दिवाली के दिनों में आमतौर पर भारत की टीम मैदान पर होती है. दिवाली के दिनों में खेला गया शायद ही कोई मैच हो जब टीम इंडिया ने पटाखे न फोड़े हों. तारीख़ की किताबें खोलें तो भारत ने दिवाली के आस-पास खेले गए मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है. श्रीलंका के खिलाफ धोनी के 183 रन, सचिन का हीरो कप में वो आखिरी ओवर ये सब दिवाली मैच में हुआ है. क्रिकेट की तारीखों से पेश है दिवाली मैच में किए गए भारत के 5 बड़े कारनामे.
5 मैच: दिवाली के दिनों में इंडिया टीम जबर खेलती है
धोनी के 183, सचिन का हीरो कप का ओवर दिवाली-मैच में ही हुए थे

1. दिवाली पर धोनी दनादन:
महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर की सबसे अच्छी पारी दिवाली के दिनों में ही खेली थी. 31 अक्टूबर 2005 जयपुर, श्रीलंका ने संगकारा के 138 और जयवर्धने के 71 की बदौलत भारत के सामने 298 रन का स्कोर खड़ा किया था. सचिन ज़ल्दी आउट हो गए और फिर लंबे बालों वाले धोनी को नंबर 3 पर उतारा गया और अकेले दम पर धोनी ने मैच को पलट दिया. धोनी ने 10 छक्कों, 15 चौकों के साथ 145 गेंदों पर 183 रन बनाए और भारत ने 23 गेंद पहले ही टारगेट छू लिया.2. गावस्कर बराबर ब्रैडमैन:
सुनील गावस्कर ने दिवाली के दिनों में खेले गए टेस्ट मैच में ही डॉन ब्रैडमैन का रिकॉर्ड बराबर किया था. दिल्ली में 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था लेकिन भारत की ओर से कपिल देव ने पहली पारी में 7 विकेट लिए और दिलीप वेंगसरकर ने भी 159 रन बनाए.
3. सचिन बन गए स्पिनर:
सचिन ने भारत के लिए बहुत सारे मैच बल्ले से जीते हैं लेकिन कई बार गेंद से भी कमाल दिखाया है. 10 नवंबर, 1993, हीरो कप का सेमीफाइनल, ईडन गार्डन में मुकाबला साउथ अफ्रीका से. साउथ अफ्रीका को जीत के लिए आखिरी ओवर में 6 रन बनाने थे. गेंद थमाई गई सचिन को और दवाब में भी सचिन ने सिर्फ 3 रन दिए और भारत 2 रन से मैच जीत गया.
4. इंग्लैंड से हिसाब चुकता:
कोलकाता अक्टूबर 25, 2011, इंग्लैंड का आखिरी वनडे. उससे पहले भारत 0-5 से इंग्लैंड में सीरिज हारकर आया था. जडेजा के 4 विकेटों के दम पर 272 रनों का पीछा करते हुए इंग्लिश पारी तबाह हो गई. धोनी ने उस मैच में 75* रन बनाए थे.
5. ठीक दिवाली के दिन मैच हो जाए तो:
दिवाली के ही दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 56 रन से हराया था. 22 अक्टूबर, दिल्ली का फिरोज़शाह कोटला मैदान. सिद्धू, गावस्कर, अजहरुद्दीन, दिलीप वेंगसरकर के अर्धशतकों के दम पर भारत ने 289 रन बनाए और फिर मनिंदर सिंह की 3-34 और अजहरुद्दीन के 3-19 की बदौलत ऑस्ट्रलिया को 233 पर ऑल आउट कर दिया.
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