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उत्तराखंड के जोशीमठ में निर्माणाधीन सरकारी बिल्डिंग में नमाज पढ़ी गई, वीडियो आया तो हंगामा मच गया

हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन और उप विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) चंद्रशेखर वशिष्ठ के साथ मिलकर आपत्ति दर्ज कराई. हिंदू संगठनों का कहना है कि किसी भी सरकारी जमीन या भवन में नमाज पढ़ने की अनुमति देना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है.

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जोशीमठ में सरकारी बिल्डिंग में नमाज पढ़ने को लेकर बवाल हो गया. (इंडिया टुडे)
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कमल नयन सिलोड़ी

उत्तराखंड के जोशीमठ में नगरपालिका के एक निर्माणाधीन भवन के अंदर नमाज अता करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसे लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया.

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यह घटना 18 फरवरी की शाम जोशीमठ के मीट बाजार इलाके की है. यहां नगरपालिका का एक हॉल बनाया जा रहा है. स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हॉल के अंदर नमाज अता की. वायरल वीडियो में कई लोगों को अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के भीतर नमाज पढ़ते देखा जा सकता है. 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बिल्डिंग में टेबल टेनिस खिलाड़ियों के प्रैक्टिस के लिए हॉल का निर्माण किया जा रहा है. लोगों ने सरकारी बिल्डिंग का धार्मिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं.

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18 फरवरी की रात को नमाज अता करने का वीडियो सामने आया. 19 फरवरी को हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन और उप विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) चंद्रशेखर वशिष्ठ के साथ मिलकर आपत्ति दर्ज कराई. हिंदू संगठनों का कहना है कि किसी भी सरकारी जमीन या भवन में नमाज पढ़ने की अनुमति देना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है. 

फिलहाल प्रशासन ने इस मामले में दोनों पक्षों से शांति और सौहार्द बरतने की अपील की है. SDM चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया, 

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ये हमारे संज्ञान में आया है. यहां के कुछ लोकल लोगों का कहना है कि नगरपालिका की स्वामित्व वाली बिल्डिंग में एक धर्म के लोग नमाज पढ़ रहे थे. जैसे ही मामला हमारे संज्ञान में आया दोनों पक्षों को हमने बुलाया और इसके समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं. हमारी कोशिश है कि किसी तरह की कोई अव्यवस्था की स्थिति नहीं हो और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे.

बीजेपी के मंडल अध्यक्ष अमित सती और महामंत्री समीर डिमरी ने इस घटना को नगरपालिका की चूक बताया है. इन नेताओं ने कहा कि अगर दोबारा इस तरह की घटना हुई तो वे लोग इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे.

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