बिहार के दरभंगा जिले के एक गांव में 200 से ज्यादा लोगों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. ये मामला मजदूरी न देने से जुड़ा बताया जाता है. पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है. मामले में जातिगत एंगल देखते हुए एहतियातन गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ झगड़ा, गांव के 210 लोगों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस
बिहार के दरभंगा जिले का ये मामला है. यहां के हरिनगर गांव के एक दलित परिवार ने आरोप लगाया कि एक घर बनाने के लिए उन्होंने मजदूरी की, लेकिन घर के मालिक ने उन्हें मजदूरी के लगभग ढाई लाख रुपये अब तक नहीं दिए. इसी बात को लेकर 31 जनवरी को दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. जिसमें 10 लोग घायल हुए. अब हुआ केस 200 से ज्यादा लोगों पर.
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ये पूरा मामला दरभंगा जिले के हरिनगर गांव का है. गांव के एक दलित परिवार ने आरोप लगाया कि एक घर बनाने के लिए उन्होंने मजदूरी की, लेकिन घर के मालिक ने उन्हें मजदूरी के लगभग ढाई लाख रुपये अब तक नहीं दिए. इसको लेकर गांव में ही 30 जनवरी को पंचायत भी हुई, लेकिन तब मामला नहीं सुलझ पाया. इसी बात को लेकर 31 जनवरी को दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत में ब्राह्मण समुदाय के 70 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. साथ ही 140 से अधिक अज्ञात लोगों का जिक्र भी एफआईआर में है. शिकायत में जाति सूचक शब्द कहने और बच्चों-महिलाओं को लाठी-डंडों से पीटने का आरोप भी लगाया गया है. पीड़ित पक्ष का ये भी कहना है कि मारपीट के दौरान ही आरोपियों ने उनके घर में रखे गहने और पैसे भी लूट लिए.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति न बने. पुलिस का कहना है कि ये मामला संवेदनशील है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे गिरफ्तारी होगी.
वहीं, आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के कुछ लोगों का कहना है कि यह सिर्फ पैसों को लेकर कुछ लोगों के बीच हुआ एक विवाद था, लेकिन इसे जातिगत रंग देकर गांव में रहने वाले ब्राह्मण समुदाय के सभी लोगों पर मुकदमा कर दिया गया. कई लोगों ने FIR में शामिल किए गए नामों पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि बिना जांच के सामूहिक रूप से नाम जोड़ दिए गए हैं. आरोप ये भी है कि FIR में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो सालों से इस गांव में नहीं रहते. ये जानकारी सामने आने के बाद ये मामला और भी चर्चा में आ गया.
इलाके के DSP प्रभाकर तिवारी ने मीडिया को बताया कि यह पूरा मामला पैसों के लेनदेन से जुड़ा है, पुराना विवाद चला आ रहा था. 31 जनवरी की रात में मारपीट हुई, जिसमें 10 से ज्यादा लोग घायल हुए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है. पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है. प्राथमिकी दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.
वीडियो: एससी-एसटी समुदाय के क्रीमी लेयर को रिजर्वेशन से बाहर रखने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

















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