भक्ति गाने हम बचपन से ही सुनते आए हैं. पर कभी सोचा कि पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के मुस्लिम सिंगर्स एक पुराने भक्ति गीत को गाकर इसे पूरी दुनिया में फैला देंगे. ये भक्ति गीत बंगाली में हैं और इसका नाम “भ्रमोर कोइओ गिया” है. ये गीत बांग्लादेश में उतना ही फेमस है जितना पंजाब में पंजाबी सूफी गीत “दमा दम मस्त कलंदर” है. पहले ये गीत बांग्लादेश में एक भक्ति लोक गीत ही था जब तक कि फिरदौसी रहमान ने इसे 1974 में गाया नहीं था. फिरदौसी के गाने के बाद ये इतना हिट हुआ कि उसके बाद बांग्लादेश के लगभग सभी सिंगर्स ने इस गाने को अपने अंदाज में गाया. और बाद में जाकर पश्चिम बंगाल के सिंगर्स ने भी इस मशहूर बंगला भक्ति गीत को गाने लगे.
दरअसल ये गीत 1848 में बंगाल के मशहूर गायक और कवि राधारमण दत्ता ने लिखी है. राधारमण ने “बाउल ट्रेडिशन” के कुल 2000 गीत लिखे हैं. “भ्रमोर कोइओ गिया” भी उन्हीं गीतों में से एक है. राधारमण सिलहट के रहने वाले थे. जो कि आज बांग्लादेश में पड़ता है. राधारमण के सभी गीतों को मॉडर्न बांग्लादेशी सिंगर्स ने गया है. भ्रमोर एक विरह गीत है जिसमें राधारमण ने श्री कृष्णा के लिए राधा के प्रेम को दिखाया है.
इस गीत का हिंदी अनुवाद इस तरह है:
ओ भ्रमर, जाओ और मेरे कृष्ण को बताओ जब तक कि मैं उनको देखती नहीं हूं और याद नहीं करती हूं मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता है, मेरा अंग जलने लगता है ओ भ्रमर, जाओ और मेरे कृष्ण को बताओ कोई कोई कोई रे भ्रमर, कृष्णा को जाकर समझाओ नहीं तो उनकी राधा मर जाएगी, मेरे अंग भी सूख रहे हैं ओ भ्रमर, जाओ और मेरे कृष्ण को बताओ
ये जोड़ी अगर छूटी तो भ्रमर, मैं घर-द्वार छोड़ दूंगी और मैं अपने सिर के दो भाग कर लूंगी जब कृष्ण ऐसा देखेंगे तब वो अपनी राधा की आवाज सुनेंगे ओ भ्रमर, जाओ और मेरे कृष्ण को बताओ भैया राधा रमण बोले, सुने रे जमाना राधा के प्रेम की बात, दिल को जलाए रे ओ भ्रमर, जाओ और मेरे कृष्ण को बताओ 1. पर्दे पर सबसे पहले फिरदौसी रहमान ने इसे गाया था. इसके वीडियो को देखिए: https://youtu.be/W6HNZ-7LcOA
2.इसके बाद बांग्लादेशी सिंगर दिलरुबा खान ने भी गाया, देखिए दिलरुबा की आवाज में ये गाना: https://youtu.be/iPz3WyAk-KQ
3.बंगाली सिंगर पारस मोनी ने इस गीत को ढोल-तबले के साथ स्टूडियो में गाया है. जो सुनने वालों को एक अलग फ्लेवर देता है. आप भी देखिये पारस मोनी के इस वीडियो को : https://youtu.be/XxtyvhJvjyI
4.संगीता ठाकुर ने “भ्रमोर कोइओ गिया” को बिलकुल अगल लहजे में गाया है. संगीता के इस गाने में गांव में रहने वाले दो गरीब नौजवान प्रेमी पति-पत्नी को दिखाया गया है. जो गांव में एक झोपड़ी में रहते हैं. पति कमाने परदेस जा रहा होता है, और पत्नी उससे विनती कर रही होती है कि मत जाओ. और बैकग्राउंड में ये प्रेम गीत चल रहा होता है. https://youtu.be/SwqCTGgbjvo
5.इमान चक्रवर्ती ने इस गीत को काफी कलरफुल और रोमांटिक अंदाज में गाया है. इस वीडियो में इमान ने बरसात के मौसम का टच दिया है. जिसे लोगों ने बहुत पसंद भी किया है. देखें इस वीडियो को : https://youtu.be/gy9mf7Z4-Yw
ये गीत राधा के अंदर बसे कृष्ण के लिए प्रेम की व्याख्या है. कृष्ण चले गए हैं और राधा पूरी शिद्दत के साथ उन्हें याद कर रही हैं. इस गीत की जो लाइनें हैं, उसे इश्क करने वाले लोग आसानी से समझ सकते हैं और इसे खुद से रिलेट भी कर सकते हैं. इस गीत की सबसे जो खास बात है, वो ये है कि इस भक्ति गीत को बृज क्षेत्र या भारत के किसी दूसरे भाग में नहीं गाया जा रहा है. बल्कि इसे गाया जा रहा मुस्लिम बहुल मुल्क बांग्लादेश में. और गाने वालों में ज्यादातर मुसलमान हैं. बांग्लादेश में सूफी गाने वाले लोगों ने इस भक्ति गीत को सूफी गीतों में शामिल कर दिया है. इस गीत की पॉपुलैरिटी का आलम ये है कि इस गीत को रोमानियन सिंगर 'लिव्यू' ने रोमानियन भाषा में कॉपी कर
'Vorbesc Cu tine Nu Ma Auzi' के नाम से नया गाना बनाया. तजाकिस्तान की मशहूर सिंगर नाजिया करमतुल्लाह ने भी इस गीत को कॉपी कर एक नए ताज्जिक गाना
'Kujo Kujo' गाया है. इस गीत को बाद में फारसी, टर्किश और दूसरी भाषाओं में भी कॉपी किया जा चुका है.
1. लिव्यू का 'Vorbesc Cu tine Nu Ma Auzi' : https://youtu.be/MCNwmW65_10
2. नाजिया करमतुल्लाह का 'Kujo Kujo' : https://youtu.be/hI0KTBeW4Tc
ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है
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