
30 अप्रैल 1965 को लाइफ मैगजीन ने अपना जो इश्यू निकाला. उसमें The Drama of Life Before Birth शीर्षक से कवर स्टोरी थी. उस इश्यू में इसी किताब से सोलह फोटोज ली गईं थीं. गर्भ के अंदर की फोटोज के प्रति जनता का रिएक्शन कुछ ऐसा था कि मैगजीन की अस्सी लाख प्रतियां चार ही दिनों में बिक गईं. इस सबके बाद निल्सन को अमेरिकन नेशनल प्रेस एसोसिएशन पिक्चर ऑफ द ईयर अवार्ड मिला था.

LIFE
लेनार्ट निल्सन स्वीडन के फोटोग्राफर और वैज्ञानिक हुए हैं. कहां पढ़ते क्या खाते थे जैसी बातें छोड़ें. तो बारह साल की उम्र में उनके हाथ में कैमरा पकड़ा दिया गया था. 16 बरस की उम्र में एक डॉक्यूमेंट्री देख उन्हें माइक्रोस्कोपी में दिलचस्पी हुई. 25 साल के होते-होते वो एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन चुके थे.

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फेलोपियन ट्यूब में स्पर्म

Lennart Nilsson
ये कोई एक रोज का काम नहीं था. लेनार्ट को इस किताब को पूरा करने के लिए पूरे 12 साल लगे थे. इन तमाम फोटोज के लिए वो 1953 से मेहनत कर रहे थे. आगे उनकी कुछ तस्वीरें देखिए.

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भ्रूण की पहली तस्वीर

8वें महीने में भ्रूण की ये कंडीशन होती है.

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दस हफ्ते के बाद गर्भ की तस्वीर जब भ्रूण की आंखें अधबनी हैं.

16 हफ्ते बाद: जब खून दौड़ने के लिए नलियां बनना तैयार होने लगती हैं.

18 हफ्ते का भ्रूण जो बाहर की आवाजें सुन सकता है.

36 हफ्ते का गर्भ जो चार महीने में बाहर निकलने के लिए तैयार हो जाएगा.

कुछ लोगों ने ये भी कहा कि लेनार्ट ने जो फोटो दिखाई थीं. वो मर चुके गर्भ की थीं, लाइटिंग, बैकग्राउंड वगैरह सब स्टेज्ड थे. अंगूठा मुंह में डालना और हाथ-पैर की कंडीशन सब उनने खुद ही तैयार की थीं. ऐसी कई बातें अब भी कही जाती हैं.
जानिए कि HIV के वायरस की पहली तस्वीरें लेने का क्रेडिट भी लेनार्ट को जाता है. आपको तस्वीर पर व्हाइट ब्लड सेल की सतह पर HIV वायरस नजर आ रहा है. ये तस्वीर 30 साल पुरानी है.

साल 2003 में सार्स वायरस की फोटो भी सबसे पहले लेनार्ट ने ही ली थी.











