपनी वफादारी और बहादुरी के लिए बहुत फेमस हैं. इस वजह से इन्हें अब प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगाया जा सकता है. इस तरह से मराठा हाउंड्स एसपीजी (SPG) का हिस्सा बनने वाले कुत्तों की पहली स्वदेशी नस्ल बन सकती है. एसपीजी माने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप. ये प्रधानमंत्री को सुरक्षा देने वाली एलीट फोर्स है.
मराठा हाउंड्स का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 में अपने एक मन की बात प्रोग्राम में किया था. हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा कितनी जरूरी है. उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. ऐसे में ये तो साफ है कि पीएम की सुरक्षा में नियुक्त होने वाले बेस्ट हों. SPG के बारे में हम जानते हैं. इस आर्टिकल में हम मराठा हाउंड्स के बारे में जानेंगे.
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बहादुर, वफादार और फिट!मराठा हाउंड्स और भी बहुत से नामों से जाना जाता है. मसलन, मुधोल हाउंड, पशमी हाउंड, काठेवर और कारवां हाउंड. इनमें मराठा और मुधोल हाउंड, सबसे ज्यादा प्रचलित नाम हैं. कर्नाटक की तत्कालीन रियासत मुधोल पर इन हाउंड्स का नाम रखा गया है.

मराठा हाउंड्स खास किस्म के कुत्ते होते हैं, जिन्हें ‘साइट-हाउंड्स’ कहा जाता है. साइट हाउंड्स (sight hounds) वो कुत्ते होते हैं, जो अपनी तीखी नजर और तेज गति के कॉम्बिनेशन से शिकार करते हैं. ये ब्लड हाउंड्स (blood hounds) की तरह सूंघकर शिकार करने या ढूंढने वाले कुत्ते नहीं होते.
मराठा हाउंड्स की टांगें लम्बी, छाती गहरी और कमर छोटी होती है. ये अपने शिकार का पीछा करने, उसके ऊपर नजर रखने और अपनी फुर्ती और गति से शिकार पर हावी होने में माहिर होते हैं.
ये एकदम एथलेटिक कुत्ते होते हैं. इनकी खोपड़ी लंबी, मुंह और शरीर पतला होता है. 270 डिग्री की नजर और दूसरी क्षमताओं की वजब से ये रखवाली और निगरानी के लिए बढ़िया चॉइस साबित होते हैं.
इन कुत्तों का स्टैमिना और दौड़ने की स्पीड बहुत ज्यादा होती है. इन्हें इंडियन नेशनल केनेल क्लब द्वारा मान्यता प्राप्त है और इन हाउंड्स को बेहद बहादुर और वफादार कहा जाता है. इंडियन नेशनल केनेल क्लब स्वदेशी नस्ल वाले कुत्तों की एक रजिस्ट्री है.
मराठा हाउंड्स के बारे में रोचक बातें- कहा जाता है कि 1937 तक मुधोल रियासत पर राज करने वाले मालोजीराव घोरपड़े ने एक बार इस देशी नस्ल का एक जोड़ा ब्रिटेन के किंग जॉर्ज (पंचम) को भेंट किया था. जिन्होंने इस कुत्ते का नाम मुधोल हाउंड रखा था. तभी से इसका नाम लोकप्रिय हो गया. मलोजीराव ही वो व्यक्ति हैं, जिन्हें मुधोल या मराठा हाउंड्स की नस्ल के रिवाइवल का श्रेय दिया जाता है.

- केनेल क्लब ऑफ इंडिया (Kennel Club of India) और इंडियन नेशनल केनेल क्लब (Indian National Kennel Club) अलग-अलग ब्रीड के कुत्तों का रजिस्ट्रेशन करते हैं. KCI ने इन्हें कारवां हाउंड के तौर पर रजिस्टर किया है, वहीं INKC ने मुधोल हाउंड के तौर पर.
- साल 2005 में मुधोल हाउंड भारतीय कुत्तों की उन चार नस्लों में से एक था, जिसे भारतीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Communications and Information Technology) ने देश की कैनाइन (canine) विरासत का जश्न मनाने के लिए जारी डाक टिकटों के एक सेट पर चित्रित किया था.
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SPG अधिकारियों ने इस साल अप्रैल में कर्नाटक के बागलकोट जिले के थिम्मापुर में कैनाइन रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सेंटर (मुधोल हाउंड) का दौरा किया था. तब वो इस ब्रीड के दो मेल पपीज को साथ ले गए थे.
- मुधोल हाउंड्स को ट्रेन किया जाता रहा है और इन्हें आर्मी, CISF, NSG इत्यादि के डॉग स्क्वाड में भी शामिल किया गया है.
- 2020 से पहले 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली के दौरान मुधोल नस्ल की बात की थी. दो साल बाद उन्होंने फिर से इन हाउंड्स के बारे में बात की. पीएम ने कहा था कि मराठा हाउंड्स ने भारतीय सेना में सेवा दी और रेस्क्यू ऑपरेशंस में मदद की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि ये कुत्ते ‘बहुत अच्छे और सक्षम’ हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारतीय नस्लों में मुधोल हाउंड और हिमाचली हाउंड बहुत अच्छे हैं. उन्होंने राजपलायम, कन्नी, चिप्पीपराई और कोंबई जैसी नस्लों का भी जिक्र किया था. पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद मराठा हाउंड्स की मांग कथित तौर पर बढ़ गई. पैरामिलिटरी, वन और अन्य विभागों ने इन कुत्तों में रुचि दिखाई. कथित तौर पर, साल 2020 में मुधोल हाउंड पिल्लों का एक जोड़ा 25,000 रुपये में बेचा गया था.
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