उत्तर प्रदेश का धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून लिव इन रिलेशनशिप और अंतरधार्मिक विवाह पर रोक नहीं लगाता. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग धर्मों से जुड़े कपल्स की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि पार्टनर चुनने और साथ रहने का अधिकार संविधान के आर्टिकल 14, 15 और 21 के तहत सुरक्षित है. कोर्ट ने और क्या कहा? जानने के लिए वीडियो देखिए.
अंतरधार्मिक लिव इन रिलेशनशिप पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम बयान
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग धर्मों से जुड़े कपल्स की याचिकाओं पर सुनवाई की.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)










.webp?width=275)




.webp?width=120)





