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तरुण तेजपाल ने अपनी तुलना उमर खालिद से क्यों की?

Tarun Tejpal case: तरुण तेजपाल ने कहा है कि उमर खालिद, शरजील इमाम और सुरेंद्र गाडलिंग जैसे लोग जो बिना दोषी करार हुए सालों से जेल में बंद हैं, वो भी उनमें से एक हैं. ये आरोप भी लगाया है कि तहलका की स्टाइल ऑफ़ रिपोर्टिंग की वजह से वो टारगेट पर हैं.

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तरुण तेजपाल का कहना है कि तहलका की पत्रकारिता की वजह से वो निशाने पर हैं. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को ततुल तेजपाल को रेप केस में दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई, जबकि पहले 2021 में गोवा ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी किया था।
  • तरुण तेजपाल पर आरोप और सजा तहलका की पत्रकारिता के राजनीतिक विवादों और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के चलते आए, जिससे उन्हें वर्षों तक निशाना बनाया गया।
  • तरुण तेजपाल की सजा के खिलाफ बचाव पक्ष सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा, और उन्होंने कहा कि वे सभी सबूत सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करेंगे।

‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेप केस में 10 साल कैद की सज़ा सुनाई है. दोषी ठहराए जाने के बाद तरुण तेजपाल का बयान आया है. कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा ‘उमर खालिद, शरजील इमाम और सुरेंद्र गाडलिंग जैसे लोग जो बिना दोषी करार हुए सालों से जेल में बंद हैं, मैं भी उनमें से एक हूं.’ ये आरोप भी लगाया है कि तहलका की स्टाइल ऑफ़ रिपोर्टिंग की वजह से वो टारगेट पर हैं. 

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तरुण तेजपाल ने क्या कहा?

तरुण तेजपाल ने दावा किया है कि तहलका की पत्रकारिता से राजनीतिक हितों को नुकसान पहुंचता था. दावा किया कि इसी मतभेद की वजह से उन्हें गलत केस में फंसाया गया है. आगे कहा, 

‘मैंने 7.5 साल ट्रायल कोर्ट में केस लड़ा और वहां से बरी हुआ हूं. लेकिन सत्ता के खिलाफ जिसने भी लिखा या कुछ कहा उसको उन्होंने निशाने पर ले लिया. पिछले 13 साल से वो बदला लेने के लिए मेरे पीछे पड़े हैं. अभी इतने सबूत पड़े हैं कोर्ट में, जिसकी वजह से मुझे एक बार नहीं बल्कि 10 बार बरी हो जाना चाहिए था. लेकिन मुझे यकीन है कि इसी जुडिशरी में कुछ जज हैं जो सच देखेंगे.’

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शरजील इमाम और उमर खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में डाला गया है और उन्हें अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है. जबकि वकील-कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को भीमा कोरेगांव-एलगार परिषद मामले में आतंकवाद विरोधी प्रावधानों के तहत जेल में रखा गया है. लेकिन अभी तक ट्रायल शुरू नहीं किया गया है.

ये भी पढ़ें: रेप केस में तहलका के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे HC ने सुनाई 10 साल की सज़ा

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कोर्ट में क्या हुआ? 

6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने तरुण तेजपाल को रेप केस में दोषी पाया. तहलका की ही जूनियर महिला पत्रकार ने साल 2013 में ये केस दर्ज किया था. 2021 में गोवा के एक ट्रायल कोर्ट ने तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया है. बचाव पक्ष का कहना है कि अब वो सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालेंगे. 

तरुण तेजपाल ने ये आरोप लगाया है कि जिसने भी सत्ता के खिलाफ लिखा उसे निशाने पर लिया गया. आगे बयान में कहा कि उनकी पत्रकारिता रुक गई, तहलका पत्रिका को बंद करा दिया गया और यहां तक कि उनकी किताब भी छपने से रोक दी गई. तरुण का कहना है कि सारे सबूत पब्लिक के सामने लाए जाएंगे.

वीडियो: बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया, अब कितनी सजा होगी?

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