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डिंपल जी, आज़म खान के बयान पर कम से कम आपको तो ये नहीं कहना चाहिए था

गलती को गलती मान लेने में ही समझदारी है, न कि चोरी पर सीनाजोरी करने में.

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डिंपल यादव ने आज़म खान के बयान को कवर करके ठीक नहीं किया.
आज़म खान ने जया प्रदा को लेकर बेहद फूहड़ बात कही थी. ऐसी कि जिसे सार्वजानिक मंचों से नहीं कहा जाना चाहिए. आप सुन चुके होंगे लेकिन एक बार फिर सुनिए. और तब तक सुनिए तब तक घिन न आने लगे-
रामपुर वालों, उत्तर प्रदेश वालों, हिंदुस्तान वालों! उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गए. मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का जो अंडरवियर है वह भी खाकी रंग का है. मैं 17 दिन में पहचान गया, आपको पहचानने में 17 बरस लगे, 17 बरस.
आजम खान के इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. अब इस बयान पर डिंपल यादव का बयान आया है. उन्होंने आज़म खान का बचाव किया है. डिंपल अखिलेश यादव की पत्नी हैं जो उस वक़्त मंच पर मौजूद थे जब आज़म खान ने ये बयान दिया. डिंपल ने कहा है-
छोटी-छोटी बातों में नहीं पड़ना चाहिए. बीजेपी मुद्दों से भटकाना चाहती है. दरअसल, रामपुर में अखिलेश यादव की मौजूदगी में एक चुनावी सभा में आजम खान ने जया प्रदा को लेकर विवादित बयान दिया था. हालांकि, उस बयान में जया प्रदा का नाम नहीं लिया गया था.
इससे पहले अखिलेश यादव भी आज़म खान का बचाव कर चुके हैं. अखिलेश ने कहा था-
उन्होंने किसी और के बारे में ऐसा कहा था. हम समाजवादी लोग कभी भी किसी भी महिला के प्रति और बेटियों के प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं.
अखिलेश और डिंपल इस बार पर अड़े हैं कि आज़म खान ने किसी का नाम नहीं लिया था. और वो बयान जया के लिए नहीं था. अगर ऐसा है तो वो इतना भर बता दें कि आखिर ये बयान था किसके लिए. और अगर जया के नहीं भी था तो क्या किसी भी महिला के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाना थी सही है? अगर ये बयान जया प्रदा के लिए ना होता तो उनसे इसके बारे में पूछा ही नहीं जाता. और वो भी इसका जवाब देने की ज़हमत ना उठतीं. जया का कहना था-
पता नहीं मैंने उसके लिए क्या किया कि वह इस तरह के बयान दे रहा है. उसके खिलाफ FIR हुई है. जनता तक बात पहुंची है, लोग उसे छोड़ेंगे नहीं. उसका चुनाव रद्द किया जाए. यह यदि चुनाव जीतेगा तो लोकतंत्र का क्या होगा? समाज में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं होगा. मैं तुम्हें हराकर बताऊंगी कि जया प्रदा क्या है. क्या तुम्हारे घर में मां-बहू नहीं है.
डिंपल यादव ने एक और बात कही कि बीजेपी ध्यान भटकाना चाहती है. बीजेपी किसी अन्य मुद्दे के लिए दोषी हो सकती है लेकिन उस शख्स के वाहियात बयान के लिए आप उसे कैसे दोषी ठहरा सकते हैं जिसका अपनी जबान पर नियंत्रण ही नहीं है. आज़म खान राजनीति में नए नहीं हैं. सालों से ऐसा कर रहे हैं. लोगों को बातों में कैसे लेते हैं ये उन्हें अच्छे से जानते हैं. और मुद्दे पर तो आज़म खान भी बात नहीं कर थे. उनके भाषण से साफ है कि उनकी टारगेट ऑडियंस क्या है. अच्छा होता अगर डिंपल यादव आज़म खान के इस बयान की निंदा करतीं. अगर उन्हें ये बात छोटी लगी तो उन्हें सोचने की ज़रूरत है. चुनाव चल रहा है. भाषा की मर्यादा रखनी चाहिए. ऐसा ना हो कहीं उनके बारे में कोई ओछी बात कह दे. डिंपल जी, जो नेता महिलाओं के अंडरवियर को प्रतीक बनाकर अपनी बात कहता है, जिस भाषण के लिए उन्हें महिला आयोग ने नोटिस थमा दिया, चुनाव आयोग ने प्रचार करने पर रोक लगा दी, विरोधी उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग करने लगे, आप अब भी उसे छोटी बात कह रही हैं? सीरियसली? गलती करना गलती नहीं होती बल्कि उसे गलती ना मानना उससे भी बड़ी गलती होती है. जब तक आप जैसी सशक्त महिलाएं इसके खिलाफ नहीं बोलेंगी तब तक ऐसे गिरे हुए नेता महिलाओं की अंडरवियर में ही अटके रहेंगे.
Video: अपनी बेहूदी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं आजम खान

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