UGC के नए नियमों के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद से सोशल मीडिया पर और भी अफसरों के पद छोड़ने के दावे सामने आने लगे. ऐसी ही एक चर्चा मध्य प्रदेश कैडर के IPS अभिषेक तिवारी को लेकर है. साल 2013 बैच के अफसर के बारे में कहा गया कि UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध में उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. इससे संबंधित पोस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं.
UGC विवादः IPS के 'इस्तीफे' का सच खुला, इसे 'शासन को तमाचा' बताने वाले मुंह छिपाएंगे!
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बाद मध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. जिसे लोग UGC Rules के विरोध से जोड़कर देख रहे हैं.
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यूजीसी नियमों में बदलाव का विरोध करने वाले तिवारी के इस्तीफे को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के हालिया इस्तीफे से भी जोड़ रहे हैं और इसे 'प्रशासन के मुंह पर तमाचा' बता रहे हैं. लेकिन क्या सच में IPS अफसर अभिषेक तिवारी ने UGC विवाद को लेकर इस्तीफा दिया है?
विकास पांडेय नाम के एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा,
पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और अब IPS अभिषेक तिवारी का यूजीसी के सवर्ण विरोधी गाइडलाइंस के विरोध में इस्तीफा.
फिर मंजु शुक्ला नाम की यूजर ने लिखा,
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बाद मध्य प्रदेश कैडर के 2013 बैच के IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी ने भी UGC के विरोध अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।यह काम करना तो नेताओं को चाहिए था लेकिन अफसोस.
कुछ ऐसा ही अभय दीक्षित नाम के यूजर ने लिखा,
एक और त्यागपत्र. MP के सागर जिले के IPS अभिषेक तिवारी ने UGC बिल के विरोध मे त्यागपत्र दिया. ये शासन के मुंह पर सीधा तमाचा है.
अब सवाल है कि क्या अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दिया है? अगर दिया है तो क्या UGC के नए नियमों के विरोध में किया है? आइए बताते हैं कि इस दावे का सच क्या है?
पहली बात तो ये कि IPS अभिषेक तिवारी के इस्तीफे की बात सच नहीं है. उन्होंने लोकसेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लिया है. इसके पीछे उन्होंने कारण बताया है कि वो अब साइबर टेक्नॉलजी के क्षेत्र में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहे हैं. यानी बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और IPS अभिषेक तिवारी के इस्तीफे के बीच कोई कनेक्शन नहीं है. दोनों के इस्तीफे की वजहें अलग-अलग हैं. अभिषेक तिवारी के इस्तीफे का UGC के नए नियमों से कुछ लेना-देना नहीं है. न ही उन्होंने इस्तीफा देते हुए UGC के खिलाफ कुछ कहा.
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कौन हैं अभिषेक?
अभिषेक मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले हैं. 6 अप्रैल 1984 को उनका जन्म हुआ. जबलपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद फाइनेंस से PG डिप्लोमा किया. मुंबई में मैनेजमेंट कंपनी में दो साल तक काम भी किया. 2012 में UPSC क्लियर कर 2013 बैच के IPS अधिकारी बने. बतौर SP पहली पोस्टिंग बालाघाट में हुई. यहां उन्हें अपने कामों के लिए राष्ट्रपति से वीरता पदक भी मिला. वो रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके हैं. अभी वो नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन (NTRO) में पदस्थ हैं.
वीडियो: UGC मामले में इस्तीफा देने वाले SDM अलंकार अग्निहोत्री की पूरी कहानी












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