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नारियल का तेल लगा लेंगे तो डेंगू नहीं होगा? जानिए सच

डेंगू बुख़ार से जुड़े मिथ जो आपको जानने चाहिए

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तस्वीर में दिख रहा मच्छर एडीज इजिप्टी है. अगर ये मच्छर किसी डेंगू से ग्रस्त किसी व्यक्ति को काटने के बाद आपको काटता है तो आपको डेंगू बुखार हो जाता है. (साभार इंडिया टुडे)
देश के कई हिस्सों में डेंगू बुख़ार के केसों में तेज़ी देखी जा रही है. राजधानी दिल्ली का भी हाल बुरा है. 2017 में दिल्ली में डेंगू से 10 मौतें हुई थी. और इस साल ये आंकड़ा 9 तक पहुंच गया है. इस स्टोरी के लिखे जाते वक़्त तक दिल्ली में ही 2708 लोग डेंगू से पीड़ित है. और दिल्ली ही क्यों, यूपी बिहार और तमाम राज्यों में ऐसी हालात है. ऐसे में लल्लनटॉप आपके लिए लेकर आया है डेंगू से जुड़े पांच मिथ, जो आपको ज़रूर जानने चाहिए. ये ऐसे मिथ हैं, जो लोग आपको हवा में बता दे रहे हैं. और आपको लग रहा है कि मानने में हर्ज क्या है. लेकिन बिना सोचे समझे मत मानिए और इन अफ़वाहों के बारे में जानिए. अफवाह नंबर 1 : आपको दोबारा डेंगू नहीं हो सकता  ये सबसे कॉमन अफवाह है. लोग ये समझते हैं कि एक बार डेंगू हो गया तो उनके शरीर में डेंगू से लड़ने की शक्ति आ जाती है. यानी कि डेंगू से लड़ने के लिए उनके शरीर में इम्यूनिटी आ जाती है. ये एकदम गलत सोच है. डॉक्टरों के मुताबिक आपको जीवन में कई बार डेंगू हो सकता है. डेंगू की रोकथाम के लिए कोई टीका अभी तक नहीं बनाया गया है जिससे शरीर में इसको रोकने के लिए इम्यूनिटी विकसित हो जाए. तो अगर आपको एक बार डेंगू हो जाता है तो लापरवाह होने की जरूरत नहीं है. एहतियात बरतिए. अफवाह नंबर 2 : कम प्लेटलेट्स मतलब आपको डेंगू है ये बात तय है कि डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है. लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं कि हर बार प्लेटलेट्स की कम संख्या का जिम्मेदार डेंगू ही है. मानसून के सीजन में कई तरह के और वायरस और बैक्टीरिया भी खूब सक्रिय रहते हैं. इनसे होने वाले संक्रमण से भी शरीर में प्लेटलेट्स घट जाते हैं. कई और बीमारियों में भी प्लेटलेट्स घट जाते हैं, जैसे कि चिकनगुनिया, येलो फीवर, एचआईवी, हेपटाइटिस बी/सी. यहां तक की कैंसर में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं. इसलिए अगर कभी भी ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर से बात करिए, डेंगू के अलावा भी कोई बीमारी हो सकती है. अफवाह नंबर 3 : नारियल का तेल लगाने से आप डेंगू की चपेट में नहीं आएंगे  नारियल के तेल के कई फायदे हैं. इसको सब मानते हैं. लेकिन कई दफा हमें सोशल मीडिया पर भी इस तरह के कुछ पोस्ट देखने को मिलते हैं जिसमें ये कहा जाता है कि डेंगू से बचना है तो नारियल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए. इस तरह के अफवाहों से बचकर रहें. अभी तक किसी भी रिसर्च में ये साबित नहीं हुआ है की नारियल का तेल डेंगू से बचाव करता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि नारियल का तेल स्किन पर एक चिकनी परत की लेयर बना देता है. मच्छर का काटना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. लेकिन परत शाश्वत तो है नहीं, कुछ घंटे में सूख जाएगी. फिर मच्छर कचकचाकर काट लेगा तो ख़तरा बना रहेगा. और मच्छरों से बचना है तो शरीर को ढककर रखिए. बाहर जाने से पहले मच्छरों के काटने से बचने के लिए किसी क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसी कई क्रीम बाजार में मौजूद हैं. अफवाह 4 : किसी भी मच्छर के काटने से डेंगू हो सकता है  डेंगू बीमारी केवल मादा एडीज इजिप्टी (इजिप्टाई भी कहते हैं) नाम के मच्छर के काटने से फैलती है. आम भाषा में डेंगू का मच्छर भी कहते हैं इसको. ये मच्छर साइज़ में छोटा होता है करीब 5 मिलिमीटर तक. मच्छर के शरीर पर सफेद धब्बे होते हैं. डेंगू के वायरस को इसके शरीर में विकसित होने 7 से 8 दिन का समय लगता है. बाकी मच्छरों के शरीर में ये वायरस विकसित नहीं हो पाता इसलिए उनके काटने से आपको डेंगू नहीं होगा. एडीज मच्छर अकसर दिन के समय काटते हैं. ज़्यादार घुटनों से नीचे और कोहनी के आसपास, क्योंकि हमारे शरीर के ये हिस्से अकसर ढके नहीं होते. इस मच्छर के काटने के बाद 3 से 5 दिनों में आपके शरीर में डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं. अफवाह नंबर 5 : बारिश के मौसम के बाद ही डेंगू फैलता है   बारिश बीत जाने के बाद डेंगू के केसों में खूब बढ़ोत्तरी होती है. लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं है कि बारिश के बाद ही डेंगू फैलता है. दरअसल डेंगू का मच्छर साफ पानी में अंडे देता है. और बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर जाता है. जिस वजह से डेंगू के मच्छर को अपनी आबादी बढ़ाने के लिए खूब जगह मिलती है. इसी कारण डेंगू के केस भी ज्यादा आते हैं. लेकिन साल के बाकी दिनों में भी ये मच्छर अंडे देते हैं, और इनकी आबादी भी बढ़ती रहती है. ये मच्छर गड्ढों में, नारियल के खोल और पुराने टायरों में, पेड़ में बनी कोटरों में, घरों में रखे कूलर और गमलों में भरे पानी में अंडे देते हैं. केंद्र सरकार के परिवार और जन कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, पानी के बाहर भी एडीज मच्छर के अंडे करीब एक साल तक जिंदा रहते हैं. डेंगू से बचाव करना है तो घर के आसपास पानी जमा ना होने दें, कूलर और गमलों में भरे पानी को बार-बार बदलते रहें. हमने कुछ सबसे कॉमन अफवाहों से आपको बचने की सलाह दी है. अगर डेंगू हो जाता है तो ख़ुद से इलाज मत करिए. कोई कहेगा कि पपीते के पत्ते से इलाज होगा तो कोई कहेगा कि किसी फल से इलाज होगा. ये सब सुन ज़रूर लीजिए. लेकिन मानिए डॉक्टर की सलाह. देर बिलकुल मत करिए. और अपना ख़याल रखिए.

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