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दिल्ली के पुराना किला में क्या मिल गया जो हर तरफ 'महाभारत' होने लगी?

ASI ने ही कहा है कि खुदाई में मिली चीजें महाभारत काल से जुड़ी हो सकती हैं. लेकिन और भी कुछ मिला है.

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पुराना किला और वहां खुदाई में मिले सिक्के और मूर्तियां. (फोटो सोर्स- आज तक)

दिल्ली का पुराना किला (Purana Kila Delhi) चर्चा में है. यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई में प्राचीन मूर्तियां निकल रही हैं. ऐसा अनुमान लगाया गया है कि कुछ मूर्तियां महाभारत काल से संबंंधित हो सकती हैं. लेकिन साथ में ये भी बताया गया है कि मूर्तियां 2500 साल पुरानी हैं और मौर्यवंश और मुगल काल की चीजें भी मिली हैं. अब यहां दोनों बातें विरोधाभासी लगती हैं. 2500 साल पहले के वक्त को महाभारत काल से जोड़ना अजीब लगता है. क्योंकि वो द्वापर युग की कथा है. लेकिन हम इस बहस में ना पड़ते हुए केवल आपको जानकारी दे देते हैं.

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खुदाई में मूर्तियों के अलावा सिक्के वगैरा भी मिले हैं. ASI ने कहा है कि ये सभी चीजें किसी एक कालखंड की नहीं हैं. बताया गया है कि महाभारत में वर्णित कालखंड, मौर्यवंश का शासनकाल और मुग़ल काल के दौरान का सामान खुदाई से निकल रहा है. ASI के निर्देशक वसंत स्वर्णकार का कहना है कि महाभारत काल से जुड़े बर्तन भी मिले हैं, हालांकि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि ये जगह महाभारत में वर्णित पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ ही है.

क्या-क्या मिला?

पुराने किले में ये तीसरे चरण की खुदाई चल रही है. इससे पहले 1969 में पहली बार यहां खुदाई की गई थी. फिर 2013-14 और 2017-18 में दूसरे चरण की खुदाई हुई. जिस साइट पर मौजूदा खुदाई चल रही है उसे ‘इंद्रप्रस्थ एक्स्केवेशन साइट’ नाम दिया गया है. ASI के निर्देशक वसंत स्वर्णकार के नेतृत्व में इस स्टेज की खुदाई चल रही है.

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ASI के मुताबिक खुदाई के दौरान बैकुंठ विष्णु, गज लक्ष्मी, भगवान गणेश की मूर्तियां, अलग-अलग समय के सिक्के, आदमी और जानवरों की हड्डियां मिली हैं. 

आजतक से जुड़े पंकज जैन की खबर के मुताबिक, किले में इस बात के भी सबूत मिले हैं कि लोग समय-समय पर यहां जिंदगी गुजार रहे थे. खुदाई में मिली अलग-अलग चीजों को दिखाते हुए ASI एक्सपर्ट ने कहा कि आर्कियोलॉजिकल खुदाई एक धीमी प्रक्रिया है. इसलिए जो भी चीजें मिलती हैं उन्हें बड़ी सावधानी से हैंडल किया जाता है. बाद में इन चीजों को पुराने किले के म्यूजियम में रखा जाएगा.

वसंत स्वर्णकार ने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया है कि ASI को किले में एक टीले पर खुदाई में पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) यानी रंगे हुए बर्तनों के टुकड़े  मिले हैं. उन्होंने ही अनुमान जताया है कि ये टुकड़े महाभारत काल से जुड़े हो सकते हैं. ASI निर्देशक ने कहा कि अलग-अलग तरीके के बर्तन अलग-अलग कालखंड से जुड़े होते हैं. अभी जो बर्तन मिले हैं वे अच्छी तरह पकाई हुई मिट्टी के बने हैं और इन पर काले धब्बों के डिज़ाइन है.

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स्वर्णकार ने कहा,

"70 के दशक में भारत के जाने-माने आर्कियोलॉजिस्ट BB लाल ने उन जगहों पर खुदाई की थी जिनका उल्लेख महाभारत में किया गया है. उन्होंने बताया था कि खुदाई में सबसे गहरी लेयर PGW की थी… और उन्होंने PGW लेयर को महाभारत काल से जोड़ा था. उस वक़्त के इतिहासकारों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है."

हालांकि स्वर्णकार ने ये भी कहा कि अभी इस पूरे इलाके की खुदाई में करीब 2 साल का वक़्त लगेगा. उसके बाद ही इस बारे में कुछ ठोस कहा जा सकता है. 

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