दिल्ली में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोल रखा है. कथित वोट चोरी के मुद्दे पर पार्टी की टॉप लीडरशिप एक्शन मोड में है. लेकिन यूपी में कांग्रेस के लोग आपस में ही ‘लड़’ रहे हैं. पार्टियों के अंदर आमतौर पर आपस में असहमतियां भी होती है लेकिन यूपी कांग्रेस में ये असहमति हाथापाई तक पहुंच गईं. 11 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी हेडक्वार्टर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ममता चौधरी के समर्थक आपस में भिड़ गए. ये घटना तब हुई जब यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद अपना पद संभाल रहे थे.
अजय राय को 'अध्यक्ष जी' बोलने पर बवाल! कांग्रेस दफ्तर में 'मार' हो गई, जूते भी चले
लखनऊ में 11 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान दो गुटों के समर्थकों में झड़प हो गई. कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल फेंके जाने की खबरें आईं

प्रदेश कार्यालय पर दोनों गुटों में टकराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों ने नारे लगाए और हाथों में जूते लेकर विरोध प्रदर्शन किया. हाथापाई और जूते फेंके जाने तक की भी खबरें हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब कार्यक्रम चल रहा था, तब अजय राय अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे. वहां भीड़ जमा हुई तो अजय राय के समर्थकों ने लोगों से रास्ता बनाने के लिए कहा. उन्होंने रास्ता बनाते हुए कहा,
अध्यक्ष जी आ रहे हैं, कृपया रास्ता खाली कर दें.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर ममता चौधरी के समर्थकों ने जवाब में पूछा, ‘कौन से अध्यक्ष?’ बस इसी बात पर बहस शुरू हो गई, जो तेजी से हाथापाई में बदल गई. जूते-चप्पल भी निकल आए. झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर भी आया और खूब वायरल हुआ.
खबर है कि इस घटना के बाद अजय राय मीटिंग छोड़कर कार्यकर्ताओं के साथ वापस जाने लगे. इसके बाद उन्हें मनाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी उनके पीछे गए. एक और वीडियो में तिवारी अजय राय के साथ मान-मनौव्वल करते दिख रहे हैं. इमरान मसूद भी उनके साथ दिखाई देते हैं. इस वीडियो में अजय राय के समर्थक किसी महिला को अपशब्द कहते भी सुने जा सकते हैं. हालांकि, वीडियो की सत्यता की पुष्टि हम नहीं करते.
प्रमोद तिवारी के मनाने के बाद अजय राय वापस दफ्तर पहुंचे और बाकी कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने गलत टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की मांग के सवाल पर कहा,
अजय राय ने की कार्रवाई की मांगनिश्चित तौर पर कुछ ऐसे लोग हैं जो पार्टी विरोधी कार्य कर रहे हैं. उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
घटना के बाद, अजय राय ने राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के सामने यह मामला उठाया. अजय राय ने इस घटना में शामिल लोगों पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया. उन्होंने मांग की कि ममता चौधरी को पार्टी से निकाल दिया जाए.
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इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक, अजय राय को भरोसा दिलाया गया है कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ये बात पहले बहस से शुरू हुई. लेकिन जल्द ही दोनों गुटों के बीच हाथापाई में बदल गई. जूते फेंके जाने की भी खबरें आईं, हालांकि झड़प कितनी गंभीर थी. इस बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई. कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक ममता चौधरी पर कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की है.
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