ऋचा ने बताया कि जब इलू-इलू गाना फेमस हुआ था. उस वक्त हम घर पर थे. स्केच पेन का पैकेट था और मैंने पूरे मुंह और हाथ को रंग लिया. मां ने पूछा तो मैंने कहा कि आने वाले कल की स्टार हूं. उसका नतीजा आपके सामने है. अपनी फिल्मी शुरुआत के बारे में ऋचा ने बताया कि वो देव D फ़िल्म का ऑडिशन देने पहुंची थीं, लेकिन मेरा नहीं हुआ. उस ऑडिशन के दौरान ही अनुराग कश्यप ने देखा और मुझे गैंग्स ऑफ वासेपुर में रोल दे दिया. ऋचा ने बताया कि जब ओए लक्की लक्की ओए फिल्म के दौरान मैं मुम्बई में मीडिया का कोर्स कर रही थी. उसके इंटर्नशिप के दौरान अभय देओल को फोन किया, लेकिन उन्होंने मुझे इंटरव्यू देने के लिए मना कर दिया था. छह महीने बाद मैं उनके साथ देव डी में काम कर रही थी. ऋचा अपनी कहानी सुना ही रही थी कि दर्शकों ने ऋचा से गाना गाने की डिमांड की. ऋचा ने कहा अंत में सुनाएंगे तो फिर डायलॉग सुनाने की फरमाइश आई. इसके बाद तो ऋचा ने ऐसी चौचक बात की कि सभी लोग हंसने लगे. ऋचा ने कहा-
मैं एक एक करके फरमाइश पूरी करती हूं. फिर यहां कटोरा रख दूंगी. आप पैसे डाल देना. GST के बाद फिल्म की टिकट्स बहुत महंगी हो गईं हैं.कभी-कभी एक्स्ट्रा किरदार निभाने वाले भी आगे निकल जाते हैं ऋचा ने कहा कि कभी कभी हम मेन रोल के पीछे भागते हैं. लेकिन वक्त का पता नहीं होता. कभी कभी एक्स्ट्रा किरदार निभाने वाले भी मेन लीड करने वालों से आगे निकल जाते हैं.
इसके बाद दर्शकों की डिमांड पर ऋचा चड्ढा ने मसान का 'तू किसी रेल सी गुजरती है' गाना गाया. फिल्मों में होता है परिवारवाद
फिल्मों मे परिवारवाद पर ऋचा ने कहा कि इंडस्ट्री के स्टार किड्स की परवरिश प्रोडक्ट की तरह होती है. बचपन से उनको घुड़सवारी औरर न जाने किस-किस चीज की ट्रेनिंग दी जाती है. वो लोग हम जैसे लोगों का संघर्ष नहीं समझ पाएंगे कि कैसे किराया भरने के लिए सोचते हैं कि चलो, कोई टाटा स्काई का ऐड कर लो. विरासत और भाई-भतीजावाद में अंतर होता है। ज़ाकिर हुसैन ने अपने पिता से तबला सीखा और खुद इतने बेहतरीन तबलची बने. ये विरासत है, जो बहुत अच्छी चीज है.
मैं पैसों के लिए विज्ञापन करती हूं, एंडोर्समेंट करती हूं. फिल्म से बहुत कमाने की नहीं सोचती. बुरी फिल्म करने से बेहतर है मां-बाप से पैसे ले लो अगर उनके पास हो तो. मेरे साथ कास्टिंग काउच नहीं हुआ. लोगों को मेरे बारे में पता है कि मैं चांटा लगा दूंगी. लेकिन हां, ऐसा होता है और शायद हर इंडस्ट्री में होता है.बराबरी से आएगा नारीवाद
अगर आप औरतों को बराबरी का हक़ नहीं देते तो ये दुनिया के लिए बुरा है. दुनिया में जब तक लड़कियों को बराबरी का अधिकार नहीं देंगे, तो ये दुनिया के लिए बुरा है. औरतों से कहीं ज़्यादा ये औरों के लिए बुरा है. औरतों के बिना दुनिया नहीं चल सकती, आदमियों के बिना भी नहीं चल सकती. तो ये जिम्मेदारी बराबरी की है. दोनों की बराबर ज़रूरत है. यही बराबरी नारीवाद की बुनियादी ईंट है. ये ऐसा समाज है जहां नवरात्रि में BHU के अंदर लड़कियों की पिटाई हो जाती है. इसी दौरान किसी ने कहा कि लड़कियों की पिटाई योगी ने करवाई है तो ऋचा ने कहा कि वो आप जानिए, आप रहते हैं यहां. मैं तो मुंबई में रहती हूं. ट्रोल्स पर ऋचा ने कहा कि ट्रोल्स पर बोलना हवा में थूकने जैसा है. देश की अर्थव्यवस्था थोड़ी खराब है. लोगों को नौकरी चाहिए. उनके पास कोई काम ही नहीं है, तो ऐसे लोग ट्रोल्स बन जाते हैं. लव जिहाद पर
ऋचा चड्ढा ने कहा कि मैं असली प्राउड हिंदू हूं. मुझे किसी और का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. हिंदू धर्म तो जीव हत्या से भी रोकता है. ऋचा ने कहा कि लव जिहाद जैसी कोई चीज होती ही नहीं हैं. लोग कभी अंतरजातीय विवाह पर बात करते हैं. फिर कभी अंतरजातीय रिश्तों पर बोलते हैं. ये लोग किसी न किसी पर बोलते ही रहेंगे और लव जिहाद शब्द का तो कोई तुक ही नहीं है. राजनीति में जाने पर
सवाल-जवाब के दौरान ऋचा से पूछा गया कि क्या कभी राजनीति में जाएंगी, ताकि लड़कियों के लिए कुछ काम कर सकें. ऋचा ने साफ तौर पर इनकार कर दिया. ऋचा ने कहा कि वो कभी राजनीति में नहीं जाएंगी और ऐसा इसलिए है कि मैं लड़कियों के लिए कुछ काम करना चाहती हूं. सबसे मुश्किल रोल पर
ऋचा ने बताया कि सबसे मुश्किल रोल मसान का था. वजह ये थी कि लड़की घर में भी पिट रही थी और बाहर भी. इस वजह से मैं अपसेट थी. सबकी मम्मियां लल्लनटॉप पढ़ती हैं
ऋचा से लोगों ने पूछा कि अगर आप अली सर के साथ अपने रिश्ते को कबूल कर लें, तो क्या हम आपको भाभी बुला सकते हैं? अली लखनऊ से हैं, इस नाते आप भाभी ही तो हुईं. जवाब में ऋचा ने कहा कि भाई तुम्हारी हमारी और अली फ़ज़ल सबकी मम्मियां लल्लनटॉप पढ़ती होंगी. ये बड़ी पर्सनल सी बात है. अंत में जाते-जाते ऋचा ने बड़े ही लल्लनटॉप अंदाज में लोगों के साथ सेल्फी ली और ओ वुमनिया पर डांस करते हुए सबको डांस करने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद ऋचा ने कहा कि ये मेरा आजतक का सबसे बेहतरीन इंटरैक्शन है. इसके बाद उन्होंने लोगों से विदा लिया और निकल गईं शुक्ला जी की चाट, रॉयल कैफे, टुंडे कबाब और पान खाने के लिए. देखिए लल्लनटॉप शो में रिचा की पूरी बातचीत:









