भारत-अमेरिका के बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि एक गंभीर राजनयिक गतिरोध को उजागर करती है. जिसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ एक गुप्त बैठक के दौरान "धमकी" के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था. डोवाल ने कथित तौर पर यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने 2047 लक्ष्यों के लिए अमेरिका को एक स्थायी रणनीतिक साझेदार मानता है, लेकिन वह दबाव के आगे झुकने के बजाय ट्रंप प्रशासन का कार्यकाल समाप्त होने तक इंतजार करने को तैयार है.
‘ट्रंप के हटने का इंतज़ार’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील से पहले अजित डोभाल की धमकी?
अजित डोवाल ने कथित तौर पर यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने 2047 लक्ष्यों के लिए अमेरिका को एक स्थायी रणनीतिक साझेदार मानता है, लेकिन वह दबाव के आगे झुकने के बजाय ट्रंप प्रशासन का कार्यकाल समाप्त होने तक इंतजार करने को तैयार है.
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