अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाए जाने के मद्देनजर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार स्वैच्छिक आधार पर होना चाहिए, किसी भी दबाव या जबरदस्ती से मुक्त. विज्ञान भवन में 'संघ की यात्रा के 100 वर्ष - नए क्षितिज' व्याख्यान में बोलते हुए, भागवत ने आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक मूल्यों, शासन और वैश्विक "धार्मिक" व्यवस्था को आकार देने में भारत की भूमिका के लिए संघ के दृष्टिकोण पर विस्तार से बताया. उन्होंने आत्मनिर्भर होने और 'स्वदेशी' का अभ्यास करने के महत्व पर बल दिया, और भारतीयों से आयात पर घरेलू उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. भागवत ने इस बात पर प्रकाश डाला, "जब आप घर पर शिकंजी (नींबू पानी) बना सकते हैं तो कोका-कोला या स्प्राइट क्यों खरीदें?" क्या कहा है मोहन भागवत ने, जानने के लिए देखें वीडियो.
ट्रंप के टैरिफ से कैसे निपटना है, मोहन भागवत ने बता दिया
मोहन भागवत ने आत्मनिर्भर होने और 'स्वदेशी' का अभ्यास करने के महत्व पर बल दिया.
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