यही सवाल है. क्या लगता है कि ये स्मॉग आपकी लव लाइफ को सुकून से ऑनलाइन रहने देगा? दिवाली के बाद जो धुंध छाई है, नो शेव नवंबर वालों को मूंछ से ज्यादा स्मूच की वजह से तकलीफ देगी. प्रेमिका को किस करने में भी तो रिक्स रहिता है. वो कंटाप मारकर बोलेगी कि मिंट की गोली तो खा ली. अच्छा किया. लेकिन खूसट स्याले मास्क क्यों न लगाया है तूने. मास्क पहने हुए ये पता चलेगा कि किस करने में नाक बीच में आए न आए, मास्क जरूर आ जाता है. जमाना तो ये आ गया है कि वो लोग जो सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत मांग रहे थे वो सर्जिकल मास्क पाकर ही खुश हैं.
संडे की रिपोर्ट में डॉक्टर लोग और हवा खराब कर दिए हैं. बाहर की नहीं, हमारे अंदर की. सेक्शुअल लाइफ टोटली झंड हो जाएगी इस पॉल्यूशन से. अब बताओ. क्या होगा मोहब्बत का. "मेरा प्यार मन का है जानू. मैं तुम्हें उस नजर से नहीं देखता." ये झुट्ठई की चाशनी में डूबा डायलॉग मारने वालों के तो अच्छे दिन आ जाएंगे. क्योंकि अगला मन वाला प्यार करने लायक ही रह जाएगा.
इस धुएं को देखो. ये श्री कृष्णा और जप तप व्रत जैसे सुबह 9 बजे आने वाले सीरियल्स में देवराज इंद्र का सेट लगता है. अर्थात स्वर्ग. लेकिन ये स्वर्ग नहीं है गुरू. स्वर्ग कड़क सर्दियों में होता है हमारे देहात में. जब घने कोहरे में हाथ को हाथ नहीं सूझता. तब लड़का और लड़की घर से बद के निकलते हैं. वो बीच सड़क पर मिल लें, खेत में जाकर मिलें या खुले नीले गगन के तले. घंटा कोई देख नहीं सकता. कोई टहिलते टहिलते आए और लिपटे जोड़े पर गलती से उसका लात पड़ जाए तो अलग बात है. नहीं तो वो कोहरा वाकई स्वर्ग का काम करता है.मोहब्बत में फ्लेवर का फैशन भी है आजकल. एडल्ट लोग ये बात पकड़ लिए होंगे. तो वक्त आ गया है. नए नए फ्लेवर में मुंह के मास्क मार्केट में आएंगे. तुम पतंजली का आयुर्वेदिक मास्क पहनकर जाओ. पुदीना फ्लेवर वाला. क्योंकि तुमको मेक इन इंडिया आगे ले जाना है. लेकिन प्रेमिका फैशन कॉन्शस है. उसे पुदीना फ्लेवर सूंघकर उबकाई आने लगती है. तो प्यार में चोट और कान पर कंटाप एक साथ खाओगे. पहले उसका फ्लेवर पूछ के जाना. प्यार में बौराए जोड़े क्या चाहते हैं? साथ बिताने को ढेर सारा वक्त और ऐसी जगह जहां कोई पहचाने न. पार्क में जाना बेकार है. क्योंकि वहां प्यार नहीं स्मॉग की मार होगी. पिच्चर देखने जाएगा जोड़ा. लेकिन ये धुंध पूरी पिच्चर पर करण जौहर फेर देगी. ये 20 फिट दूरी से ऐ दिल है मुश्किल देखेंगे, परदे पर शिवाय दिखाई देगी.
ये बात तो तुम भी मानोगे गंगा में उतरकर. कि प्यार न सलीम अनारकली के जमाने में मुश्किल था. न हीर रांझा के जमाने में. खुदा का लाख लाख शुक्र है कि मजनू के ऊपर पत्थर पड़े थे. स्मॉग पड़ता तो बेचारा खांस खांसकर मर जाता. बाहर मौसम ऐसा हो रहा है कि शोले आज बनती तो वीरू बसंती के प्यार का दुश्मन गब्बर नहीं, स्मॉग होता. ये भी पढ़ें: स्मॉग ने लोगों की जान लेनी शुरू कर दी है ये धुंध जो छाई है, आपकी सेक्स लाइफ चौपट करने आई है

















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