हुआ ये है कि फिल्म 'स्त्री' के डायरेक्टर अमर कौशिक और प्रोड्यूसर दिनेश विजन अपनी आगामी फिल्म 'बाला' में आयुष्मान के साथ काम कर रहे हैं. लेकिन जिस विषय पर वो फिल्म बना रहे हैं, उस पर चोरी का आरोप लग गया है. सिर्फ आरोप नहीं लगा बॉम्बे हाई कोर्ट में कॉन्टेंट चोरी मामले में केस दर्ज हो गया है.

पिछले साल रिलीज़ हुई आयुष्मान की ये फिल्म साल की सबसे सफल फिल्मों में शुमार हो गई.
फिल्म का कॉन्सेप्ट क्या है?
ये फिल्म है प्रीमच्योर बॉल्डनेस (Pre-Mature Baldness) यानी कम उम्र में ही बाल झड़ जाने के बारे में. एक लड़का है, जिसके बाल कम उम्र में ही झड़ गए और वो गंजा हो गया है. इससे उसकी लाइफ झंड हो गई है. कॉन्फिडेंस की रेड पिटी पड़ी है. समाज और परिवार में हीन भावना से जूझ रहा है. लोग उसका मजाक बनाने लगे हैं. जीवन में लड़की नहीं है. शादी होने जा रही है लेकिन गंजेपन को विग के सहारे छुपाकर. जिस दिन ये सच्चाई सामने आएगी, लड़की को ठगा हुआ सा महसूस होगा. ये एक ऐसी समस्या जो नौजवानों में बहुत आम है.
विवाद वगैरह का क्या स्टेटस है?
मामला कतई गंभीर है. 8 दिसंबर को ट्रेड एनलिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी कि 'दम लगाके हइशा' और 'शुभ मंगल सावधान' के बाद भूमि पेडनेकर और आयुष्मान खुराना की जोड़ा एक फिर पर्दे पर लौट रही है फिल्म 'बाला' के लिए. इस कॉमेडी फिल्म को वही टीम लेकर आ रही है, जिसने 'स्त्री' जैसी फिल्म बनाई थी. यानी डायरेक्टर अमर कौशिक और प्रोड्यूसर दिनेश विजन.
इसके बाद ये खबर आई कि इस फिल्म के मेकर्स पर बॉम्बे हाई कोर्ट में केस हो गया है. और ये केस दर्ज करवाया है फिल्म के ओरिजनल राइटर कमल कांत चंद्रा ने. इस मामले में जब दी लल्लनटॉप ने कमल से बात की, तो उन्होंने इस विवाद और केस फाइल करने के पीछे की पूरी कहानी बताई.
आयुष्मान ने स्टोरी का आइडिया जानकर फोन उठाना बंद कर दिया
कमल ने बताया कि प्री-मच्योर बॉल्डनेस पर फिल्म बनाने का आइडिया उनका था. ऐसा इसलिए क्योंकि वो खुद इसके भुक्तभोगी रह चुके हैं. कमल बताते हैं कि जब वो कॉलेज में पढ़ते थे, तभी से उनके बाल गिरने शुरू हो गए थे. उसके बाद उन्होंने टोपी पहननी शुरू कर दी और लोगों को बताया कि वो हिमेश रेशमिया के फैन हैं. फिर अपनी इस दिक्कत पर उन्हें फिल्म बनाने का आइडिया आया. उन्होंने एक कहानी लिखी और फिल्मों की स्क्रिप्ट और कॉपीराइट से जुड़ी संस्था में रजिस्टर करवा दिया. ये चीज़ें 2014-16 के बीच घटीं. इसके बाद अपनी इस कहानी पर फिल्म बनाने के लिए कमल का संघर्ष शुरू हुआ.

कमल कांत चंद्रा. टोपी पहनने वाले राइटर को टोपी पहनाने की कोशिश नाकाम होती नज़र आ रही है.
