थोड़ा ज्यॉग्रफी के हिसाब से समझो हुआ क्या था?
धरती के अंदर बहुत सी प्लेटें होती हैं. जो इधर-उधर होती रहती हैं. इसी के चलते भूकंप आते हैं. कश्मीर, यूरेशियन और इंडियन टेक्टॉनिक प्लेट जहां जुड़ती हैं, वहां पर ये हैं. यही रीजन भी था कि कभी इस जगह हिमालय जैसी बड़ी माउंटेन रेंज बनी थी. जिसमें दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटियां हैं. तो इस भूकंप का सेंटर था PoK में मुजफ्फराबाद शहर, जो वहां की राजधानी भी है. वो भी जमीन के 19 किमी नीचे.राजधानी मुजफ्फाराबाद पूरी तहस-नहस हो गई थी
अधिकतर नुकसान PoK और उत्तरी पाकिस्तान को ही हुआ था. सारी राजधानी तहस-नहस हो गई थी. हॉस्पिटल, स्कूल और रेस्क्यू करने वाले भी सलामत नहीं थे. चाहे वो पुलिस हो या आर्मी, कोई भी इस हालत में नहीं था कि किसी दूसरे को बचा सके. सड़कें और कम्यूनिकेशन मीडियम को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा था. यही वजह थी कि जो हजारों मौतें हुईं उनमें से 70 परसेंट लोग केवल मुजफ्फराबाद में ही मारे गए थे.स्कूलों के ढहने के चलते मारे गए हजारों बच्चे
पाकिस्तान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2005 तक मौतों की संख्या 87 हजार 350 पहुंच चुकी थी. हालांकि कहा जाता है कि कुल मौतें जो इस भूकंप में हुईं वो 1 लाख से कम नहीं रही होंगी. करीब 1 लाख 38 हजार लोग ऑफिशियल आंकड़ों के हिसाब से घायल हुए थे. चूंकि भूकंप आने के वक्त बच्चे स्कूल जा चुके थे इसलिए बहुत से बच्चे स्कूलों की बिल्डिंग ढहने के चलते दबकर मर गए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 19 हजार बच्चे मारे गए थे.इसके बाद बढ़ गई थी हिमालय की ऊंचाई
करीब 5 लाख परिवार इस भूकंप से बेघर हुए. उधर ठंड भी पड़नी शुरु हो चुकी थी जिसने कंडीशन को और बिगाड़ दिया. बात ये भी थी कि रमजान का महीना था और कई लोग सहरी के बाद नींद ले रहे थे. भूकंप आने से बहुत से लोग घरों में ही फंसे रह गए और सारे का सारा PoK उजड़ गया. इसके बाद से 15 दिन के अंदर यानी 27 अक्टूबर 2005 तक 978 भूकंप आए. बाद में सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से पता चला कि भूकंप के बाद वहां के पहाड़ों की ऊंचाई बढ़ गई थी. और ये भूकंप भी इसी बदलाव के चलते आया था.भारत वाले कश्मीर में भी मारे गए थे हजारों लोग
भारत को भी इस भूकंप में बहुत नुकसान हुआ था. भारत में इसके चलते 1297 लोग मारे गए थे. 1178 कश्मीर में, 17 जम्मू में. 102 आर्मी और पैरा मिलट्री के जवान भी इस भूकंप में मारे गए थे. इंडिया के ऑफिशियल आंकड़ों के हिसाब से 6266 लोग घायल हुए थे. 32,723 बिल्डिंगें इंडिया में डैमेज हुईं थीं. दरअसल भारत पर 13 तारीख वाले भूकंप का जोरदार असर हुआ था. जिसके बाद होम मिनिस्ट्री तुरंत एक्टिव हुई और रेस्क्यू शुरू किया गया. पर पाकिस्तान के कब्जे वाले लोगों की हालत बहुत खराब थी. इस पूरे मामले में 40 लाख लोग बेघर हो चुके थे.ये भी पढ़ें -














