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खान सर और ज्ञान बिंदु वाले रोशन आनंद की अदावत की पूरी कहानी

बिहार की राजधानी पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के सामने फायरिंग मामले ने तेजी पकड़ ली है. उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले टीचर रोशन आनंद को इस केस में गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद उनके छात्र सड़कों पर हैं.

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रोशन आनंद और खान सर का विवाद पुराना है. (फोटो- पीटीआई और यूट्यूब)

बिहार की राजधानी पटना के 'कोचिंग वर्ल्ड' में वर्चस्व की लड़ाई ने माहौल गर्मा दिया है. दो कोचिंग संस्थानों की आपसी होड़ खुलकर सड़कों पर आ गई है. सोशल मीडिया पर काफी मशहूर खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग हुई. इस मामले में पड़ोसी कोचिंग सेंटर 'ज्ञान बिंदु' के रोशन आनंद को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद ये मामला सड़कों पर विरोध प्रदर्शन से लेकर सोशल मीडिया के ‘कॉमेंट-पोस्ट’ तक खूब तहलका मचाए हुए है.

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रोशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद उनकी कोचिंग के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने खान सर के खिलाफ भी नारेबाजी की. कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी छात्र ‘खान सर चोर हैं’ भी कहते दिख रहे हैं. इन छात्रों का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है. उन्होंने खान सर के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की और आरोप लगाया कि जांच में विवाद से जुड़े हर पक्ष को शामिल किया जाना चाहिए. बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शन में शांति व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है.

खान सर और ज्ञान बिंदु का झगड़ा क्या है?

ये पूरा मामला 2 जून की रात को शुरू होता है. खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग का दावा किया गया. हालांकि पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर कुछ लोग खान सर के कोचिंग कैंपस में घुस गए और हंगामा किया. एक सिक्योरिटी गार्ड के साथ मारपीट की गई, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया. हमले के बाद खान सर सामने आए और फायरिंग होने का दावा किया. खान सर ने कहा कि 8-10 राउंड की फायरिंग तो उन्होंने ही देखी है.

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हालांकि, पटना पुलिस ने इन दावों का खंडन किया और कहा कि आसपास के CCTV फुटेज और लोकल लोगों से पूछताछ में फायरिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस ने ये भी बताया कि खान सर की तरफ से दर्ज FIR में भी फायरिंग का कोई आरोप शामिल नहीं है. बाद में खान सर भी अपने बयान से पलटे. पटना पुलिस का दावा है कि ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े 15 से 20 लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ की.

अब सवाल है कि ज्ञान बिंदु और खान सर के बीच क्या राड़ा है, जिसमें बात फायरिंग और ईंट-पत्थर तक पहुंच गई?

पटना के कोचिंग जगत में हर कोई खान सर और ज्ञान बिंदु के बीच पुरानी अदावत के बारे में जानता है. दोनों के कोचिंग सेंटर्स पटना के मुसल्लहपुर हाट में आसपास ही हैं. ये पटना का वो इलाका है जो कोचिंग का हब कहा जाता है. आसपास के प्रदेशों से भी छात्र दारोगा, एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां आते हैं. खान सर पढ़ाने के अपने सरल और मजाहिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं. प्रतियोगी छात्रों के अलावा वह सोशल मीडिया पर भी खूब पॉपुलर हैं. उनकी क्लास के वीडियो बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों के छात्रों को भी अपनी ओर खींचते हैं.  

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कम फीस से बढ़ी लड़ाई?

वहीं ज्ञान बिंदु के रोशन आनंद ने भी डिजिटल क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के जरिए छात्रों का बड़ा आधार तैयार किया है. दोनों कोचिंग संस्थानों में छात्रों के सिलेक्शन के आंकड़ों को लेकर जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा रहती है. खान सर की कोचिंग का दावा होता है कि उनकी कोचिंग के छात्र परीक्षाओं में ज्यादा बढ़िया परफॉर्म करते हैं. ज्ञान बिंदु वाले भी ठीक यही दावा करते हैं. 

सोशल मीडिया पर रोशन आनंद का एक वीडियो खूब चल रहा है. इसमें वो दावा करते हैं कि ज्ञान बिंदु के रिजल्ट का तोड़ पूरे देश में कहीं और नहीं है. वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के अंदाज में ताल भी ठोकते हैं कि उनकी कोचिंग का ‘दबदबा था दबदबा है और दबदबा रहेगा’.

