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पश्चिम बंगाल के स्वामी प्रदीप्तानंद पर रेप मुकदमा दर्ज, इसी साल मिला था पद्मश्री सम्मान

West Bengal: स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ Kartik Maharaj को इसी साल पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया था. महिला ने आरोप लगाया कि रेप के बाद जब वह गर्भवती हो गई, तो उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया.

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स्वामी प्रदीप्तानंद को इसी साल पद्म श्री पुरस्कार से मिला था (फोटो: इंडिया टुडे)

पश्चिम बंगाल में एक महिला ने स्वामी प्रदीप्तानंद (Swami Pradiptananda) पर रेप का आरोप लगाया है. महिला का आरोप है कि स्वामी प्रदीप्तानंद ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया. पुलिस ने महिला की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है. 

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क्या है पूरा मामला?

स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज को इसी साल पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया था. जो देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. वे मुर्शिदाबाद में भारत सेवाश्रम संघ की बेलडांगा इकाई से जुड़े हुए हैं. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने शुक्रवार, 27 जून को मामले की जानकारी दी. FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने भारत सेवाश्रम संघ में शिक्षक का नौकरी मांगी थी. महिला ने बताया,

कार्तिक महाराज ने आश्वासन दिया था कि नौकरी मिल जाएगी. मुझे 2013 में चाणक आदिवासी बालिका विद्यापीठ हॉस्टल की चौथी मंजिल पर ठहराया गया था. जहां कार्तिक महाराज ने स्थायी नौकरी दिलाने का वादा करके मेरे साथ बलात्कार किया.

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महिला ने आरोप लगाया कि जून 2013 में जब वह गर्भवती हो गई, तो उसे बहरामपुर के एक निजी अस्पताल में गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया. उसने दावा किया कि उसे हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया और वादा किया गया कि उसे घर पर ही वेतन मिलेगा. लेकिन जल्द ही भुगतान बंद कर दिया गया. पीड़िता ने अपने बयान में कहा,

मैंने 12 जून को महाराज को फोन किया और उन्होंने मुझे अगली शाम मिलने के लिए कहा. 13 जून को दो लोग मुझे चार पहिया वाहन ले गए और वादा किया कि वे मुझे महाराज के पास ले जाएंगे. लेकिन कुछ दूर जाने पर उन्होंने मुझे SUV से धक्का दे दिया और चेतावनी दी कि मैं उनसे संपर्क करने की कोशिश न करूं.

रेप के आरोप पर क्या कहा?

कार्तिक महाराज ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, 

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समय सब कुछ बता देगा. यह मेरे नाम और प्रसिद्धि को बदनाम करने की साजिश है. हमारे आश्रम में कई महिलाएं काम करती हैं और कई महिला शिष्याएं हैं. उनसे पूछिए, सभी यही कहेंगी कि हम महिलाओं का अपनी मां की तरह सम्मान करते हैं. आप शिकायतकर्ता के पिता या परिवार के सदस्यों से भी संपर्क कर सकते हैं.

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच चल रही है.

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कौन हैं स्वामी प्रदीप्तानंद?

स्वामी प्रदीपानंद, पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम रहे हैं. खासकर 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनका सार्वजनिक विवाद हुआ था. ममता ने तृणमूल के एजेंटों को अपने आश्रम में बैठने की अनुमति नहीं देने के लिए उनकी आलोचना की थी और उन पर ‘राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. 

इसके अलावा भी स्वामी प्रदीपानंद अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं. अपने एक बयान में उन्होंने कहा था, “भारत का दुर्भाग्य है कि मोहनदास गांधी को राष्ट्रपिता माना जाता है”. इसके अलावा उन्होंने हिंदुओं से अपील की थी कि वे ‘रोमांटिक कृष्ण’ के तौर पर कृष्ण को पूजने की बजाय ‘योद्धा रूप’ में चक्रधारी कृष्ण की पूजा शुरू करें.

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