उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जुलाई को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की नई हेडक्वार्टर बिल्डिंग का उद्घाटन किया. यूपी के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नए बिल्डिंग मुख्यालय की लागत 200 करोड़ रुपये से ज्यादा है. लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन पुरानी बहराइच की घटना भी जिक्र किया, जिसमें मगरमच्छ के हमले से एक बच्चे की मौत हो गई.
'मगरमच्छ ने 12 साल के लड़के को निगल डाला, लोग वीडियो बनाते रहते हैं,' सीएम योगी आदित्यनाथ बोले
CM YogiAdityanath ने जोर दिया कि लोगों को पता होता है कि कौन सा इलाका खतरनाक है. लोगों को उस खतरे के बारे में बाकी लोगों को आगाह करना चाहिए. उन्होंने बहराइच में मगरमच्छ के हमले में मारे गए एक बच्चे की मौत का भी जिक्र किया.


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजास्टर मैनेजमेंट की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आपदा के बेहतर प्रबंधन से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है. प्रदेश में खतरनाक जानवरों के हमलों की संवेदनशीलता को देखते हुए इन्हें आपदा माना गया है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा के श्रेणी मे रखकर राहत देने का काम किया है.
इंसान और जानवर के संघर्ष पर बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच की घटना का उदाहरण दिया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा,
"मैं देख रहा था... बहराइच के पास एक घटना घटित हुई. एक 12 साल के लड़के को क्रोकोडाइल ने पूरी तरह निगल डाला."
मुख्यमंत्री ने आगे कहा,
"लोग वीडियो बनाते रहते हैं, लेकिन कोई भी उसके बारे में बचाव के लिए या वहां ना जाने के लिए लोगों को हिदायत नहीं देते हैं. 12 साल की उम्र क्या होती है? लेकिन उस बच्चे को क्रोकोडाइल निगल गया."
योगी आदित्यनाथ ने जोर दिया कि लोगों को पता होता है कि कौन सा इलाका खतरनाक है. लोगों को उस खतरे के बारे में बाकी लोगों को आगाह करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा,
"लोगों को पहले से पता है कि क्रोकोडाइल के प्रति कौन से क्षेत्र संवेदनशील हैं. ऐसा तो नहीं है कि क्रोकोडाइल बहुत लंबी दूरी तय करता हो. मुश्किल से अपने पूरे जीवनभर में 3-4 किलोमीटर के दायरे में रहता है. उसके उस लक्षण के बारे में हमें जानकारी है."
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सवाल किया कि अगर इसके बावजूद जबरदस्ती कोई व्यक्ति उसके (मगरमच्छ) साथ खिलवाड़ करने लग जाए? हम लोगों को उसके बारे में ना बताए? उसके बारे में कोई अलर्ट वहां पर जारी ना हो? तो क्या होगा?
9000 लोग आपदा की चपेट मेंयोगी आदित्यनाथ ने बिजनौर दौरे को याद करते हुए कहा कि बीते दो साल में बिजनौर में 80 तेंदुए रेस्क्यू किए गए. वहां लोगों ने उन्हें बताया कि गन्ने की बेल्ट में तेंदुए ज्यादा पाए जाते हैं. सीएम ने कहा कि अगर हम ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें और लोगों के अलर्ट करें तो जान-माल का नुकसान कम होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 4000 लोग इंसान और जानवरों के बीच टकराव से प्रभावित हुए. राज्य में कुल 9000 से ज्यादा लोग आपदा की चपेट में आए. इसकी टाइमलाइन का जिक्र उन्होंने नहीं किया. योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी बहुत आगे पहुंच गई है. टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करके हम ऐसा सिस्टम विकसित कर सकते हैं, जिससे कम से कम डेढ़-दो घंटे पहले बिजली गिरने का पता चल जाए.
200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बने यूपी डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के नए हेडक्वार्टर को मॉडर्न फैसिलिटी वाले एक बेहतरीन डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (आपदा प्रबंधन केंद्र) के तौर पर तैयार किया गया है.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 24x7 काम करने वाला मॉडर्न 'स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर' भी है. इस बिल्डिंग में 200 से ज्यादा लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक मॉडर्न ऑडिटोरियम, क्लासरूम, लेक्चर हॉल, हॉस्टल और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं.
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इसके अलावा, राज्य के डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने के लिए एक 'डिजिटल कमांड, कंट्रोल एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर' भी बनाया गया है. हेडक्वार्टर की नई बिल्डिंग लखनऊ में शहीद पथ पर डायल-112 हेडक्वार्टर के पास बनी है.
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