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सोशल मीडिया पर किसी बात को बहुत दूर ले जाने वाला हैशटैग आखिर आया कहां से?
ट्विटर पर रोज़ ट्रेंड होने वाला ये हैशटैग सबसे पहले कहां इस्तेमाल हुआ था?

— messina.eth (@chrismessina) August 23, 2007
न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक पुराने इंटरव्यू में मेसिना ने इस आइडिया के पीछे की कहानी बताई थी. उनका कहना था कि हैशटैग की मदद से वो ये चाहते थे कि कोई एक कंवरसेशन शुरु करे तो बाकी लोग उसमें जुड़ सकें. यानी कि इंटरनेट पर एक मुद्दे के बारे में अलग-अलग जगहों से चल रही बात को एक समूह के रूप में बांधा जा सके.
हालांकि, उनके इस आइडिया को शुरु में किसी ने सीरियसली नहीं लिया. उन्होंने ट्विटर ऑफिस जाकर अपना आइडिया शेयर किया, लेकिन ये रिजेक्ट हो गया. मेसिना माने नहीं. वो लगातार हैशटैग का इस्तेमाल करते रहे. कभी ट्विटर पर अपने फॉलोवर्स को, तो कभी अपने दोस्तों को इसके इस्तेमाल के फायदे बताते गए. उसी साल यानी 2007 के अक्टूबर में अमेरिका के सैन डिएगो में आग लगी और लोगों ने हैशटैग का इस्तेमाल किया. लगातार #sandiegofire हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए लोगों ने अपने आस-पास लग रही आग के अपडेट साझा किए. ये एक तरह से नागरिकों की पत्रकारिता थी जो इंटरनेट पर साकार हो रही थी.

नेट रिटर नाम के ट्विटर यूजर ने सबसे पहले सैन डिएगो में लगी आग को लेकर हैशटैग्स इस्तेमाल किए. इसमें मेसिना और उनके दोस्तों ने भी साथ दिया. और उसके बाद ये हैशटैग पहला ब्रॉडकास्ट बना जो कई लोगों तक पहुंचा. (तस्वीर: ट्विटर स्क्रीनशॉट)
अगले साल कई घटनाओं पर लोगों ने हैशटैग का इस्तेमाल किया और इसका फायदा नजर आने लगा. अंत में 2009 में ट्विटर ने भी इस आइडिया को माना और हैशटैग को हाइपरलिंक कर दिया. इसके बाद तो ये तीर की तरह चल पड़ा. ये इतना चला कि ट्विटर से निकलकर फेसबुक, लिंक्डइन, और इंस्टाग्राम तक भी पूरी तरह स्थापित हो गया. मेसिना ने ये भी बताया कि उन्होंने इसे मोनेटाइज कराने का नहीं सोचा. कारण जो भी हो, लेकिन वो भी ये मानते हैं कि अगर उन्होंने इसको मोनेटाइज करा लिया होता तो आज उनका अकाउंट भरा पड़ा होता.
यहां ये जरुर बता दें कि ट्विटर से पहले 'इंटरनेट रिले चैट' नाम के प्लेटफॉर्म पर हैशटैग या टैग का इस्तेमाल 1988 में शुरु हुआ था. लेकिन ट्विटर पर ये 2007 में पहली बार हुआ.
आज करीब 15 साल बाद हैशटैग सोशल मीडिया का सबसे जबर हथियार बन चुका है. माने, मार्केटिंग से लेकर राजनीति तक और सिनेमा से लेकर स्पोर्ट्स तक, कोई भी कैंपेन हो, कार्यक्रम हो, ट्विटर ट्रेंड के लिए हैशटैग जरुरी है. फायदा ये है कि एक ही हैशटैग के इस्तेमाल से पता चल जाता है कि कौन इसके बारे में क्या लिख, बोल रहा है. कोई अभियान कितना पॉपुलर हो रहा है और उसका प्रभाव कहां पड़ रहा है. उदाहरण के तौर पर #MeToo ही ले लीजिए. कुछ समय पहले इस हैशटैग के जरिए अनगिनत, अनकही कहानियां सामने आई थीं.

कोई भी हैशटैग कितना ज्यादा चल रहा है. उसका इम्पैक्ट कितना हुआ है ये किसी भी एनालिटिक्स टूल से पता लगाया जा सकता है. इसी से पता चलता है कि क्या ट्रेंड कर रहा है? किस हैशटैग के साथ कितने ट्वीट किए जा रहे हैं, यह कितने इंप्रेशन ऑनलाइन बना रहा है, कौन इसके बारे में बात कर रहा है, इसके साथ क्या अन्य हैशटैग का उपयोग किया जा रहा. उदाहरण के लिए, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक ट्विटर पर 24 घंटे में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला हैशटैग #TwitterBestFandom है, जिसने 16 से 17 मार्च 2019 के बीच 60,055,339 बार इस्तेमाल किया था. ये हैशटैग उस वक्त हो रहे Soompi अवार्ड्स में लोगों द्वारा अपनी फेवरेट टीम के सपोर्ट के लिए किया गया था.
हैशटैग कब इस्तेमाल कर सकते हैं?
- फॉलोवर्स के बीच इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए - सोशल मुद्दों पर सपोर्ट या विरोध जाहिर करने के लिए - पोस्ट किस बारे में है उसका इंट्रो देने के लिए - अपने टारगेट ऑडियंस तक सीधे अपनी बात पहुंचाने के लिए - ब्रांड या कैंपेन के प्रचार के लिए
हैशटैग लगाते समय कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- हैशटैग ज्यादा लंबा ना खींचे - कॉमा का इस्तेमाल हैशटेग में न करें, स्पेस देना है तो अंडरस्कोर से काम चलाइए - दो-तीन शब्दों को जोड़कर हैशटैग बनाना है तो अगले शब्द का पहना अक्षर कैपिटल में लिखें. - किसी भी टॉपिक या कैंपेन पर किस तरह के हैशटैग चल रहे हैं, उसको देखकर ही इस्तेमाल करें. - सबसे जरूरी बात, आपका अकाउंट अगर पब्लिक है तभी हैशटैग आपको रीच दिलाएगा - अपने पोस्ट में ज्यादा हैशटैग की बजाए कम लेकिन सटीक हैशटैग का इस्तेमाल करिए