कोचिंग पर हमले के बाद खान सर ने जो पहला बयान दिया, उससे इस विवाद का एक और ऐंगल पता चलता है. इसमें खान सर ने कहा कि कम फीस में पढ़ाने की वजह से उनके यहां हमला किया गया. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कम फीस में पढ़ाने के बाद भी हजारों छात्रों का सिलेक्शन होता है. इससे कुछ लोग चिढ़े हैं और हमला कर रहे हैं.

80-90 फीसदी बाजार पर कब्जा

हालांकि, दोनों के बीच मेन मुकाबला ऑनलाइन से ज्यादा ऑफलाइन कोचिंग के लेवल पर है. दी लल्लनटॉप से जुड़े आनंद कुमार बताते हैं, 

“पटना में दारोगा, बिहार पुलिस, एसएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी का 80 से 90 फीसदी बाजार पर खान सर और ज्ञान बिंदु का कब्जा है. खान सर सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं जबकि ज्ञान बिंदु के आनंद रोशन के साथ ऐसा नहीं है. वो यहां बहुत वोकल नहीं हैं और सोशल मीडिया पर कम मशहूर हैं. लेकिन ऑफलाइन मार्केट की बात करें को दोनों का मामला उन्नीस-बीस का है. दोनों के बीच छात्रों को अपने यहां खींचने के लिए बड़ी प्रतिद्वंद्विता है. इसे लेकर पहले भी दोनों के बीच टकराव हुआ है.”

आनंद ने बताया कि फायरिंग मामले में सीधे तौर पर रोशन आनंद का नाम भले न आया हो लेकिन इससे पहले भी एक बार खान सर ने साल 2020 के आसपास रोशन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.  

आनंद ने कहा, “वैसे तो खान सर के पटना में कई जगह सेंटर हैं. लेकिन मुसल्लहपुर हाट में खान सर और रोशन आनंद का कोचिंग सेंटर एक ही कैंपस में है. सिर्फ दोनों के गेट अलग-अलग हैं. इसके चलते टकराव की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है.”

बिहार पुलिस के रिजल्ट ने बढ़ाई तनातनी

आनंद के मुताबिक, खान सर और ज्ञान बिंदु का जो मौजूदा विवाद है वो बिहार पुलिस के रिजल्ट को लेकर है. इसे लेकर दोनों अपने-अपने दावा दावे कर रहे थे. बिहार पुलिस में इस बार 19 हजार लोगों का सिलेक्शन हुआ है. खान सर दावा कर रहे थे कि ‘12 हजार’ लोगों का सिलेक्शन उनके यहां से आया. जबकि रोशन दावा कर रहे थे कि '10 हजार' छात्र उनके यहां के थे, जो सफल हुए. इसे लेकर पोस्टरबाजी हुई, जो टकराव की वजह बन गई.

इंडिया टुडे से जुड़े रोहित सिंह अपनी रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से कहते हैं कि खान सर विवाद भारत के कोचिंग जगत के बदलते स्वरूप को दिखाता है, जहां शिक्षक अब केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी बन गए हैं. इस विवाद से यह भी जाहिर होता है कि छात्र कोचिंग से जुड़े टीचर्स से कैसे इमोशनली भी जुड़े हैं और जमीन पर खुलकर अपने टीचर का बचाव कर रहे हैं. 

कोचिंग का कंपटीशन बदला

कोचिंग संस्थानों के बीच जो कभी आम कंपटीशन माना जाता था, वह अब दबदबे, लोकप्रियता और इन्फ्लुएंसर इमेज को लेकर एक बड़ी लड़ाई में तब्दील हो गई है. पटना में प्राइवेट कोचिंग का व्यापार इतना बढ़ गया है कि तैयारी कराने वाले सरकारी संस्थान तकरीबन खत्म हो गए हैं. इसकी वजह से छात्रों की कोचिंग सेंटर्स पर निर्भरता भी बढ़ गई है.

खास बात ये है कि खान सर और रोशन आनंद एक खास मॉडस ऑपरेंडी पर काम करते हैं. यानी छात्रों को खींचने का दोनों का तरीका एक जैसा है. आनंद कुमार बताते हैं, “ये शिक्षक कम फीस और गरीब छात्रों के लिए फ्री में क्लासेज देने की मुनादी पिटवा कर अपना चेहरा चमकाते हैं. इससे उनको जरूरी प्रचार और लोकप्रियता मिल जाती है, जिससे छात्र इनकी ओर आकर्षित होते हैं. दूसरा, फ्री या कम फीस में पढ़ाकर ये छात्रों की लॉयल्टी भी खरीदते हैं. इसीलिए ये छात्र इनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं.”

इसका नजारा पटना की सड़कों पर दिख रहा है. खान सर और रोशन आनंद दोनों के कोचिंग के छात्र इनके लिए प्रोटेस्ट मार्च निकाल चुके हैं.

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