पढ़ाई-लिखाई तो होती रहेगी पहले रील बनाते हैं. रील भी इसलिए भी बना लेते हैं कि क्योंकि आलाकमान का आदेश आया है. आदेश में कहा गया है कि रील बनाओ और इतनी अच्छी रील बनाओ कि स्टूडेंट्स और उनके पैरेट्स हमारी गलतियों को भूल जाएं और ‘सब चंगा सी’ के भ्रम में फंस जाएं. ऐसा इसलिए कह जा रहा है, क्योंकि आरोप है कि CBSE ने स्कूलों के प्रिंसिपल को कुछ ऐसा ही करने का आदेश दिया है.
OSM विवाद के बीच CBSE ने स्कूल प्रिंसिपल्स को रील बनाने का दिया निर्देश?
CBSE OSM controversy: एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि CBSE ने OSM विवाद के बीच स्कूलों के प्रिंसिपल को रील बनाने का निर्देश दिया है. इसके लिए उन्हें एक स्क्रिप्ट भी भेजी गई है. सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल है.


हिंदुस्तान टाइम्स के संजय मौर्य की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' यानी OSM सिस्टम का बचाव करने को कहा गया है. इन स्कूलों में CBSE एफिलेटेड हजारों स्कूल, सरकारी केंद्रीय स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय शामिल हैं. सोशल मीडिया पर इसे जुड़े कुछ वीडियो भी वायरल है. दावा किया जा रहा है कि CBSE, 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' सिस्टम का बचाव करने के लिए स्कूल प्रिंसिपल्स को स्क्रिप्ट भेज रहा है. और यही स्क्रिप्ट स्कूल प्रिंसिपल भी पढ़ कर रहे हैं. कुछ वीडियो में साफ तौर पर ये भी दिख भी रहा है कि कैसे टीचर शब्दश: स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं.
वीडियो के पीछे की कहानीवीडियो में लगभग सारे टीचर एक ही बात कह रहे हैं. मसलन, "किसी भी तकनीक को इतने बड़े पैमाने पर लागू करने के मामले में, कुछ शुरुआती दिक्कतों ने चिंता पैदा की है. कृपया घबराएं नहीं. मैं हर छात्र और अभिभावक को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी बच्चे को तकनीकी त्रुटि के कारण नुकसान नहीं होने दिया जाएगा."
सोशल मीडिया में जिन टीचर और प्रिंसिपल का वीडियो का वायरल है, उनमें - DPS सिलीगुड़ी की प्रिंसिपल, New Era School बड़ौदा की प्रिंसिपल, लक्ष्मीपत सिंघानिया एकैडमी, कोलकाता के डायरेक्टर और भी कई टीचर और प्रिंसिपल के नाम हैं. जिनकी लिस्ट काफी लंबी है.
वैसे CBSE की इस टूलकिट में सिर्फ प्रिंसिपल शामिल नहीं है बल्कि स्टूडेंट्स को भी शामिल किया गया है. मणिपुर और अरुणाचल के स्कूली बच्चों से भी ये स्क्रिप्ट पढ़ने को कहा जा रहा है. और इस बात का खुलासा इस स्क्रीनशॉट से हो रहा है. DPS Nerul, नवी मुंबई की ओर से इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया गया. जिसके आखिर लाइन में लिखा है - सादर, City Coordinator CBSE. ऐसे बहुत सारे वीडियो और स्क्रीनशॉट अब वायरल हैं.

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, CBSE की ओर से कोई भी आधिकारिक लिखित निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें OSM प्रक्रिया की तारीफ करने का वीडियो बनाने को कहा गया हो. सूत्रों ने ये भी स्पष्ट किया कि बोर्ड ने स्टूडेंट्स, टीचर्स या प्रिंसिपल को इस व्यवस्था के पक्ष में बयान देने के लिए मजबूर करने हेतु कोई भी ज़बरदस्ती वाला कदम नहीं उठाया है.
हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में दिल्ली स्थित एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
"मैंने देखा कि इंस्टाग्राम पर ऐसे प्रधानाचार्यों की भरमार है जो CBSEऔर ओएसएम प्रक्रिया का समर्थन कर रहे हैं, जबकि वे छात्रों को होने वाली समस्याओं के बारे में भली-भांति जानते हैं. मुझे रीजनल ऑफिस से एक लेटर आया था. हालांकि, मुझे लगता है कि हमें छात्रों की चिंताओं, तनाव और पीड़ा को आवाज़ देनी चाहिए क्योंकि उनका भविष्य दांव पर लगा है. इसलिए, मैंने CBSE के OSM के पक्ष में कोई वीडियो नहीं बनाया."
OSM को लेकर विवाद क्यों?CBSE का रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने इसी OSM प्रक्रिया पर सवाल उठाए. OSM प्रक्रिया में टीचर कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपियां चेक करते हैं. फिर दिए गए नंबर सीधे डिज़िटली रिकॉर्ड किए जाते हैं. आरोप लगा कि OSM सिस्टम से सही से कॉपियों की जांच नहीं हुई, जिसके चलते उनके अंक कम आए हैं. वहीं कुछ छात्रों ने गलत आंसर-शीट देने और उनकी कॉपियों के बदलने की भी शिकायत की. लेकिन अब कुछ स्कूल के प्रिंसिपल, टीचर और छात्र का दावा है कि ये सिस्टम अच्छा है.
वीडियो: CBSE OSM Controversy: धर्मेंद्र प्रधान और राहुल गांधी आम-सामने क्यों आ गए?























