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जयपुर में 12 साल के बच्चे को मारकर शव नाले में फेंका, 3 नाबालिग हिरासत में

पीड़ित को इतनी बेरहमी से मारा गया कि उसका सिर उसके शरीर से अलग एक सीवर में मिला. इससे यह भी शक होता है कि उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया था.

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जयपुर पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है (PHOTO-AajTak)

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  • जयपुर में तीन नाबालिग लड़कों ने 12 साल के बच्चे की हत्या कर दी, जिसके सिर का धड़ से अलग होना और गला काटे जाने की आशंका है, और हत्या का कारण बच्चा का आरोपियों की बहन से विवादित संवाद था।
  • इस मामले की पृष्ठभूमि में आरोपियों और मृतक के मोहल्ला एक जैसा था और घटना उस बात को लेकर हुई, जिसका आरोपियों की बहन के साथ विवाद था, तथा पुलिस ने 150 से अधिक लोगों से पूछताछ की।
  • जांच में पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया तथा एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर सबूत और टेक्निकल डेटा के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाई है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक 12 साल के बच्चे को उसी के मोहल्ले के तीन नाबालिग लड़कों ने जान से मार दिया. पुलिस ने बताया कि मृत लड़के ने कथित तौर पर आरोपियों में से एक की बहन से कुछ ऐसा कह दिया था, जो उन्हें पसंद नहीं आया. इसके बाद हत्या की गई. लड़के का सिर धड़ से अलग एक नाले में पड़ा मिला. ऐसी आशंका है कि बच्चे का गला काटा गया था. हालांकि, पुलिस को उसके शव पर किसी तरह के धारदार हथियार के निशान नहीं मिले हैं.     

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क्या है पूरी घटना?

जयपुर पुलिस ने इस केस में तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि उन्होंने 12 साल के एक लड़के की हत्या कर दी, क्योंकि उस लड़के ने आरोपियों में से एक की बहन से कथित तौर पर कुछ ऐसा कहा था, जो उन्हें पसंद नहीं आया. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित और आरोपी एक ही इलाके के रहने वाले हैं. आरोपियों की उम्र भी 10 से 12 साल के बीच है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों में से दो की उम्र 12 साल से भी कम है. 

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150 से अधिक लोगों से हुई पूछताछ

इस मामले में जयपुर पुलिस ने जांच का जिम्मा स्टेशन हाउस ऑफिसर गुर भूपेंद्र सिंह और DST इंचार्ज विशंभर को दिया. इन दोनों अधिकारियों की अगुवाई में हुई जांच के बाद पुलिस का दावा है कि उन्होंने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है. इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक केस की जांच के दौरान 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद यह मामला सुलझाया गया है. हालांकि ये अपराध जितना गंभीर है, उसे देखते हुए पुलिस कोई चांस नहीं लेना चाहती थी. इसलिए जयपुर पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई. 

जांच के दौरान, अधिकारियों ने 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की. इसके बाद पुलिस ने क्राइम सीन से मिले सबूत, टेक्निकल डेटा और अन्य सुरागों को जुटाया. सारे सबूतों के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि इस मामले में तीन नाबालिग शामिल हैं. शुरुआती जांच के बाद, पुलिस ने टेक्निकल सबूतों और पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा. साथ ही पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है.

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