तेलंगाना के कई सरकारी दफ्तरों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से हाजिरी लगाई जाती है, लेकिन यह सिस्टम कथित तौर पर एक मजदूर को पहचानने में फेल हो गया. मजदूर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) योजना के तहत काम करता है. उसके सुपरवाइजर ने हाजिरी लगाने के लिए फेस को स्कैन किया, लेकिन सिर पर बाल न होने की वजह से सॉफ्टवेयर उसे पहचान ही नहीं पाया और उसकी हाजिरी नहीं लग पाई. बाद में मजदूर को उधार के बालों पर हाजिरी लगवानी पड़ी. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
गंजा होकर आए मजदूर को ऐप ने नहीं पहचाना, महिला ने सिर पर बाल रखे तो अटेंडेंस लगी
महिला की सलाह पर श्रीनिवास और उनके सुपरवाइजर ने वैसा ही किया. उन्होंने महिला के लंबे बालों को अपने सिर पर रखा. इसके बाद सुपरवाइजर ने ऐप पर उनके चेहरे को स्कैन किया. इस बार ऐप ने श्रीनिवास को पहचान लिया और उनकी हाजिरी लग गई.


गंजा होकर आए मजदूर को सॉफ्टवेयर ने नहीं पहचाना
महबूबाबाद जिले स्थित इनुगुर्थी मंडल के कोटिपल्ली गांव के श्रीनिवास को इस अजीब अनुभव से दो-चार होना पड़ा. इंडिया टुडे से जुड़े अब्दुल बशीर की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीनिवास ने हाल ही धार्मिक मान्यताओं की वजह से अंजनेय स्वामी मंदिर में अपने सिर के बालों को चढ़ाया था. इसकी वजह से वह गंजे हो गए हैं.
गुरुवार, 28 मई को बिना बालों के श्रीनिवास अपने काम पर लौटे. हाजिरी के समय उनके सुपरवाइजर ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए ऐप से चेहरे को स्कैन किया, लेकिन हाजिरी नहीं लगी. ऐप में इन्स्टॉल सिस्टम ने श्रीनिवास को पहचाना ही नहीं. अब श्रीनिवास परेशान हो गए. बाद में उनके साथ में काम करने वाली एक महिला ने अपने लंबे बालों को उनके सिर पर रखकर स्कैन करने की सलाह दी.
महिला की सलाह पर श्रीनिवास और उनके सुपरवाइजर ने वैसा ही किया. उन्होंने महिला के लंबे बालों को अपने सिर पर रखा. इसके बाद सुपरवाइजर ने ऐप पर उनके चेहरे को स्कैन किया. इस बार ऐप ने श्रीनिवास को पहचान लिया और उनकी हाजिरी लग गई.
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ऐसा कारनामा करते समय किसी ने रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में मजदूर को अपने सिर पर महिला के बाल को लगाते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. हालांकि, श्रीनिवास की हाजिरी तो लग गई, लेकिन सरकारी फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी की कमियों पर सवाल भी खड़े हो गए.
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