The Lallantop

भारत ने दुनिया को कुष्ठ रोग दिया, अब इसका इलाज देने जा रहा है

दुनिया को कुष्ठ रोग की पहली दवाई मिलने जा रही है और देने वाला ये इंडियन है.

Advertisement
post-main-image
भारत में एक कुष्ठ मरीज
मनुष्का
मनुष्का

हमें वो टीचर सबसे प्यारा होता है, जो बड़ी बातें भी चुटकियों में समझा देता है. मनुष्का उसी टीचर जैसी हैं. वैसे असल में टीचर नहीं, वैज्ञानिक हैं. इज़राइल में कैंसर जीन थेरेपी पर रीसर्च कर रही हैं. ये जानकर घबराने का नहीं, क्योंकि ये लिखती बहुत प्यार से हैं. देखिए न, इंडिया में कुष्ठ रोग की पहली वैक्सीन बनने की कहानी इन्होंने कितने प्यार से सुनाई है...

Advertisement


हमें वो टीचर सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, जो हमें बड़ी-बड़ी बातें चुटकियों में समझा देता है. मनुष्का उसी टीचर जैसी हैं. वैसे असल में टीचर नहीं हैं, वैज्ञानिक हैं.

मुझे दिल्ली स्थित भारत की अग्रणी शोध संस्था 'राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (National Institute of Immunology, NII) में 2008 में काम करने का अवसर और बहुत कुछ सीखने को मिला. आज का लेख संस्थान की नींव रखने वाले और पहले निर्देशक रहे डॉ. गुरसरन प्रसाद तलवार को समर्पित है. डॉ. तलवार को मित्रगण और साथी वैज्ञानिक 'प्राण' नाम से जानते हैं. आज 91 की उम्र में भी डॉ. तलवार दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में अनवरत कार्यरत हैं.

Advertisement

द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में डॉ. तलवार बताते हैं कि साल 1970 के एक दिन ने कैसे उनकी ज़िंदगी बदल दी. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से कई विदेशी प्रतिनिधि और रोग प्रतिरक्षा विशेषज्ञ (Immunologists) दिल्ली के एम्स (AIIMS) के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट में उनके पास एक रिक्वेस्ट लेकर आए कि वो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII) के संस्थापक-निदेशक का पद संभालें. इस पद पर रहते हुए वो दक्षिण-पूर्वी एशिया की इम्यूनोलॉजी संबंधी ज़रूरतों को पूरा करते.


डॉ. प्राण
डॉ. प्राण

डॉ. तलवार इसे लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे. फिर उन्हें बताया गया कि भारत में कुष्ठ रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा है. साथ में एक छोटा सा सवाल भी था, 'क्या आप इंतज़ार कर रहे हैं कि कोई अमेरिकी कुष्ठ रोग की दवाई ढूंढे?' हालात समझते हुए डॉ. तलवार ने हामी भर दी और NII का पद संभाला.

2000BC से मिले चुभने वाले अवशेष बताते हैं कि कुष्ठ रोग का मूल भारत में ही है. WHO के मुताबिक दुनियाभर के नए कुष्ठ रोगों के 60% मामले भारत से आते हैं. 2015 में चौथी WHO रिपोर्ट में भारत में एक लाख 27 हज़ार से ज्यादा कुष्ठ रोगियों का उल्लेख है. रोग प्रतिरक्षा क्षमता न्यूनतम स्तर पर होने की वजह से टीबी और कुष्ठ रोग के पीड़ितों में सबसे ज्यादा गरीब हैं. इसमें भी बच्चों को कुष्ठ होने की आशंका ज्यादा होती है. परिणामस्वरूप वो मूलभूत अधिकारों और इलाज से वंचित होते हैं और उन्हें बचपन से ही भेदभाव और बहिष्कार का सामना करना पड़ता है.


कुष्ठ रोगी की एक तस्वीर
कुष्ठ रोगी की एक तस्वीर

डॉ. तलवार वैज्ञानिक हैं, चिकित्सक नहीं. इसलिए सबसे पहले उन्होंने कुष्ठ रोग की जड़ समझने की कोशिश की. अपने कुछ छात्रों के साथ वो ओडिशा में एक कुष्ठ रोगी के घर में भी रहे. फिर कई गैर-रोगजनक सूक्ष्मजीवों की स्क्रीनिंग शुरू की गई, जिसमे से आखिर में एक ऐसा बैक्टीरिया मिला, जो कुष्ठ रोग के बैक्टीरिया (Mycobacterium leprae) मार सके.

Advertisement

इस तरह NII के कार्यकाल के दौरान ही डॉ. तलवार और उनकी रिसर्च टीम ने कुष्ठ रोग के दुनिया के पहले टीके (vaccine) की खोज की. जिस बैक्टीरिया से टीका बना, उसका नाम रखा गया- मायकोबैक्टीरियम इंडिकस प्राणाई (Mycobacteria indicus pranii, MIP). इसमें इंडिकस भारत और प्राणाई वैज्ञानिक प्राण के नाम को दर्शाता है.

दिल्ली में डॉ. प्राण की एक तस्वीर
दिल्ली में डॉ. प्राण की एक तस्वीर

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (Indian Council of Medical Research) में वैक्सीन के प्रभाव का टेस्ट होने के बाद दवाई बनाने वाली कंपनी कैडिला ने बड़े पैमाने पर इसका वैक्सीन उत्पादित करने का लाइसेंस लिया. करीब एक दशक बाद मई 2017 में गुजरात के चार और बिहार के दो ज़िलों में इस वैक्सीन का फील्ड ट्रायल शुरू हो चुका है. अगर ये परीक्षण सफल रहा, तो नेशनल लेप्रोसी इराडिकेशन प्रोग्राम इन्हे उपयोग में ले आएगी.

हम उम्मीद करते हैं कि डॉ. तलवार और उनके सभी साथी वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की मेहनत सफल हो और ज्यादा से ज्यादा कुष्ठ-रोगियों को इलाज मिल सके.




पढ़िए मनुष्का के पिछले आर्टिकल्स:
आइए, आपको डोनाल्ड ट्रंप की ससुराल घुमा लाते हैं

जानवरों पर क्रूर टेस्टिंग होकर आपकी अलमारियों तक ऐसे पहुंचती हैं दवाएं

भारत घूमने आई विदेशी लड़की ने घर लौटकर भारतीय लड़की को क्या बताया

कैसे होता है, कैसे बढ़ता है, कैसे ठीक होता है: कैंसर के बारे में सब कुछ

Advertisement