
JPSC के खिलाफ़ धरने पर बैठे छात्र (फोटो सोर्स -आज तक)
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स का एक डेलीगेशन 16 नवंबर को कमीशन के सेक्रेटरी रनेंद्र कुमार से मिला. इसके बाद 18 नवंबर को लिखित शिकायतें JPSC को सौंप दी गईं. 23 नवंबर को 15 लोगों का एक डेलीगेशन दोबारा JPSC के चेयरमैन अमिताभ चौधरी से मिला. इस बार इस डेलीगेशन को झारखंड BJP के विधायक नवीन जायसवाल, भानु प्रताप शाही और लम्बोदर महतो लीड कर रहे थे. इसके बाद भी स्टूडेंट्स के इस प्रतिनिधि मंडल ने दो बार JPSC को लिखित शिकायतें भेजीं. कैंडिडेट्स के आरोप और मांगें
# ज्यादा मार्क्स लाने वाले कई कैंडिडेट्स फेल कर दिए गए जबकि कम मार्क्स वाले कई कैंडिडेट्स पास कर दिए गए.तमाम आरोपों और राजनीतिक दबाव के चलते 27 नवंबर को JPSC ने तीनों शिकायतों का लिखित जवाब दिया. क्या कहा, वो भी जान लेते हैं. JPSC के जवाब
# लोहरदगा, साहेबगंज और लातेहार जिलों के कई एग्जाम सेंटर्स पर धांधली हुई, या एग्जाम का इनविजीलेशन ठीक से नहीं हुआ और एक ही सीरियल वाले कैंडिडेट्स को पास कर दिया गया. एक साथ सभी काबिल कैंडिडेट्स एक ही एग्जाम हॉल में हों ये संभव नहीं है.
# एग्जाम के दौरान कैंडिडेट्स को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया. पूरे देश में JPSC ही ऐसा अकेला आयोग है जो एक ही एग्जाम हाल में बैठे कैंडिडेट्स को पास कर देता है, अगर वो सभी कैंडिडेट्स इतने प्रतिभाशाली हैं तो JPSC उनकी OMR शीट पब्लिक करे.
# JPSC द्वारा कैटेगरी के अनुसार कट-ऑफ मार्क्स जारी नहीं किए गए, जबकि दूसरे प्रदेशों में ऐसा होता है. हैंडीकैप्ड कैटेगरी का भी कट-ऑफ जारी नहीं किया गया है.
# एक ही कैटेगरी में कम मार्क्स वाले कैंडिडेट को पास कर दिया गया है, जबकि ज्यादा मार्क्स लाने वाले को फेल कर दिया गया है. सभी कैंडिडेट्स, चाहें वो पास हों या फेल सभी की मार्कशीट जारी की जानी चाहिए.
# पेपर लीक होने की चर्चा भी है, आयोग एक कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाए. आयोग सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रीलिम्स एग्जाम्स रद्द करे.
#सभी पदों के लिए UPSC से एग्जाम कराए जाएं, और JPSC को भंग कर दिया जाए.
# शिकायत में तर्क दिया गया है कि एक अभ्यर्थी जिसका रोल नंबर 52077036 है, उसको 266 मार्क्स मिले हैं और उसको फेल कर दिया गया है. कट-ऑफ कितना है बिना जाने ऐसा कहना तर्कहीन है. फिर भी ये साफ़ किया जाता है कि उस अभ्यर्थी को 266 नहीं बल्कि 240 अंक ही मिले हैं, जबकि इस कैटेगरी का कट-ऑफ़ 260 है.कमीशन ने जवाब तो दे दिए. लेकिन बात इतने से कहां बननी थी. BJP के नेता और JSU दोनों JPSC के खिलाफ़ CBI जांच की मांग पर अड़े हैं. BJP इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को सड़क से लेकर विधानसभा तक घेर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हटाने की मांग की जा रही है.
# सिर्फ दो जिलों लोहरदगा आयर साहेबगंज में लगातार सीरियल नंबर से एग्जाम देने वाले कई कैंडिडेट पास हुए हैं और ऐसा इस बार पिछले सालों से कई गुना ज्यादा कैंडिडेट होने के चलते हुआ है. फिलहाल ऐसे कैंडिडेट्स को पास किया जा रहा है और आगे जांच चलती रहेगी. एक छोटे नंबर के चलते पूरा रिजल्ट नहीं रोका जा सकता था. परीक्षा केंद्रों पर नक़ल जैसा कुछ न हो इसलिए हमने राज्य में उपलब्ध सर्वोत्तम संसाधनों का इस्तेमाल किया है.
# कट-ऑफ न जारी करने के पीछे आयोग की मंशा किसी तथ्य को छिपाने की नहीं है. आयोग UPSC की प्रक्रिया को अपनाने की मंशा रखता है, जिसमें कट-ऑफ फाइनल रिजल्ट के वक़्त ही जारी किया जाता है. अभ्यर्थियों को किसी निहित उद्देश्य के चलते भ्रमित किए जाने की कोशिशें हो रही हैं, इसलिए आयोग ने कैटेगरी के हिसाब से कट-ऑफ जारी कर दिए हैं.
# एग्जाम सेंटर के एक ही कमरे के कैंडिडेट पास किए जाने का दावा तथ्यों से परे है, इस पर कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है.
# दिव्यांग या किसी भी अन्य श्रेणी में खाली पदों के 15 गुना तक अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है. दिव्यांग श्रेणी में 7 पद खाली थे, जिनके लिए 107 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है जोकि 15 गुना से ज्यादा है. हालांकि इस संख्या को जारी करने के लिए आयोग बाध्य नहीं है, फिर भी ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स को भड़काने की सारी कोशिशें असफल हों.
# सभी कैंडिडेट्स की मार्कशीट जारी करने की मांग पर कमीशन ने कहा- ये गैर-ज़रूरी है, इंडिविजुअली हर कैंडिडेट को उसकी OMR की कार्बन-कॉपी दी जा चुकी है.
# पेपर लीक होने के मामले कुछ ही पलों में सब जान जाते हैं. एग्जाम हुए 2 महीने हो गए हैं. ऐसा कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आया है, ऐसे में पेपर लीक का दावा निरर्थक है.
# मुख्य परीक्षा को स्थगित करने और प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करने के लिए कोई वजह नहीं है.
# और JPSC को भंग करने की मांग पर कमीशन ने कहा- आयोग इस बिंदु पर टिप्पणी को उचित नहीं मानता है. यानी ‘नो कमेंट्स’.
झारखंड की राजमहल विधानसभा से BJP विधायक अनंत ओझा का ये वीडियो देखिए-
‘झारखंड के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए BJP लड़ती रहेगी. सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा.’
झारखंड के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए भाजपा लड़ती रहेगी.
























