ईशान अवस्थी, तुम्हारे दुख सिर्फ तुम्हारे नहीं हैं
हम सबमें एक ईशान नंदकिशोर अवस्थी है, जो भरा बैठा है, और उसे फट पड़ने को बस एक कंधा चाहिए.
Advertisement

बस ऐसे सवालों से बचूंगा!
'तारे जमीन पर' में दर्शील सफारी को डिस्लेक्सिया पीड़ित दिखाया गया था. जिसे रोज बहुत कुछ झेलना पड़ता था. पर प्रॉब्लम सिर्फ दर्शील उर्फ ईशान अवस्थी की नहीं है . हम सबको भी रोज बहुत कुछ झेलना होता है. ईशान के दुःख हमारे अपने हैं. हमारे भी बड़े भाई-बहन जब ज्यादा नंबर पाते थे तो हम लताड़े जाते हैं. हमने भी शॉवर से कुश्ती लड़ी है और पानी पी-पी सब्जी गटकी है. नीचे देखिए पांच मौके जब हम भी ईशान जैसे रिएक्ट करते हैं.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement















.webp?width=120)
.webp?width=120)