आयुष्मान का करियर जमीनी विषय पर बनी फिल्मों की वजह से ही कुलांचे भर रहा है. इसलिए ये कहानी सुनाने के लिए आयुष्मान कमल को ठीक आदमी लगे. सितंबर, 2017 में उन्होंने अपनी ये कहानी आयुष्मान खुराना को सुनाई. आयुष्मान इस सब्जेक्ट को सुनकर एक्साइटेड हो गए. उन्होंने कमल से अगले ही दिन मिलने की बात कही. लेकिन जब वो आयुष्मान से मिलने के लिए स्टूडियो पहुंचे, तो उनकी मैनेजर ने बताया कि वो किसी अर्जेंट काम की वजह से निकल गए हैं. कमल ने अपनी कहानी वहीं छोड़ दी और वापस लौट गए. इसके बाद कई दिनों तक वो इस मामले को फॉलो करते रहे. लेकिन कुछ हो नहीं रहा था. आयुष्मान और उनकी टीम ने उनका फोन उठाना भी बंद कर दिया. फिर कमल को आयुष्मान की मैनेजर सुनीता ने बताया कि फिलहाल आयुष्मान इस कॉन्सेप्ट पर काम नहीं करेंगे. यहां बात खत्म हो गई.
इसके कुछ ही दिन बाद आयुष्मान को लेकर दिनेश विजन ने 'बाला' फिल्म अनाउंस कर दी. खोज-खबर लेने पर पता लगा कि आयुष्मान की ये फिल्म भी प्रीमच्योर बॉल्डनेस के ऊपर ही बेस्ड है. मामला अटक गया. उस परेशानी को झेल चुके फिल्म के राइटर को ये बात सुनकर बड़ा शॉक लगा. उसके बाद वो लगातार इस फिल्म से जुड़ी जानकारियां इकट्ठी करने लगे. जब उनका शक यकीन में बदल गया, तब उन्होंने आयुष्मान समेत फिल्म के मेकर्स को नोटिस भेजा और उसका जवाब देने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया. लेकिन उनका जो जवाब आया वो संतोषजनक नहीं था.
इसके बाद शुरू हुई कोर्ट-कचहरी
जब कमल के पास अपनी कहानी बचाने के कोई ज़रिया नहीं बचा, तब वो कोर्ट पहुंचे. 7 मार्च, 2019 को उन्होंने इस फिल्म को बनाने वाली टीम के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में केस दर्ज करवाया. पहली सुनवाई हुई 11 मार्च को. और अगली 19 मार्च को होनी है.
मेकर्स ने क्या जवाब दिया है?
डायरेक्टर अमर कौशिक ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि उन्हें इस सब के बारे में कुछ नहीं पता. वो पिछले चार-पांच महीने से इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं. कमल कांत चंद्रा और उनकी कहानी के किरदार सेम हों, ये बिलकुल संभव नहीं है. अमर आगे बताते हैं कि उन्हें कमल चंद्रा की स्क्रिप्ट के बारे में कुछ नहीं पता. न ही वो दोनों कभी मिले हैं. वो पहले दिन से इस फिल्म की कहानी लिख रहे हैं. ये किसी भी गंजे आदमी की कहानी हो सकती है. जहां तक कोर्ट केस का मामला है, तो वो प्रोड्यूसरों का मसला है.
ऐसा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहले भी कई दफे हो चुका है
इस मामले में सबसे लेटेस्ट इग्जांपल है कंगना रनौत की 'मणिकर्णिका'. रानी लक्ष्मी पर फिल्म बनाने के आइडिया केतन मेहता का था. वो इस बारे में लगातार कंगना के साथ बातचीत कर रहे थे. लेकिन फिर केतन बीमार पड़ गए और कंगना ने उसी विषय पर अन्य लोगों के साथ फिल्म बना ली. इसके अलावा इमरान हाशमी की फिल्म 'जन्नत 2' पर भी स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगा और मामला कोर्ट पहुंच गया था. इस कहानी के ओरिजिनल राइटर कपिल चोपड़ा ने प्रोड्यूसरों 'विशेष फिल्म्स' के खिलाफ केस जीता था. ऐसा ही कुछ संजय लीला भंसाली की ऋतिक रौशन स्टारर फिल्म 'गुज़ारिश' के साथ भी हुआ था. फिल्म के राइटर ताबिश नूरानी ने मेकर्स के खिलाफ केस कर दिया, जिसके बदले प्रोड्यूसर्स को उन्हें तीन लाख रुपए चुकाने पड़े थे.
वीडियो देखें: मणिकर्णिका के क्रेडिट विवाद मामले में बॉलीवुड के डायरेक्टर्स ने कंगना की पोल खोल दी है
























