हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के अंदर हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप उसी जेल में बंद कैदी अरुण चौधरी पर है. रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली गांव से दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था. उस पर अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने का आरोप था. घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताकर आरोपी का धन्यवाद करता नजर आ रहा है.
राम मंदिर हमले की साजिश का आरोपी अब्दुल रहमान जेल में मारा गया! रोहित गोदारा गैंग से जुड़ी पोस्ट वायरल
हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या से सनसनी फैल गई है. राम मंदिर हमले की साजिश के आरोप में गिरफ्तार रहमान पर जेल के अंदर कैदी ने हमला किया, जबकि रोहित गोदारा गैंग से जुड़ी बताई जा रही एक सोशल मीडिया पोस्ट भी वायरल है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 8 फरवरी की देर रात हुई. अब्दुल रहमान पर किसी नुकीली चीज से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी अरुण को कुछ समय पहले ही जम्मू-कश्मीर से नीमका जेल शिफ्ट किया गया था. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है.
पोस्ट में क्या लिखा है?महेंद्र डेलाना नाम के व्यक्ति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट कर खुद को रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताया. उसने लिखा कि फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान को मार दिया गया है. पोस्ट में दावा किया गया कि,
फरीदाबाद के जेल में आतंकी अब्दुल रहमान को मार दिया गया है. जब ये पकड़ा गया था तब इसके पास 2 ग्रेनेड मिले थे और ये देश के खिलाफ कई गतिविधियों में शामिल था. भाई अरुण चौधरी ने इसे अंजाम तक पहुंचाया है. उनको हम तहे दिल से धन्यवाद करते हैं.

मार्च 2025 में गुजरात ATS और हरियाणा STF ने संयुक्त कार्रवाई में 20 वर्षीय अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद हुए, जिन्हें बाद में निष्क्रिय कर दिया गया. उसके पास से कुछ वीडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी जानकारी थी.
जांच में यह भी सामने आया कि रहमान का अल-कायदा से कथित संबंध था. वह अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था. रिपोर्ट के अनुसार, अबू सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए उसे दो हैंड ग्रेनेड और एक डेटोनेटर छिपाने के लिए दिए थे.
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जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान करीब डेढ़ साल से सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान दे रहा था. उसने पहले TikTok पर वीडियो डालने शुरू किए और बैन लगने के बाद इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया. वहां भी वह भड़काऊ वीडियो पोस्ट करता रहा. कई चेतावनियां मिलने के बाद भी उसकी गतिविधियां जारी रहीं. बताया जाता है कि इन्हीं वीडियो के जरिए वह अबू सूफियान की नजर में आया और बाद में AQIS तथा ISKP जैसे आतंकी नेटवर्क से जुड़ गया.
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